Search

आईएएस यानी सिविल सेवक: प्रतिष्ठा की बात

आईएएस (IAS) भारत की संभवतः सर्वाधिक प्रतिष्ठित सेवा है, क्योंकि यही एकमात्र सेवा है जहां व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा तथा सामाजिक दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित कर पाने में सक्षम होता है

Mar 25, 2019 16:58 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Reasons Why Civil Services is a Dream Career
Reasons Why Civil Services is a Dream Career

यदि हम प्रतिष्ठा की बात करें तो यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण नहीं होगा कि आईएएस (IAS) भारत की संभवतः सर्वाधिक प्रतिष्ठित सेवा है, क्योंकि यही एकमात्र सेवा है जहां व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा तथा सामाजिक दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित कर पाने में सक्षम होता है. आईएएस यानी सिविल सेवा (Civil Services) में चयन अपने आप में ही प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि लाखों प्रतिभागियों में से कुछ सैकड़ों का ही चयन इस सेवा के लिए हो पाता है. व्यक्ति जैसे ही इस सेवा के लिए चुना जाता है उसी क्षण वह उस अभिजात्य समूह का हिस्सा बन जाता है जो देश के महत्त्वपूर्ण निर्णयों में अपनी भूमिका अदा करते हैं. इस सेवा का महत्त्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें कार्यों की विविधता होती है. व्यापक प्रकार के कार्य, सिविल सेवा से संबंधित होते हैं, जैसे- कानून-व्यवस्था बनाये रखना, विकासात्मक कार्य, आपदा प्रबंधन, भारत का विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व करना, समाज के हाशिये पर स्थित लोगों, जैसे- दलित, अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाओं, अल्पसंख्यकों को शसक्त बनाना, उनके जीवन को उपर उठाना इत्यादि.

कार्य स्थायित्व/सुरक्षा के निगाह से देश की दूसरी सर्वाधिक शक्तिशाली सेवा पहले स्थान पर आती है क्योंकि एक राजनीतिज्ञ, (सांसद या विधायक) पांच वर्षों के लिए बनता है लेकिन एक सिविल सेवक अपनी आयु के 60/62 वर्षों के लिए चयनित होता है तथा यह प्राइवेट नौकरियों की भांति मंदी या अन्य मौसमी कारणों से प्रभावित नहीं होती. अनेक लोग राजनीतिक, सामाजिक, कॉर्पोरेट जगत के शिखर पर पहुंचने में सफल हुए हैं जो प्रारम्भ में सिविल सेवक थे, जैसे- यशवंत सिन्हा (पूर्व वित्तमंत्री, भारत सरकार), कांशीराम (बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक), अरविन्द केजरीवाल (मेग्सैसे अवार्ड विजेता), डॉ अरुणा राय (मेग्सैसे अवार्ड विजेता), डॉ अजय (सीइओ, अपोलो समूह) इत्यादि.

जहां तक वेतन का प्रश्न है, छठे वेतन आयोग के पश्चात् सिविल सेवकों (IAS) के वेतन एवं भत्तों में उस स्तर तक वृद्धि हो गयी है कि यह कॉर्पोरेट नौकरियों के मुकाबले काफी अधिक आकर्षक हो गया है. वेतन के अलावा अन्य सुविधाएं- बंगला, नौकर-चाकर, कारें, ड्राइवर, अंगरक्षक तथा सम्पूर्ण देश में बेहद सस्ते दरों वाला गेस्ट हाउसों के एक विशाल नेटवर्क इत्यादि, के साथ. सिविल सेवाओं के साथ एक उल्लेखनीय बात यह जुड़ी होती है कि यह वह अवसर मुहैया कराती है जिससे व्यक्ति देश के निर्णय-निर्माण में प्रभावी भूमिका अदा करता है. यूनाइटेड नेशंस सरीखे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश की छवि एवं दर्जे को उंचा उठाने में मददगार होता है. साथ ही यदि व्यक्ति समाज के निर्माण, सामाजिक परिवर्तन तथा समाज के वंचित लोगों के सशक्तिकरण एवं उन्नयन में सहभागिता करना चाहता हो तो सिविल सेवा एक स्वभाविक विकल्प होगी.

सारांशतः यह कहा जा सकता है कि यदि एक व्यक्ति एक आदर्श करियर का चयन करना चाहता है तो सिविल सेवा (IAS) एक बेहतर विकल्प हो सकती है.

सिविल सेवक के विभिन्न स्वरूप:
आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा): आईएएस अधिकारी देश के नीति-निर्माता तथा क्रियान्वयनकर्ता होते हैं. IAS सरकार का विभिन्न देशों या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिनिधित्व करते हैं, वे सरकार के बदले संधियों पर हस्ताक्षर के लिए अधिकृत होते हैं. जब वे जिला स्तर पर कार्य करते हैं तो लोकप्रिय रूप में डीएम साहब, कलक्टर, जिलाधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट इत्यादि के नामों से पुकारे जाते हैं. वे जिला स्तर के सभी कार्यों के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होते हैं, चाहे वह विकास कार्य हो या कानून व्यवस्था या आपदा प्रबंधन. सचिवालयों में ये उपसचिव, अवर सचिव, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव इत्यादि के दायित्व निभाते हैं. आईएएस अधिकारी के रूप में इनकी सर्वश्रेष्ठ पदस्थापना प्रधानमंत्री तथा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रधान सचिव के रूप में होती है.

आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा): आईपीएस की पदस्थापना पुलिस अधीक्षक (सुपरीटेंडेन्ट ऑफ पुलिस, एसपी) के रूप में होती है जोकि लोक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अपराध निवारण, ट्रैफिक नियंत्रण इत्यादि के लिए जिम्मेवार होते हैं. साथ ही आईपीएस अधिकारी अन्य केन्द्रीय पुलिस संगठनों जैसे- सीबीआई, सीआरपीएफ, बीएसएफ इत्यादि में अपनी सेवाएं देते हैं. आईपीएस अधिकारी के रूप में इनकी सर्वश्रेष्ठ पदस्थापना सीबीआई, आईबी के प्रमुख तथा विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिरीक्षक के रूप में होती है.

आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा): एक आईएफएस अधिकारी देश के वाह्य मामलों जैसे कूटनीति, व्यापार, संस्कृति संबंधों से संबंधित कार्यों को संपादित करते हैं. वे भारत की विदेश नीति के निर्माण तथा क्रियान्वयन में संलग्न होते हैं. आईएफएस अधिकारी की सर्वश्रेष्ठ पदस्थापना राजदूतों या विदेश सचिव के रूप में होती है.

राज्य सिविल सेवा: प्रखंड, तहसील के स्तर पर आने वाली समस्या का समाधान राज्य सिविल सेवा के अधिकारी करते हैं. अलग-अलग राज्यों में इन्हें एसडीएम या एसडीओ के नाम से जाना जाता है. एक्साइज अफसर, बीडीओ, फ़ूड अफसर आदि राज्य सिविल सेवा से ही आते हैं. इनका चयन राज्य सिविल सेवा परीक्षा के द्वारा होता है. 

सिविल सेवा की तैयारी के लिए पढ़ें करेंट अफेयर्स:

http://www.jagranjosh.com/hindi-currentaffairs

Related Stories