गणित की 3 ऐसी गलतियाँ जो सबसे होती हैं; आखिर क्या है बचने का तरीका?

आज हम इस आर्टिकल में 3 अलग अलग तरीके की गलातिओं के बारे में बात करेंगे जो अकसर हमसे हो जाती हैं और साथ ही साथ हम इसके निवारण की भी बात करेंगे.

Apr 19, 2019 09:52 IST
    common errors in maths
    common errors in maths

    जब आप कोई न्यू स्किल सीखते हैं तो क्या आप पहली बार में ही उसे पेर्फेक्ट्ली कर लेते हैं? या फिर कुछ सवालों को हल करने से पहले आप उनके जवाब को जानते होते हैं? ज़ाहिर सी बात है कि नही. अकसर हम एग्जाम में और रोजाना के लेन देन में कुछ ऐसी गलतियाँ करते है जिसका हमको पता भी नही चलता. हम सब के साथ ऐसा होता है कि एग्जाम में हम गणित के सवाल का जवाब सही करके आते है लेकिन बाद में पता चलता है कि कुछ कैलकुलेशन मिस्टेक हो गई और जवाब गलत हो गया.

    आज हम इस आर्टिकल में 3 अलग अलग तरीके की गलातिओं के बारे में बात करेंगे जो अकसर हमसे होजाती हैं और साथ ही साथ हम इसके निवारण की भी बात करेंगे.

    1. केयरलेस एरर:

    इस तरह की गलतियान तब होती हैं जब हम या तो ध्यान से काम नहीं करते या बहुत स्पीड से गणित के सवालों को हल करते हैं. आइये इस तरह की गलतियों के कुछ उदाहरण देखते हैं

    • किताब या प्रश्न पत्र से सवाल को गलत पढ़ना जिसके आधार पर सवाल शरू करना है
    • नंबर या डिजिट को गलत लिखना
    • नेगेटिव चिन्ह को लगाना या छोड़ना
    •  लापरवाही में लिखना
    • दिए गए निर्देश का पालन न करना
    • कैलकुलेटर में नंबर्स को गलत टाइप करना

    अब बात करेंगे की इसतरह कि गलतियों से कैसे बचा जासकता है

    • आराम से काम करें
    • महत्वपूर्ण पॉइंट्स को हाईलाइट करलें
    • ग्राफ पेपर का प्रयोग करें

    2. कम्प्यूटेशनल एरर  

    इसतरह कि गलती में छात्र गणात्मक तरीके में कहीं न कहीं गलती करते हैं जैसे कि जोड़ने , घटाने , गुणा करने या फिर विभाजन में.

    गणित के किसी बड़े सवाल को हल करते समय जिसमे की स्टेप वाइज सलूशन निकलते हैं और हर अगला स्टेप पिछले स्टेप के आधार पर होता है, कम्प्यूटेशनल एरर हो जाने के कारण पूरा सवाल गलत होजाता है क्योंकि अंत में जवाब गलत मिलता है. अकसर एग्जाम की कॉपी चेक करते समय इसतरह की गलती मिलती है.  

    आइये देखते हैं की इसतरह की गलती से कैसे बचा जासकता है

    • आराम से काम करें: स्पीड कम करके और आराम से अगर सवाल को हल किया जाए तो कम्प्यूटेशनल एरर से बचा जा सकता है
    • सवाल हल करने के बाद जवाब को ज़रूर चेक करें: अक्सर देखा गया है कि एक बड़ी और मुशकिल प्रॉब्लम को हल करने के बाद छात्र उस सवाल के सलूशन को रिवाइज़ नही करते है. हालाँकि अगर वो दोबारा चेक करें तो गलती को दूर कर सकते हैं
    • कैलकुलेटर का प्रयोग: छोटे बच्चों को कैलकुलेटर का प्रयोग करने कि आदत डालना सही नही है और वैसे भी छोटे बच्चों को गणित में ऐसे बड़े सवाल भी नही मिलते कि उनको कैलकुलेटर कि ज़रूरत पड़े. बड़े छात्रों को कैलकुलेटर का प्रयौग करना चाहिए क्योंकि उनके लिए सवाल के कांसेप्ट को समझना ज़यादा ज़रूरी होता है. अगर बड़े सवाल को हल करते समय छात्र कैलकुलेशन में फंस जाते हैं और जिसकी वजह से सवाल गलत होजाता है तो उनके लिए यह निराशा का कारण बनता है और धीरे धीरे उनकी गणित से रूचि कम होने लगती है.

    3. कॉनसेप्चुअल एरर

    इस तरह की गलती बच्चों से तब होती है जब वोह या तो अंडरलाइन किये गए कांसेप्ट को गलत समझ लें या फिर सवाल को हल करने के लिए गलत लॉजिक को लगाएं. पहली नज़र में इस तरह कि गलती को पकड़ पाना बहुत ही मुशकिल होता है और छात्रों के लिए भी बहुत मुशकिल होता है की उनको इस गलती का एहसास हो. परन्तु इस गलती को ठीक करना सबसे ज़रूरी है .

    जब एक छात्र कॉनसेप्चुअल एरर करता है तो उस केस में ऐसा भी मुमकिन है कि उसने सवाल को हल करते समय सारी कैलकुलेशन सही करी हों परन्तु इस गलती कि कारण अंत में जवाब गलत आएगा

    अब बात करेंगे की इसतरह की एरर या गलती से कैसे बचा जासकता है

    • गणित के कांसेप्ट और उसके पीछे के why को समझना
    • गणित के एक कांसेप्ट को कई तरीके से समझना
    • एक छात्र कांसेप्ट को अपने शब्दों में दुसरे छात्र को समझाए जिसको हम अंग्रेजी में math talks कहते हैं

    सारांश:

    दोस्तों ये थीं कुछ ऐसी गलतियाँ जिसको हम सब अपनी डेली लाइफ में हमेशा करते है और बड़ी बात तो ये होती है कि हमको इन गलतियों के एहसास भी नही होता. आशा करते हैं की हमारा यह लेख आपको गणित की इन 3 गलतियों से बचने में सहायक सिद्ध होगा.

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