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अपने उज्जवल भविष्य के लिए कॉलेज ड्रॉपआउट बनने से बचें स्टूडेंट्स

अगर आपका अपनी कॉलेज स्टडीज़ में बिलकुल मन नहीं लगता और आप अपने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देना चाहते हैं तो यह आर्टिकल विशेष आपके लिए ही है ताकि आप जल्दबाजी में कोई ऐसा फैसला न लें जिसका आपके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़े.

Jun 26, 2020 14:00 IST
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Should you drop-out of college to be the next Mark Zuckerberg?
Should you drop-out of college to be the next Mark Zuckerberg?

जब हमारा पढ़ने का मन नहीं करता है तो हम कई बार कुछ ऐसे तरीके सोचने लगते हैं जिनसे हम पढ़ाई से बच सकें. बहुत से कॉलेज स्टूडेंट्स भी अक्सर अपनी कॉलेज स्टडीज़ बीच में ही छोड़ने का फैसला कर लेते हैं. लेकिन जल्दीबाजी में लिया गया फैसला कई बार आपके भविष्य पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. लेकिन, कॉलेज स्टूडेंट्स अक्सर अपनी कॉलेज स्टडीज़ को बीच में ही छोड़ने के अपने फैसले को सही ठहराने के लिए मार्क जकरबर्ग, बिल गेट्स, माइकल डेल और स्टीव जॉब्स के नामों का जरुर जिक्र करते हैं. दरअसल, ये सभी लोग कॉलेज ड्राप आउट होने के बावजूद इंटरनेशनल लेवल पर अपनी फील्ड में काफी मशहूर हुए हैं. अगर हम भारत की बात करें तो, अब हमारे देश में भी सफल उद्यमियों और जाने-माने स्टार्ट-अप्स के कारण कॉलेज ड्रॉप आउट के टॉपिक के संबंध में काफी गर्मजोशी आ गई है. ऐसे उद्यमी, जो कॉलेज ड्राप आउट भी हैं, उनमें से कुछ प्रतिष्ठित IITs जैसे इंस्टीट्यूट्स से संबद्ध हैं. कुछ प्रसिद्ध बिजनेस पर्सन्स जैसे रितेश अग्रवाल (ओयो रूम्स के को-फाउंडर), कुनाल शाह (फाउंडर ऑफ़ फ्रीचार्ज) और कैलाश खट्टर (क्विक हील टेक्नोलॉजीज के फाउंडर एवं CEO) को भी हम अपनी इस लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. लेकिनं आज की परिस्थितियों में, कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए खुद जानना जरुरी हो गया है कि क्या सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें कॉलेज ड्राप आउट का टैग पहनना ही होगा? इस आर्टिकल में हम कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए ‘कॉलेज ड्रॉप आउट’ फैक्टर को डिकोड कर रहे हैं ताकि आप इससे जुड़े हर पहलू को खुद अछि तरह समझकर अपने लिए अहम फैसला ले सकें.

कॉलेज ड्रापआउट होने के प्रमुख कारण

आजकल स्टूडेंट्स यह मानने लगे हैं कि  कॉलेज शिक्षा का स्ट्रक्चर उनके समस्त कौशल विकास को रोकता है. सैद्धांतिक ज्ञान की प्रचुरता और उचित व्यावहारिक शिक्षा की कमी के कारण अधिकांश छात्र कॉलेज शिक्षा को पसंद नहीं करते हैं. आजकल अधिकांश छात्र यह मानते हैं कि कॉलेज उन्हें रोजगार के अच्छे अवसरों के लिए पर्याप्त कार्यस्थल कौशल नहीं सिखाता है.

