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बिना UPSC परीक्षा के बने भारत सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी

भारत सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एंट्री को लेकर अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया है. आईये जानते हैं इस विज्ञापन के बारे में

Jun 11, 2018 17:35 IST
Lateral Entry in the Civil Services

जी हाँ आपने सही पढ़ा, भारत सरकार के इस फैसले से अब बिना संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास किये भी आप भारत सरकार में ज्वॉइंट सेक्रेटरी के पद पर आसीन हो सकते हैं. भारत सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एंट्री को लेकर अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया है. माननीय प्रधान मंत्री ने जून 2017 में यह इच्छा जताई थी की सिवल सेवा में लेटरल एंट्री होनी चाहिए जिसके लिए तब प्रधान मंत्री कार्यालय ने डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) को निर्देश जारी किये थे.

उसी योजना को अमली जामा पहनाते हुए, अब डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) ने विस्तृत विज्ञापन जारी किया है. भारत सरकार ने लैटरल एंट्री के माध्यम से 10 संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) पदों के लिए अधिसूचना जारी करते हुए आवेदन आमंत्रित किए हैं. सरकार के इस फैसले के बाद अब संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा पास किए बिना भी योग्य उम्मीदवार सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बन सकते हैं.

भारत सरकार का विज्ञापन “ talented and motivated Indian nationals willing to contribute “ से शुरू होता है मतलब की सरकार इन पदों के लिए ऐसे उम्मीदवार खोज रही है जो भारत के विकास में योगदान करने के इच्छुक हों. इन पदों पर नियुक्ति के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) ने विस्तार से गाइडलाइंस के साथ अधिसूचना जारी की है. DOPT की अधिसूचना के तहत राजस्व, वित्तीय सेवा, आर्थिक मामले, कृषि, किसान कल्याण, सड़क परिवहन और हाइवे, शिपिंग, पर्यावरण विभाग में ज्वॉइंट सेक्रेटरी के 10 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं.

शैक्षिक योग्यता

विज्ञापन के अनुसार उम्मीदवार को स्नातक होना चाहिए तथा इन पदों पर आवेदन के लिए न्यूनतम आयु कम से कम 40 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है. उम्र का निर्धारण 1 जुलाई 2018 के आधार पर किया जाएगा. समान्य स्नातक डिग्री के साथ साथ किसी सरकारी या पब्लिक सेक्टर यूनिट या यूनिवर्सिटी या किसी प्राइवेट कंपनी में कम से कम 15 साल का अनुभव रखने वाले ही इन पदों के लिए आवेदन कर सकते है.

केवल ऑनलाइन आवेदन

इस प्रक्रिया की ख़ास बात ये हैं की पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन ही है. ऑनलाइन आवेदन के अलावा किसी भी प्रकार का पत्राचार मान्य नहीं है.
ऑनलाइन आवेदन के लिए https://lateral.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा तथा आवेदन करना होगा. इन पदों के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं आयोजित की जाएगी तथा सिलेक्शन समिति द्वारा शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जायेगा. इस समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सेक्रटरी करेंगे.

नियुक्ति की अंतिम तिथि

10 ज्वॉइंट सेक्रेटरी के पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई शाम 5 बजे तक है.

नियुक्ति की शर्तें

अधिसूचना के अनुसार, सभी ज्वॉइंट सेक्रेटरी के पद संविदात्मक (contractual) होंगे तथा इनका कार्यकाल 3 साल का होगा परन्तु अच्छा प्रदर्शन होने पर इन्हें 5 साल तक के लिए बढाया जाया सकता है. संविदात्मक होते हुए भी इन ऑफिसर्स को सरकारी कर्मचारी ही माना जायेगा तथा सेंट्रल सिविल सेवा कंडक्ट रूल्स इन पर भी लाघू होगा. रोज़गार अनुबंध को किसी भी तरफ से कम से कम 3 महीने की अवधि के साथ समाप्त किया जा सकता है।

सैलरी

इनकी सैलरी केंद्र सरकार के अंतर्गत ज्वॉइंट सेक्रेटरी की सैलरी के समकक्ष ही होगी. इनका पे बैंड Rs.144200-218200 प्रति माह होगा परन्तु अंतिम निर्णय सरकार का होगा की किस व्यक्ति को पे बैंड के किस स्तर पर रखना है.

नौकरशाही में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था, जब प्रशासनिक सुधार पर पहली रिपोर्ट आई थी, लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया. फिर 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई. लेकिन इस संबंध में पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई.

मोदी सरकार ने नौकरशाही में के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब अफसर बनने के लिए सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा. सरकार ने लैटरल एंट्री पॉलिसी को लागू कर दिया है, जिसके बाद अब प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले भी बड़े अधिकारी बन सकते हैं.

इस प्रस्ताव का हम सबको स्वागत करना चाहिए क्यूंकि ज्वॉइंट सेक्रेटरी का पद पालिसी निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण पद माना जाता है तथा लेटरल एंट्री होने से भारत में पालिसी निर्माण में नए आयाम जुड़ेंगे.