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फ्रीलांसर्स कैसे बनायें अपना रिज्यूम?

फ्रीलांसर्स के रिज्यूम्स पूर्ण-कालिक रोज़गार तलाशने वाले लोगों के रिज्यूम्स से काफी अलग होते हैं. एक फ्रीलांसर के तौर पर अपना इम्प्रेस्सिव रिज्यूम तैयार करने के लिए इन टिप्स का पालन करें.

Jan 18, 2018 17:45 IST
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Resume writing tips for freelancers
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कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच फ्रीलांसिंग का क्रेज काफी तेज़ी से बढ़ रहा है. लेकिन केवल अपने काम में अच्छे होने से ही आपको कोई फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट मिलने के ज्यादा चांस नहीं होते हैं. आजकल, क्लाइंट्स कोई भी प्रोजेक्ट देने से पहले फ्रीलांसर्स के रिज्यूम को बड़े ध्यान से देखते हैं.

ऐसे परिवेश में, यह आपके लिए बहुत जरुरी है कि आप स्वयं को अपने सहकर्मियों  से अलग दिखायें. आपको अपने क्लाइंट का भरोसा और अटेंशन प्राप्त करनी होगी. ऐसा करने का एक तरीका अपने स्किल्स को अच्छी तरह पेश करना और एक बढ़िया रिज्यूम के माध्यम से यह साबित करना है कि आप उस जॉब के लिए सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं.

फ्रीलांसर रिज्यूम बनाम जॉब रिज्यूम

किसी इंटर्नशिप या जॉब इंटरव्यूज के लिए तैयार किये जाने वाले रिज्यूम्स की तुलना में फ्रीलांसर्स के रिज्यूम्स काफी अलग होते हैं. किसी नौकरी तलाश करने वाले व्यक्ति और किसी फ्रीलांसर के रिज्यूम में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि नौकरी तलाशने वाले उम्मीदवार को इम्प्रेस करने की कोशिश करते हैं जबकि फ्रीलांसर्स क्लाइंट का दिल जीतना चाहते हैं. इसलिये, किसी छोटे से काम के लिए किसी फ्रीलांसर का रिज्यूम मार्केट की अपेक्षा के अनुसार होना चाहिए. आप इसे किसी छोटे व्यापारी के प्रोफेशनल प्रोफाइल की तरह भी देख सकते हैं.
इसलिये, आइये अब काम की बात करें और फ्रीलांसर्स के लिए एक इम्प्रेसिव रिज्यूम बनाने का प्रयास  करें जिससे आपको क्लाइंट्स मिल सकें और आपकी फ्रीलांस-कमाई दोगुनी हो जाए.

काम की प्रकृति

फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए रिज्यूम बनाने से पहले, आप जिस किस्म के काम की तलाश कर रहे हैं,  उसे अवश्य फाइनलाइज कर लें. जब तक कोई फ्रीलांसर किसी विशेष इंडस्ट्री में किसी खास जॉब प्रोफाइल को अपना टारगेट न बनाये, तब तक अधिकांश फ्रीलांसर्स खुद को किसी एक कार्य-क्षेत्र तक सीमित नहीं रखते हैं. अगर आपके पास कई टैलेंट्स हैं और आप कई किस्म के फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट्स लेना चाहते हैं तो आपको हरेक काम के लिए एक अलग रिज्यूम बनाना पड़ेगा. क्यों? बहुत ही आसान शब्दों में, आपका रिज्यूम जितना अधिक जॉब स्पेसिफिक होगा, उतना अधिक क्लाइंट आपके जॉब प्रोफाइल को समझ सकेंगे. इसका एक और अच्छा तरीका यह है कि जब भी आप किसी जॉब के लिए अपना रिज्यूम भेजें तो उस जॉब और क्लाइंट की जरूरतों के अनुसार अपना रिज्यूम एडिट कर लें.