ये विश्वास और आरोप कितने सही हैं? ...यह विवाद का विषय है. बहरहाल, कोई इस बात से इंकार नहीं कर सकता है कि आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक अवसरों के लिए शिक्षा एक स्वयं-सिद्ध मार्ग है. कोई व्यक्ति एक दफा तो शिक्षा प्रणाली को यकीनन दोष दे सकता है लेकिन, कभी शिक्षा को इस सब के लिए दोषी नहीं मान सकता है. हम अक्सर जिन प्रसिद्ध कॉलेज ड्राप आउट हस्तियों के उदाहरण देते हैं, उन्होंने जिन कॉलेजों में एडमिशन लिया था, वे कॉलेज तो छोड़ दिए लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ी. उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी ज्ञान पिपासा थी और इसके साथ ही वे कहीं से भी और कुछ भी सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. ऐसा होते हुए भी, कॉलेज शिक्षा के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता है. 

बिल गेट्स के मुताबिक भी कॉलेज स्टडीज़ हैं जरुरी

श्री बिल गेट्स के शब्दों में, “हालांकि मैंने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और किस्मत से सॉफ्टवेयर में अपना करियर शुरू किया... तो भी डिग्री प्राप्त करना सफलता का ज्यादा सुरक्षित रास्ता है”. वे मानते हैं कि कॉलेज ग्रेजुएट्स ज्यादा अच्छी नौकरी और ज्यादा बढ़िया वेतन प्राप्त कर सकते हैं बनिस्पत इसके अगर उनके पास कोई डिग्री न हो. उनकी राय है कि, “समस्या यह नहीं है कि अधिकांश लोग कॉलेज में एडमिशन नहीं ले रहे हैं लेकिन, समस्या तो यह है कि अधिकांश लोग अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं करते हैं”.

कॉलेज में पढ़ने से स्टूडेंट्स की होती है अकेडमिक ग्रोथ

अगर आप किसी कारण अपने कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर अपने उद्यमशीलता के सपनों को साकार करना चाहते हैं तो जरा रुकें और कुछ देर के लिए सोच-विचार करें. आपके सपनों को सीमित जोखिम सहित साकार करने के लिए कॉलेज से अच्छी और कौन-सी जगह हो सकती है? कॉलेजों में अद्वितीय ज्ञान, संसाधन, मददगार दोस्त, प्रतिस्पर्धी माहौल और अपने अनुभवों से सीखने के ढेरों अवसर होते हैं.

आजकल इस ड्राप आउट संबंधी और कॉलेज विरोधी लोकप्रिय विश्वास के ठीक विपरीत, विश्वविद्यालय और कॉलेज ऐसे स्थान होते हैं जो किसी भी छात्र की कल्पना को पनपने की आजादी देते हैं. कॉलेज की पढ़ाई जारी रखने से छात्रों को संपर्क कायम करने, नई चीजें सीखने और सभी तथ्यों के बारे में एक नया नजरिया अपनाने में मदद मिलती है. विश्वविद्यालय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को एक आधार प्रदान करते हैं. वे छात्रों का उस समय समर्थन करते हैं, जब छात्र नए विचारों की ओर अग्रसर होते हैं, अपनी मान्यताओं के प्रति उत्साहित हैं और दुनिया को बदलना चाहते हैं.

कॉलेज ड्रापआउट: पक्ष या विपक्ष?

अगर हम भारतीय समाज पर व्यापक तौर पर नजर डालें तो आजकल स्टार्ट-अप कल्चर में काफी उछाल आया है लेकिन, यह भी सच है कि इनमें से सभी सफल नहीं हुए हैं. हर साल 'इंडीगोगो' जैसी क्राउड-फंडिंग साइट्स पर कई स्टार्ट-अप रजिस्ट्रेशन होते हैं लेकिन उनमें से बहुत कम सफल हो पाते हैं. उनमें से बहुत से लोग और उनके स्टार्टअप्स हर गुजरते दिन के साथ बिलकुल नए विचारों के प्रवाह में खो जाते हैं.

