Search

रेलवे ग्रुप डी भर्ती: जानें कौन-कौन से होते हैं पद, आवश्यक योग्यता, वेतनमान और चयन प्रक्रिया

इंडियन रेलवे देश में युवाओं को नौकरी देने में सबसे आगे है, यातायात के साधनों में इंडियन रेलवे दुनियां में चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है. रेलवे में समय - समय पर विभिन्न पदों और विभागों में नियुक्तियां की जाती है. रेलवे में ग्रुप डी के तहत बड़ी संख्या में नियुक्ति की जाती है.

Jun 19, 2019 17:11 IST

इंडियन रेलवे देश में युवाओं को नौकरी देने में सबसे आगे है, यातायात के साधनों में इंडियन रेलवे दुनियां में चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है. रेलवे में समय - समय पर विभिन्न पदों और विभागों में नियुक्तियां की जाती है. रेलवे में ग्रुप डी के तहत बड़ी संख्या में नियुक्ति की जाती है. ग्रुप डी के तहत गैंग मैन, स्विचमैन, ट्रैक मैन, गेटमैन, केबिन मैन, लीवर मैन, प्वॉइंट्स मैन, शंटर, की मैन, वेल्डर, फिटर, पोर्टर, ट्रैक मेनटेनर, आदि पदों पर युवाओं को नियुक्त किया जाता है. ग्रुप सी की सेकेंड कैटेगरी में सहायक लूप पायलट, टेक्नीशियन, क्रेन ड्राइवर, ब्लैकस्मिथ, कारपेंटर आदि पद आते हैं.

गैंग मैन

यूँ तो देखने और सुनने में रेलवे गैंग मैन का पद बहुत मत्वपूर्ण नहीं है, किन्तु यदि जिम्मेवारी के अनुसार देखा जाए तो पटरियों पर रेल, रेलवे गैंग मैन की कार्य कुशलता से ही दौड़ती है. रेलवे गैंग मैन रेलवे में नीव की ईंट की तरह है. रेलवे गैंग मैन एक रेलवे मेट के नेतृत्व में ग्रुप के साथ रेल की पटरियों का बारीकी से निरीक्षण करते हैं, जिसमें रेल पटरियों के जॉइंट और पटरियों सम्बन्धी विभिन्न खामियां दूर की जाती हैं. रेलवे गैंग मैन की कार्यकुशलता से ही रेलगाड़ियां पटरियों पर सुरक्षित दौड़ती हैं. रेलवे गैंग मैन रेल के एक सेक्शन में रेल पटरियों के मेंटेनेंस के लिए जिम्मेवार होता है. दूसरे सेक्शन के लिए अलग ग्रुप कार्य करता है.

योग्यता: रेलवे ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद के लिए आवेदन हेतु शैक्षणिक योग्यता एनसीवीटी / एससीवीटी या 10 वीं कक्षा या आईटीआई पास होनी चाहिए. रेलवे के ग्रुप डी पदों के लिए अब आईटीआई (ITI) की अनिवार्यता रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार समाप्त कर दी गई है. अब इस पद के लिए दसवीं पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं.

आयु सीमा: रेलवे गैंग मैन का पद ग्रुप डी के अंतर्गत आता है. इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच आयु सीमा में होना चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार छूट दी जाती है.

गैंग मैन पद चयन प्रक्रिया

भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद पर भर्ती के लिए दो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. पहली परीक्षा सीबीटी (CBT) यानि कंप्यूटर बेस्ड और दूसरी परीक्षा पीईटी यानि फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट आधारित होती है. दोनों परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी ही चयन के लिये पात्र होते हैं. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट क्वालिफाइंग परीक्षा है.

PWD उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों के सापेक्ष उनकी कमी की स्थिति में पात्रता के लिए अंकों का यह प्रतिशत PWD  उम्मीदवारों के लिए 2% कम होगा.

फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट

जो उम्मीदवार CBT में सफल घोषित किए जाएंगे, उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के लिए बुलाया जाएगा. ग्रुप डी में नौकरी पाने के लिए इसमें सफल होना जरूरी होगा.

फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया:

- 35 किलोग्राम वजन दो मिनट के भीतर 100 मीटर तक लेकर जाना होगा.