रिज्यूम स्ट्रक्चर

रिज्यूम को बनाने के कई तरीके हैं. लेकिन ऐसे किसी भी तरीके को चुनने में सावधान रहें जो आपके रिज्यूम के महत्वपूर्ण हिस्से अर्थात आपकी क़ाबलियत और क्षमताओं का उल्लेख करता है. अधिकांश क्लाइंट्स रिज्यूम को केवल एक नजर में देखते हैं. इसलिये, आपको कोई ऐसा स्टाइल चुनना होगा जो क्लाइंट्स का ध्यान पहली ही नजर में अपनी ओर खींच सके. फ्रीलांस रिज्यूम बनाते समय जिन 3 मुख्य प्वाइंट्स पर खास ध्यान देना चाहिए, वे हैं:

•    अपने कार्यों या प्रोजेक्ट्स का उल्लेख कालक्रम में करें

जो छात्र लंबे समय से फ्रीलांसिंग कर रहे हैं और अब उनके पास दिखाने के लिए काफी काम हो गया है, वे इस फॉर्मेट का उपयोग कर सकते हैं. आपको केवल कालक्रम में अपने प्रोजेक्ट्स और कामों का विवरण देना होगा.

•    इंटर्नशिप और फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स का संयोजन

कुछ छात्र जिनके पास इंटर्नशिप का अनुभव है, अपने रिज्यूम संयोजन विधि द्वारा बना सकते हैं जिसमें आप अपने इंटर्नशिप और फ्रीलांस कार्य के अनुभवों को एक साथ दिखा सकते हैं. इन प्रोजेक्ट्स में अपने कार्यों का उल्लेख अवश्य करें.

•    अपने स्किल सेट पर फोकस करें

यह फंक्शनल रिज्यूम की तरह ही होता है. इस फॉर्मेट में आपके स्किल्स और क्षमताओं पर ज्यादा बल दिया जाता है. आप यह भी बता सकते हैं कि कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम करते समय आपने यह स्किल कैसे विकसित किया या किसी खास कार्य में आपने इन स्किल्स का प्रदर्शन कैसे किया?

गैर जरुरी का उल्लेख न करें

रिज्यूम लिखते समय यह बहुत जरुरी है कि आप इस बात पर ध्यान दें कि आपको किन किन चीजों का वर्णन करना है. जो विवरण आपके जिस प्रोजेक्ट से मेल खाते हों उसी के संदर्भ में उसका वर्णन करें. जिस जॉब के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं, उससे भी हरेक को जोड़ कर देखें क्योंकि बहुत बार कोई महत्वपूर्ण कार्य या उपलब्धि किसी जॉब प्रोफाइल से मैच नहीं करते. ऐसे मामलों में, आपको उन्हें एडिट करना पड़ेगा चाहे वे आपको कितने ही महत्वपूर्ण लगते हों. किसी फ्रीलांस रिज्यूम में उद्देश्य लिखने और रेफरेंसेज के बारे में उल्लेख करने से भी बचें.

अपना कार्य दिखायें

अपना रिज्यूम भेजते समय अगर संभव हो तो अपने काम के सैंपल भी साथ में प्रस्तुत करें. पिछले दिनों में, आपको अपने कार्य सैंपल्स की हार्ड कॉपी साथ रखनी होती थी या ई-मेल अटैचमेंट्स में अपने काम के सैंपल की सॉफ्ट कॉपी भेजनी पड़ती थी. लेकिन आजकल, आप अपना ऑनलाइन पोर्टफोलियो बना सकते हैं और उसका लिंक शेयर कर सकते हैं. आप अपने कवर लेटर या रिज्यूम में अपने काम के URL का भी उल्लेख कर सकते हैं.

निष्कर्ष

याद रखें कि फ्रीलांस रिज्यूम आपके इंटर्नशिप या जॉब रिज्यूम से हमेशा अलग होता है. इसका कारण बहुत स्पष्ट है, एक फ्रीलांसर के तौर पर आप एक छोटे बिजनेस ओनर की तरह होते हैं लेकिन जब आप किसी कंपनी में जॉब अप्लाई करते हैं तो आप काम तलाशने वाले एक एम्पलॉयी होते हैं. दोनों प्रोफाइल्स बिलकुल अलग हैं और यह फर्क आपके रिज्यूम में स्पष्ट दिखना चाहिए क्योंकि आपका रिज्यूम आपके एम्पलॉयर और आपके बीच संपर्क की पहली कड़ी होता है. आशा है कि उपरोक्त टिप्स आपको एक बढ़िया फ्रीलांसिंग रिज्यूम बनाने में मदद करेंगे.

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