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आईआईएम्स से एमबीए : टॉप बी-स्कूल्स में प्लेसमेंट | आईआईएम कलकत्ता

Mar 18, 2019 16:52 IST

किसी भी बी स्कूल में एडमिशन लेते समय स्टूडेंट्स उस स्कूल के एमबीए प्लेसमेंट पर मुख्य रूप से गौर करते हैं.आईआईएम तथा अन्य बी-स्कूल्स से एमबीए करके छात्र आकर्षक ऑफर या पैकेज पर जॉब प्राप्त करते हैं. 6 और 7 फिगर वाले प्लेसमेंट अक्सर चर्चा के विषय होते हैं लेकिन इस विषय में कोई भी आईआईएम या बी स्कूल यह नहीं बताते कि आखिर यह प्लेसमेंट होता कैसे है ? इस वीडियों में आईआईएम कलकत्ता के ऑर्गनाइजेशनल बिहैवियर ग्रुप के फैकल्टी अभिषेक गोयल ने आईआईएम जैसे टॉप बी-स्कूल्स के प्लेसमेंट के बारे में अपने विचार व्यक्त किये हैं-

इन्टरव्यू का सारांश

टॉप बी स्कूल्स में प्लेसमेंट

किसी भी बी-स्कूल में प्लेसमेंट के लिए हमेशा मारामारी रहती है लेकिन अगर हम टॉप बी-स्कूल्स की बात करें तो वहां स्थिति बहुत ही जटिल है. टॉप बी-स्कूल्स में एमबीए प्लेसमेंट्स को लेकर स्थिति बहुत ही जटिल है क्योंकि यहाँ से छात्रों की उम्मीदें बहुत अधिक होती हैं तथा लोग 100 परसेंट प्लेसमेंट की आशा करते हैं. इससे इन बी स्कूल्स पर छात्रों तथा अभिभावकों की भावनाओं पर खरे उतरने को लेकर बहुत अधिक प्रेशर रहता है. टॉप बी-स्कूल्स में एमबीए प्लेसमेंट के लिए मुख्य रूप से तीन स्टेकहोल्डर्स होते हैं –

  • इंस्टीट्यूट
  • स्टूडेंट्स
  • रिक्रूटर्स

इन तीनों स्टेकहोल्डर्स की उम्मीदें अलग अलग होती हैं जो किसी खास बिंदु पर आकर एक दूसरे से ओवरलैप करती हैं. छात्रों की अपेक्षाएं होती हैं कि इंस्टीट्यूट उनके लिए उच्च योग्यता वाले प्लेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराये.इससे इंस्टीट्यूट को निरंतर आगे बढ़ने की चुनौती का सामना करना पड़ता है. रिक्रूटर्स की यह उम्मीद होती है कि इंस्टीट्यूट उन्हें इंडस्ट्री के अनुकूल मैनेजर्स देने के विश्वसनीय कार्य को पूरा करे.वे अपने छात्रों के लिए सर्वोत्तम स्लॉट्स की उम्मीद करते हैं, इन अपेक्षाओं से इंस्टीट्यूट्स कठिनता से बंधें होते हैं.इंस्टीट्यूट का अपना मिशन, विजन और लक्ष्य भी होता है  जिसे एमबीए प्लेसमेंट के दौरान पूरा करने की आवश्यकता होती है.

इसलिए, जब टॉप बी-स्कूल्स में एमबीए प्लेसमेंट की बात आती है, तो दबाव 100% प्लेसमेंट हासिल करने का नहीं होता है बल्कि सभी तीन प्रमुख स्टेकहोल्डर्स की अपेक्षाओं को पूरा करने का होता है. इसके साथ ही संबंधित बी-स्कूल को उन प्रक्रियाओं को भी लागू करना होगा जो इन सभी घटकों की अपेक्षाओं को पूरा करेंगे. अगर संक्षेप में कहें, तो टॉप बी-स्कूल्स एक शानदार फील्ड हैं जहाँ अवसर की तलाश करने वाले उम्मीदवारों के लिए अनेक उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध होते हैं.