- इसके अलावा एक हजार मीटर की दौड़ चार मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी.

वेतनमान: - ग्रुप डी के पदों के लिए वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार बेसिक वेतन 18000 से आरम्भ होगा. इस बेसिक वेतन के आधार पर ही अन्य भत्तों का निर्धारण किया जाएगा. अन्य आवश्यक भत्ते जोड़ने के बाद ग्रुप डी कर्मचारी को 23, 000 से Rs 25, 000/- लगभग प्रति माह भुगतान किया जाता है.

ट्रैकमैन

रेल को आगे बढ़ाने में ट्रैक मैन का बड़ा योगदान होता है. ट्रैकमैन रेलवे ट्रैकों की देखभाल, उनका निरीक्षण और मरम्मत करते हैं. वे दिन में कम से कम एक बार ट्रैक के एक-एक इंच का निरीक्षण करते हैं. ट्रैकमैन भारतीय रेल के रीढ़ की हड्डी है, जो सेना के जवान की तरह काम करते हैं. ठंड हो या गर्मी यहां तक कि ख़राब मौसम में भी ये ट्रैकमैन रेलवे ट्रैक पर अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं. ट्रैक मैन ही अक्सर रेलवे की भारी पटरियों को उठाने का काम करते है. छोटे स्टेशनों पर ट्रैक को अभी भी हाथ से ही बदला जाता है जबकि बड़े स्टेशनों पर ट्रैक ऑटोमेटिक बदले जाते हैं.

योग्यता: रेलवे ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद के लिए आवेदन हेतु शैक्षणिक योग्यता एनसीवीटी / एससीवीटी या 10 वीं कक्षा या आईटीआई पास होनी चाहिए. रेलवे के ग्रुप डी पदों के लिए अब आईटीआई (ITI)  की अनिवार्यता रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार समाप्त कर दी गई है.

आयु सीमा: इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच आयु सीमा मं  होना चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार छूट दी जाती है.

चयन प्रक्रिया

भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद पर भर्ती के लिए में दो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. पहली परीक्षा सीबीटी (cbt) यानि कंप्यूटर बेस्ड और दूसरी परीक्षा पीईटी यानि फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट आधारित होती है. दोनों परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी ही चयन के लिये पात्र होंते हैं. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट क्वालिफाइंग परीक्षा है.

PWD उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों के सापेक्ष उनकी कमी की स्थिति में पात्रता के लिए अंकों का यह प्रतिशत PWD उम्मीदवारों के लिए 2% कम होगा.

फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट

जो उम्मीदवार CBT में सफल घोषित किए जाएंगे, उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के लिए बुलाया जाएगा. ग्रुप डी में नौकरी पाने के लिए इसमें सफल होना जरूरी होगा.

फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया:

- 35 किलोग्राम वजन दो मिनट के भीतर 100 मीटर तक लेकर जाना होगा.

- इसके अलावा एक हजार मीटर की दौड़ चार मिनट 15  सेकंड में पूरी करनी होगी.

वेतनमान: - ग्रुप डी के पदों के लिए वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार बेसिक वेतन 18000 से आरम्भ होगा + अन्य भत्ते.

प्वॉइन्ट मैन

प्वॉइन्ट मैन का काम रेलवे ट्रैक पर सिग्नल बदलने का होता है. रेलवे में पहले सारे सिग्नल मैनुअल ही काम करते थे जिसके लिये प्वॉइन्ट मैन को ट्रैक के पास जा कर ही उसे डाउन करना पड़ता था. इसके बाद ट्रेन गंतव्य के किए रवाना होती थी. पर अब काफ़ी सिग्नल ऑटोमेटिक बना दिए गए हैं, किन्तु अब भी रेलवे के अनेक मंडलों में रेलवे ट्रैक के सिग्नल मैनुअल है. रेल के आवागमन के दौरान प्वॉइन्ट मैन सिग्नल बदलते हैं इसी के बाद रेलों का आवागमन सुचारू हो पता है.

प्वॉइन्ट मैन को काम के दौरान बहुत सावधानी रखनी होती है, ट्रेन के आवागमन के दौरान उसकी एक ग़लती के कारण हज़ारों ज़िंदगियाँ ख़तरे में पड़ सकती हैं.

