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POCKETMONEY सीखें सेविंग का फंडा

May 22, 2013 16:46 IST

    पैसे की कीमत आज बच्चे-बच्चे को पता है, फिर भी हाथ में आए पैसे को मैनेज कैसे करें, इसकी जानकारी कम ही लोगों को होती है। अक्सर जो पॉकेट मनी उन्हें मिलती है या कहीं और से कुछ पैसा मिलता है, वह कैसे फुर्र हो जाता है, उन्हें पता ही नहीं चलता। अगर आप अपनी पॉकेट मनी के सही मैनेजमेंट की कला सीख लें तो आप ऐसी छोटी-छोटी बचतों से भी बहुत से बडे काम कर सकते हैं, जिसे जानकर आपको अचरज हो सकता है।

    शुरू से करें बचत


    सबसे पहली बात तो यह है कि आप शुरू से ही बचत करना सीख लें। आपको अपनी पॉकेटमनी का 10 से 20 फीसदी हिस्सा जरूर बचाना चाहिए। मान लीजिए कि आपको हर हफ्ते 1000 रुपये की पॉकेट मनी मिलती है, तो आप इसमें से आसानी से 200 रुपये बचा सकते हैं। हर हफ्ते बचाई गई यह छोटी सी रकम साल भर में करीब 10,000 रुपये और पांच साल में करीब 52,000 हजार रुपये हो सकती है। मान लीजिए आपने 12 साल की उम्र से बचत शुरू की तो 17 साल की उम्र तक आपके पास 52,000 की अच्छी रकम होगी, जिससे आप अपने लिए बाइक भी खरीद सकते हैं। यह आपके अपने बचाए हुए पैसे से खरीदी गई बाइक होगी, इसलिए आप अलग ही तरह का जोश महसूस करेंगे। यही नहीं, सिर्फ साल भर की बचत से आप एक अच्छा सा स्मार्ट फोन खरीद सकते हैं और इसके लिए आपको अपने पैरेंट्स से बार-बार रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी। आपको अपने पैसे को खर्च करने की पूरी आजादी होगी। पर इस बचत को यदि आपने किसी बैंक खाते में रखना शुरू किया तो सोने पे सुहागा जैसा हो जाएगा, क्योंकि आपको ब्याज का फायदा भी मिलता रहेगा। आप कुछ महीने की बचत के बाद अपने पैरेंट्स से किसी बैंक में एक सेविंग एकाउंट खुलवाने के लिए कह सकते हैं। आजकल बैंक सेविंग एकाउंट पर चार से छह फीसदी का ब्याज देते हैं। ऐसे एकाउंट के खुल जाने के बाद आपका पैसा बैंक में जमा होता रहेगा और उसको बीच में खर्च कर डालने की आदत से भी आप बच पाएंगे। कुछ गार्जियन अपने बच्चे को प्रोत्साहित करने के लिए एग्जाम के रिजल्ट के मुताबिक गिफ्ट दिलाने का वादा करते हैं। आप ऐसे गिफ्ट के लिए अपने पैरेंट्स से डील करें तो साथ में अपने एकाउंट में डालने के लिए कुछ एकमुश्त रकम लेने का भी बंदोबस्त कर लें। बचत करने का गुण आप जितनी जल्दी सीख लेंगे, उतनी ही जल्दी इसके फायदे भी हासिल करना शुरू कर देंगे।

    डायरी में रखें हिसाब

    एक डायरी में अपने एक-एक पैसे का हिसाब लिखें और बैंक पासबुक को भी अपडेट कराते रहें। इससे आपको सटीक अंदाजा रहेगा कि आपके पास कितना पैसा है और आप कितना खर्च कर सकते हैं। आजकल कई ऐसे मोबाइल एप्स भी आते हैं, जिनसे आप अपनी पॉकेट मनी का हिसाब-किताब रख सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर यंगस्टर्सं टेक्नोलॉजी क्रेजी होते हैं। पैरेंट्स को यह चाहिए कि वे बच्चों को हर दिन की जगह हफ्ते में एक बार पॉकेट मनी दें। असल में हर दिन पॉकेट मनी मिलने पर बच्चे उसे स्कूल से निकलते समय जंक फूड आदि खाने-पीने पर खर्च कर देते हैं, जो उनकी सेहत के लिए भी ठीक नहीं होता। इस कारण आप इसका अवश्य ध्यान रखें।

    कीप इन माइंड

    1. अपनी पॉकेट मनी के बारे में दोस्तों के सामने डींग मत मारें, नहीं तो वे आपसे उधार मांगना शुरू कर देंगे।

    2. पॉकेट मनी से दोस्तों को उधार देने से बिल्कुल बचें, नहीं तो आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है।

    3. अपनी पॉकेट मनी स्कूल बैग या वॉलेट में नहीं, बल्कि घर में गुल्लक में या किसी सुरक्षित जगह पर संभाल कर रखें।

    4. बचत करने पर जोर दें, खर्चो पर काबू रखें, जब भी कोई चीज खरीदें तो इस पर विचार जरूर करें कि वह चीज आपके लिए जरूरी है या आप बस ऐसे ही खरीद रहे हैं। जरूरी चीजों पर ही धन का व्यय करें।

    5. अपने साल भर का एक मिनी बजट तैयार करने की कोशिश करें। इसमें अगर चाहें तो किसी से सलाह भी ले सकते हैं।

    क्विक फैक्ट्स

    1. आपको अपनी पॉकेट मनी का लगभग 10 से 20 फीसदी हिस्सा बचाना चाहिए।

    2. सेविंग एकाउंट पर बैंक चार से छह फीसदी का ब्याज देते हैं। आप चाहें तो इसका अच्छा लाभ भी उठा सकते हैं।

    3. बैंक में पैसा रखने पर आपको ब्याज का फायदा मिलेगा। आपका पैसा लगातार बढता चला जाएगा और जब वह वापस मिलेगा तो पहले से कहीं अधिक होगा.

     

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