लेकिन, इस सब में सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि आप अवसर उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि रिक्रूट करने वाले ने जो अपेक्षा की है आप  उससे अधिक की डिलीवरी कर रहे हैं तथा यह टॉप बी-स्कूल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. यही वह जगह है जहाँ से छात्रों को प्लेस्ड होने का अवसर मिलता है.

आईआईएम कलकत्ता में प्लेसमेंट प्रक्रिया .

भारत में सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध बी-स्कूल्स में से एक होने के नाते, आईआईएम कलकत्ता के छात्रों को बहुत सारे अवसर मिलते हैं. इसके पीछे कई फैक्टर्स काम करते हैं जैसे-पूर्व छात्रों की कड़ी मेहनत, मेधावी छात्रों के एकेडमिक इंटेलिजेंस,फैकल्टी मेम्बर्स द्वारा किये जाने वाले सराहनीय प्रयास तथा इंस्टीट्यूट का एडमिनिस्ट्रेशन आदि.इन सभी फैक्टर्स की वजह से आईआईएम कलकत्ता भारत के पसंदीदा कैम्पस में से एक है जहाँ से कई कंपनिया अपने लिए एम्पलॉयी रिक्रूट करना चाहती हैं.

आईआईएम कलकत्ता में प्लेसमेंट प्रक्रिया के तहत तीन प्रमुख घटकों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है -

इंस्टीट्यूट के लिए  सही रिक्रूटमेंट प्रोसेस स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्लेसमेंट प्रक्रिया में सभी स्टेकहोल्डर्स की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है.इंस्टीट्यूट द्वारा परिभाषित प्लेसमेंट प्रक्रिया और दिशानिर्देश, बी-स्कूल्स को अपने मिशन, दृष्टि और लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं. छात्रों के लिए, आईआईएम कलकत्ता ने एक अद्वितीय प्लेसमेंट प्रक्रिया और कार्यक्रम को कुछ इस तरह से परिभाषित किया है कि वे छात्रों के लिए उच्च योग्यता वाले प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध करा सकें. यहाँ छात्र  रिक्रूटमेंट करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं. आईआईएम कलकत्ता छात्रों की सहायता के लिए अथक  प्रयास करते हुए छात्रों को सही स्किल्स के साथ इस तरह ट्रेंड करते हैं कि वे रिक्रूटर्स की उम्मीदों पर खरे उतर सकें तथा अपनी प्रतिभा का सही प्रदर्शन कर सकें. रिक्रूटर्स के लिए, प्लेसमेंट प्रक्रिया ऑर्गनाइजेशन के उद्देश्य को पूरा करने वाले आवश्यकताओं के साथ साथ उन्हें सही मैजेरियल टैलेंट को परखने तथा पहचानने में सहयोग करती है.

इसलिए, आईआईएम कलकत्ता का भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध बी-स्कूलों में से एक होने के बावजूद भी  यहाँ की प्लेसमेंट प्रक्रिया बदलते परिदृश्य के अनुरूप निरंतर विकसित होती जा रही है.

एक्सपर्ट के बारे में :

प्रोफेसर अभिषेक गोयल आईआईएम कलकत्ता में ऑर्गनाइजेशनल बिहैवियर ग्रुप के फैकल्टी हैं. वर्तमान में  वह आईआईएम  कलकत्ता में प्लेसमेंट सेल के चेयर पर्सन भी हैं. उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से (पीएचडी के समकक्ष) और इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए, एफएमएसआर, एएमयू से फेलोशिप प्राप्त की है. आईआईएम कलकत्ता में वे माइक्रो ऑर्गनाइजेशनल बिहैवियर,मैक्रो ऑर्गनाइजेशनल बिहैवियर, ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर एंड डिजाइन,चेंज मैनेजमेंट, ऑर्गनाइजेशन डेवेलपमेंट और क्रॉस कल्चरल मैनेजमेंट आदि विषय पढ़ाते हैं. वे लीडरशिप डेवलपमेंट, लीडरशिप और ऑर्गनाइजेशन कल्चर और सेंसमेकिंग / सिस्टम व्यू आदि विषयों पर कंसल्टिंग का कार्य भी करते हैं.