योग्यता: रेलवे ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद के लिए आवेदन हेतु शैक्षणिक योग्यता एनसीवीटी / एससीवीटी या 10 वीं कक्षा या आईटीआई पास होनी चाहिए. रेलवे के ग्रुप डी पदों के लिए अब आईटीआई (ITI) की अनिवार्यता रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार समाप्त कर दी गई है.

आयु सीमा: इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच आयु सीमा मंद होना चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार छूट दी जाती है.

चयन प्रक्रिया

भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद पर भर्ती के लिए में दो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. पहली परीक्षा सीबीटी (cbt) यानि कंप्यूटर बेस्ड और दूसरी परीक्षा पीईटी यानि फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट आधारित. दोनों परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का चयन किया जाता है.

PWD उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों के सापेक्ष उनकी कमी की स्थिति में पात्रता के लिए अंकों का यह प्रतिशत PWD उम्मीदवारों के लिए 2% कम होगा.

फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया

- 35 किलोग्राम वजन दो मिनट के भीतर 100 मीटर तक लेकर जाना होगा.

- इसके अलावा एक हजार मीटर की दौड़ चार मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी.

वेतनमान: - ग्रुप डी के पदों के लिए वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार बेसिक वेतन 18000 से आरम्भ होगा. इसके साथ ही नियमानुसार अन्य भत्तों का भी भुगतान किया जाता है.

की मैन

ग्रुप डी श्रेणी के रेलवे कर्मचारी एक ‘की मैन’ की 6 किमी की दूरी तक ट्रैक की निगरानी करने की जवाबदेही रहती है. एक ‘की मैन’ रोजाना लगभग 14 किमी ट्रैक के सहारे चलकर उसका मुआयना करता है. रेलवे ‘की मैन’ का मुख्य कार्य रेल की पटरियों को चेक करना और आवश्यकता के अनुरूप उन्हें ठीक करना है. ट्रैक पर लगे हर बोल्ट को चेक करना भी की मैन के लिए आवश्यक होता है.

योग्यता: रेलवे ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद के लिए आवेदन हेतु शैक्षणिक योग्यता एनसीवीटी / एससीवीटी या 10 वीं कक्षा या आईटीआई पास होनी चाहिए. रेलवे के ग्रुप डी पदों के लिए अब आईटीआई (ITI) की अनिवार्यता रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार समाप्त कर दी गई है.

आयु सीमा: इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच आयु सीमा मंश होना चाहिए.

चयन प्रक्रिया-

भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद पर भर्ती के लिए में दो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. पहली परीक्षा सीबीटी (cbt) यानि कंप्यूटर बेस्ड और दूसरी परीक्षा पीईटी यानि फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट आधारित होती है.
PWD उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों के सापेक्ष उनकी कमी की स्थिति में पात्रता के लिए अंकों का यह प्रतिशत PWD उम्मीदवारों के लिए 2% कम होगा.

फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया:

- 35 किलोग्राम वजन दो मिनट के भीतर 100 मीटर तक लेकर जाना होगा.

- इसके अलावा एक हजार मीटर की दौड़ चार मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी.

वेतनमान: - ग्रुप डी के पदों के लिए वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार बेसिक वेतन 18000 से आरम्भ होगा.

गेटमैन-

मानवीय दृष्टिकोण के साथ रेलों के सुचारू आवागमन में रेलवे गेटमैन का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है. रेलवे में गेटमैन की भूमिका हजारों जिंदगियों और दुर्घटनाओं को बचाती है. रेलवे में गेट मैन का कार्य मेन्युअल रेल फाटकों को ट्रेन आने व जाने के समय पर बंद करना है, जिससे दुर्घटनाओं को बचाया जा सके. देश में एक लाख से अधिक रेल फाटक हैं, जिसमें 75 हजार गेटों पर गेटमैन तैनात हैं.

