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देश सेवा और भारत में विलेज हेल्थकेयर वर्कर का करियर स्कोप

इंडियन विलेज लाइफ में आशा वर्कर्स के महत्वपूर्ण योगदान सहित इंडियन विलेजर्स के कल्याण के लिए विभिन्न स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता संबंधी इन आशा वर्कर्स की अथक सेवाओं से हम सभी अच्छी तरह परिचित हैं. इस आर्टिकल में एक इंडियन विलेज हेल्थकेयर वर्कर के करियर स्कोप के बारे में पढ़ें.  

Jan 23, 2020 18:47 IST
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Career Scope of Village Healthcare Worker in India
Career Scope of Village Healthcare Worker in India

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक इस समय भारत में तकरीबन 6.5 लाख विलेजेस हैं जिनमें से तकरीबन 6 लाख गांवों में लोग रहते हैं. अब जिन भारतीय गांवों में लोग रहते हैं, उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य, शिक्षण और अन्य कई ग्रामीण विकास संबंधी सुविधाएं देने के लिए भारत सरकार देश में सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन चला रही है. हमारे देश के गांव-गांव में किसी आशा (एक्रीडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट्स) वर्कर/ एक्टिविस्ट को देखते ही गांव के बच्चों और महिलाओं के चेहरे पर आशा और ख़ुशी की मुस्कान फ़ैल जाती है और ऐसा क्यों न हो?......ये आशा वर्कर्स या विलेज हेल्थकेयर वर्कर्स भारत के अधिकतर विलेजेस में लोगों की हेल्थ सहित अन्य कई मसलों का सटीक समाधान जो पेश करते हैं. हमारे देश में इस समय लगभग 10 लाख महिला स्वयंसेवक आशा से जुड़ी हैं.

विलेज हेल्थकेयर वर्कर का काम

अगर हम भारत में किसी विलेज हेल्थकेयर वर्कर के कार्यों की चर्चा करें कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स के बारे में बात करना काफी जरुरी हो जाता है जैसेकि, ये विलेज हेल्थकेयर वर्कर या आशा एक्टिविस्ट्स नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत काम करते हैं और ‘आशा’ से जुड़ने के लिए ये एक्टिविस्ट्स कम से कम 8वीं पास हों. ये विलेज हेल्थवर्कर्स/ आशा एक्टिविस्ट्स हरेक गांव में घर-घर जाकर लोगों को विभिन्न हेल्थ इश्यूज़ की जानकारी देते हैं. ये महिला और/ या पुरुष विलेज हेल्थकेयर वर्कर्स अपने गांव में सभी किस्म की स्वास्थ्य सेवाएं और जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ भारत के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े निम्नलिखत कार्य भी करते हैं:

  • ग्रामीण परिवारों को टीकाकरण के लिए मोटिवेट करना.
  • ग्रामीण परिवारों को परिवार नियोजन के लाभ बताकर इसे अपनाने के लिए तैयार करना.
  • विभिन्न किस्म की बीमारियों की जानकारी देना और उन बीमारियों से बचने के तरीके भी बताना.
  • गर्भवती महिलाओं के स्वाथ्य की देखभाल करना.
  • जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की देखभाल करना.
  • लोगों को सफाई और पौष्टिक भोजन के बारे में सभी प्रकार की जरुरी जानकारी देना.
  • महीने में कम से कम एक बार अपने गांव में टीकाकरण, विलेज हेल्थ या पौष्टिक आहार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके ग्रामीण लोगों को सभी जरुरी जानकारी प्रदान करना.
  • ग्रामीण लोगों के लिए ईलाज, दवाई या अन्य जरुरी स्वास्थ्य सेवाओं की समय-समय पर व्यवस्था करना और किसी एमरजेंसी में रोगियों को निकट के अस्पताल या डिस्पेंसरी तक पहुंचाना.

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विलेज हेल्थकेयर वर्कर: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

अगर हम भारत में विलेज हेल्थकेयर वर्कर के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से 12वीं पास ऐसे कैंडिडेट्स जो अपने ग्रामीण समाज की विभिन्न समस्याएं और विशेषकर, हेल्थ संबंधी इश्यूज़ को सॉल्व करना चाहते हैं, वे रूरल हेल्थकेयर में 1 साल या 2 साल का डिप्लोमा लेकर एक विलेज हेल्थकेयर वर्कर के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं.

ये हैं 10वीं/ 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए प्रमुख जॉब ओरिएंटेड डिप्लोमा कोर्सेज

इसके अलावा, विलेज हेल्थकेयर से जुड़ने के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण कोर्सेज निम्नलिखित हैं:   

  • डिप्लोमा – विलेज हेल्थ वर्कर
  • सर्टिफिकेट – सोशल वर्क
  • सर्टिफिकेट – NGO मैनेजमेंट
  • बीए – सोशल वर्क
  • बीए ऑनर्स – सोशल वर्क
  • एमए – सोशल वर्क
  • एमए – गांधियन पीस एंड रूरल डेवलपमेंट स्टडीज़

विलेज हेल्थकेयर वर्कर्स यहां से ले सकते हैं डिग्री या डिप्लोमा

भारत के तकरीबन सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ सोशल वर्क में ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन कोर्सेज करवाती हैं. हमारे देश के विभिन्न गांवों में एक हेल्थकेयर वर्कर के तौर पर कार्य करने के लिए महिला और पुरुष कैंडिडेट्स निम्नलिखित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स से हेल्थकेयर की फील्ड से संबंधित डिप्लोमा या डिग्री कोर्सेज कर सकते हैं:

  • दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
  • महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी, अंबाला, हरियाणा
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ एलाइड हेल्थ साइंसेज, कलकत्ता
  • इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ़ नर्सिंग, जालंधर, पंजाब
  • डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, गुजरात

विलेज हेल्थकेयर वर्कर: करियर स्कोप और देश सेवा के अवसर

अगर आप में देश सेवा का जज्बा है और आप भारत के ग्रामीण जीवन के प्रति विशेष लगाव रखते हैं तो आपके लिए बतौर विलेज हेल्थ केयर वर्कर का करियर एक उपयुक्त करियर ऑप्शन साबित होगा और आप रूरल हेल्थकेयर में डिप्लोमा करके भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों, मिनिस्ट्री ऑफ़ फैमिली प्लानिंग, एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट सहित भारत के ग्रामीण समाज से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) में एक विलेज हेल्थकेयर वर्कर के तौर पर काम कर सकते हैं.

विलेज हेल्थकेयर वर्कर: आमदनी

जहां तक हमारे देश में विभिन्न विलेज हेल्थकेयर वर्कर्स की मासिक आमदनी का सवाल है, तो सबसे पहले हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि अक्सर ये विलेज हेल्थकेयर वर्कर्स ऐसे सोशल वर्कर्स होते हैं जो देश सेवा के जज्बे की खातिर भारत के विभिन्न गावों से सभी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए अपना सहयोग देते हैं और इसलिए इन वर्कर्स को इनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए एवरेज 5 हजार – 25 हजार रुपये मासिक मिलते हैं. इन सोशल/ हेल्थकेयर वर्कर्स की सैलरी इनकी क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस और पोस्ट पर भी निर्भर करती है.

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