कॉलेज से ड्राप आउट होना एक बहुत निजी फैसला है. लेकिन किसी भी छात्र को कॉलेज ड्राप आउट के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छी तरह से सोच-विचार करनी चाहिए. कॉलेज से ड्राप आउट होने पर एक बड़ा फायदा यह होता है कि आप कम आयु में ही अपना पेशा या व्यापार शुरू कर सकते हैं और जबतक आपके सहपाठी कॉलेज से ग्रेजुएट होते हैं, आपको अपने काम का काफी अनुभव हो जाता है. आप अचानक होने वाले सम्मेलनों में हिस्सा लेते हैं, लोगों से मिलते हैं और अजीब काम करते हैं ताकि काम करते हुए आप काफी कुछ सीख सकें और अपने अनुभव प्राप्त करते समय आप कई यादें बनाते हैं.

जैसेकि पहले जिक्र किया गया है, कॉलेज ड्राप आउट के विपक्ष में ये तर्क दिये जा सकते हैं कि यदि आप अपने उद्यम में असफल रहते हैं  तो इसके साथ ही आप अपने कॉलेज से औपचारिक डिग्री प्राप्त करने से भी वंचित रह जाते हैं. ऐसे में एक अच्छी नौकरी प्राप्त करना आपके लिए एक बहुत ही कठिन काम साबित हो सकता है क्योंकि लोग कॉलेज ड्राप आउट छात्रों को गंभीरता से नहीं लेते हैं, कम से कम तबतक को नहीं, जबतक आपके पास कोई असाधारण प्रतिभा न हो. इसके अलावा, आप कॉलेज जीवन के अनुभवों जैसेकि मौजमस्ती, आखिरी मिनट पर असाइनमेंट सबमिट करना, कॉलेज क्लासेज से बंक मारकर घूमना-फिरना आदि से वंचित रह जाते हैं. हालांकि, अगर आपका स्टार्टअप सफल होता है तो यह सब कुछ ज्यादा मायने नहीं रखेगा. भारतीय समाज का कॉलेज जीवन विश्व के कॉलेज जीवन से काफी अलग है. यह किसी छात्र के जीवन का वह समय होता है जब कोई वह छात्र अपनी क्षमताओं का पता लगाता है और नये-नये प्रयोग करके अपने जीवन में काफी तरक्की कर सकता है.

कॉलेज से ड्राप आउट होना सफलता प्राप्त करने का विश्वसनीय मार्ग नहीं है. अधिकांश लोग जो कॉलेज ड्राप आउट हैं और उन्होंने कोई विशेष सफलता हासिल की है, वे एक अपवाद हैं. उनकी अपने सपने साकार करने की लगन और ज्ञान प्राप्त करने हेतु उनकी प्यास ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया.  उन्होंने कभी शिक्षा नहीं छोड़ी लेकिन, कॉलेज या इंस्टिट्यूट छोड़ दिया. अधिकांश कॉलेज ड्राप आउट छात्रों ने कॉलेज में पढ़ते समय ही अपनी उद्यमिता के सपने देखे और कॉलेज के दिनों में ही उन सपनों को साकार करने की कोशिशें शुरू कीं. उन्होंने कॉलेज में पढ़ते समय ही अपने विचार बनाये और उनपर शोध किया क्योंकि वास्तविक बाजार की तुलना में कॉलेज में पढ़ते समय नुकसान का खतरा बहुत कम था.

फोर्ब्स के मुताबिक, सबसे अमीर 400 उद्यमियों में से 63 कॉलेज ड्राप आउट छात्र हैं. यह आंकड़ा वास्तव में प्रभावशाली प्रतीत होता है. लेकिन, शेष 337 के बारे में आपका क्या विचार है ? यह अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने वाले लोगों की एक बहुत बड़ी संख्या है, एक ऐसी सच्चाई जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. कॉलेज ड्राप आउट के अपने लाभ हैं लेकिन, अगर कोई व्यक्ति कॉलेज ड्राप आउट होने पर अपने भावी जीवन में आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार है, तो ही उसे ऐसा करना चाहिए.  

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