योग्यता: रेलवे ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद के लिए आवेदन हेतु शैक्षणिक योग्यता एनसीवीटी / एससीवीटी या 10 वीं कक्षा या आईटीआई पास होनी चाहिए. रेलवे के ग्रुप डी पदों के लिए अब आईटीआई (ITI) की अनिवार्यता रेल मंत्रालय के आदेश के अनुसार समाप्त कर दी गई है.

आयु सीमा: इस पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच आयु सीमा मंट होना चाहिए.

चयन प्रक्रिया-

भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के तहत गैंग मैन पद पर भर्ती के लिए में दो परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. पहली परीक्षा सीबीटी (cbt) यानि कंप्यूटर बेस्ड और दूसरी परीक्षा पीईटी यानि फिजिकल एफिशियंसी टेस्ट आधारित होती है.

फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया:

- 35 किलोग्राम वजन दो मिनट के भीतर 100 मीटर तक लेकर जाना होगा.

- इसके अलावा एक हजार मीटर की दौड़ चार मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी.

वेतनमान: - ग्रुप डी के पदों के लिए वेतन का निर्धारण सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल 1 के अनुसार बेसिक वेतन 18000 से आरम्भ होगा.

इसके अलावा रेलवे में ग्रुप डी के तहत अनेक पद आते हैं इनमे से केबिन मैन, लीवर मैन, शंटर, पोर्टर, वेल्डर, फिटर, ट्रैक मेनटेनर आदि हैं. रेलवे के सुचारु आवागमन और यात्रियों की सुरक्षा की द्रष्टि से सभी पदों का अपना अलग अलग महत्व है. इन सभी पदों के लिए भी योग्यता मानदण्ड, शैक्षिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, फिजिकल टेस्ट का क्राइटेरिया, वेतनमान आदि रेलवे द्वारा लगभग एक जैसे निर्धारित किए गए हैं.

लीवर मैन:

लीवर मैन, ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए सही पटरियों का मिलान करता है, लीवर मैन की एक जरा सी गलती ट्रेन को तो उसके गंतव्य स्थान से तो भटका ही देगी साथ ही दुर्घटनाओं की संभावना को भी बढ़ा देगी. असल में लीवर मैन का मुख्य कार्य ट्रेन के जॉइंट के पास पटरी के सहारे लगे लीवर को ऑपरेट कर पटरियों का ट्रेन के गंतव्य के अनुसार मिलान करना है.

शंटर:

रेलवे ग्रुप डी के कर्मचारी शंटर का कार्य रेलवे यार्ड में अव्यवस्थित खड़े लोको पॉवर, यात्री डिब्बे और वैगन को जरूरत के अनुसार शिफ्ट करवाना होता है. शंटर लोको यार्ड में एक तरह से लोको पायलट और गॉर्ड को शंटिंग में मदद करना है. शंटर ही पॉवर (रेल इंजिन) से यात्री डिब्बे या वैगन को कप लिंक के माध्यम से जोड़ता है. एक के पीछे दूसरे यात्री डिब्बे या वैगन को जोड़कर ही ट्रेन तैयार की जाती है.

पोर्टर:

पोर्टर का कार्य रेलवे में सामान को इधर से उधर पहुँचाना होता है. रेलवे सामान से आशय लोको पायलट (इंजिन ड्राइवर) और गॉर्ड के सामान बक्से आदि को इधर से उधर पहुँचाना होता है. जिन रेलवे ट्रैक पर सिग्नल का ऑटोमेशन नहीं हुआ है वहाँ पोर्टर एक रिंग को स्टेशन मास्टर से लेकर जाता है और इंजिन ड्राइवर के पास पहले से मौजूद दूसरे रिंग से बदल कर वापस लाकर स्टेशन मास्टर को देता है, यह इस बात का संकेत है कि ट्रेन गंतव्य को रवाना होने को तैयार है और स्टेशन मास्टर ट्रेन की रवानगी के लिए ग्रीन सिग्नल कर देता है, कभी – कभी पोर्टर ट्रेन के आवागमन के दौरान ग्रीन सिग्नल या झंडी भी दिखाता है.

इन पदों के अलावा रेलवे ग्रुप डी में अन्य महत्वपूर्ण पद हैं जिनकी अपनी –अपनी अलग भूमिका है.

लेटेस्ट गवर्नमेंट जॉब्स ऑनलाइन

Rojgar Samachar eBook