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महत्वपूर्ण चर्चा: नये ऑफिस में अपने बॉस को फ़ॉलो करें या नहीं

जब हम किसी नए ऑफिस में जॉब ज्वाइन करते हैं तो हमें अपने सीनियर्स और बॉस को फ़ॉलो करना पड़ता है. लेकिन क्या हमें अपने बॉस के साथ ही उसके नए ऑफिस में जॉब ज्वाइन कर लेनी चाहिए? .....यह एक चर्चा का विषय है. इस आर्टिकल में हम इस बारे में महत्वपूर्ण चर्चा कर रहे हैं कि आपके लिए नए ऑफिस में अपने बॉस को फ़ॉलो करना कितना जरुरी है? इसके आपको क्या फायदे या नुकसान हो सकते हैं.

Dec 6, 2019 15:15 IST
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Should you follow your boss to new workplace?
Should you follow your boss to new workplace?

देश-दुनिया में बहुत से लोग अपने बॉस के जॉब चेंज करते ही खुद भी अपने ऑफिस में रिजाइन देकर बॉस के नए ऑफिस में जॉब ज्वाइन कर लेते हैं. लेकिन, सवाल यह उठता है कि, क्या ऐसा करना किसी कर्मचारी या पेशेवर के लिए सही है?? क्योंकि सैलरी तो हमें सरकार, कंपनी या ऑफिस से ही मिलती है. किसी भी नये ऑफिस में अपने बॉस को फ़ॉलो करना अर्थात अपने बॉस के साथ ही अपने पुराने ऑफिस से रिजाइन देकर नये ऑफिस में जॉब ज्वाइन करना किसी भी पेशेवर या कर्मचारी की बिलकुल व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है जिसका उत्तर सभी पेशेवरों को अपनी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुसार खुद तलाशना होता है. लेकिन आमतौर पर, इस मुद्दे पर अपनी राय कायम करने से पहले आप इस मुद्दे के पक्ष – विपक्ष में नीचे दिए गए महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर विचार कर लें तो बेहतर होगा.

नए ऑफिस में अपने बॉस को फ़ॉलो करने के पक्ष में तर्क

  • बॉस के काम करने के तरीके से आप होते हैं पूर्व परिचित  

अपने बॉस के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर, बहुत सारे उतार-चढ़ावों और निर्धारित एवं तनावयुक्त समय-सीमा के दौरान काम कर लेने के बाद आपको उनके साथ काम करने में कोई परेशानी नही होती है क्योंकि आप दोनों एक-दूसरे के काम करने के स्टाइल या तरीके से बखूबी परिचित होते हैं.

  • बॉस के साथ काम करने में पहले से महसूस करते हैं कम्फर्ट-ज़ोन

लोगों को शायद ही कभी अपने बॉस को सिलेक्ट करने का मौका मिलता हो और अगर आपको ऐसा सुनहरा मौका मिले तो इसका इस्तेमाल बड़ी समझदारी से करें. एक ही बॉस या मैनेजर के साथ काम करते रहने से आप कम्फर्ट- ज़ोन में आ जाते हैं. इसके अलावा, आपको व्यक्तिगत स्तर पर दबाव और संघर्ष झेलने की कोई आवश्यकता नहीं होगी. अपने पुराने बॉस के साथ अच्छे संबंधों की वजह से आपको अपनी नई जॉब प्रोफाइल और ऑफिस में सेटल होने में पूरी मदद मिलेगी.

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  • नए ऑफिस में मिलते हैं काम करने के नये अवसर

अपने बॉस को फ़ॉलो करने का एक और फायदा यह है कि नये ऑफिस या कार्यक्षेत्र में आपको नये अवसर मिलेंगे. आपके बॉस यह सुनिश्चित करेंगे कि आप उनके साथ नये ऑफिस में भी ज्वाइन करें क्योंकि उन्हें आपकी स्किल्स और ज्ञान का टेस्ट लेने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी. आप इस जॉब के लिए पहले से ही एक फिट कैंडिडेट हैं और इसलिये आपने अपने बॉस को फ़ॉलो करने के मौके का लाभ उठाया है.

  • बॉस देते हैं कठिन समय में सहारा

आपके पूर्व बॉस ही अब आपके नये बॉस हैं. आप दोनों के बीच व्यक्तिगत स्तर पर बोंडिंग है और इसी वजह से उन्होंने आपको नये ऑफिस में अपने साथ काम करने के काबिल समझा है. इसलिये जब आपकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी में बैलेंस बनाने को लेकर कोई चुनौती पैदा होगी और दोनों ही तरफ ध्यान देना आपके लिए बहुत जरुरी होगा तो आपके बॉस आपकी बहुत अच्छे से हेल्प करेंगे क्योंकि उन्हें आपकी निष्ठा पर पूरा भरोसा होगा. जब आपको मदद की जरुरत होगी तो आपके साथ वर्षों काम करने का अनुभव और पर्सनल बोंडिंग को वे अनदेखा नहीं कर पायेंगे.

नए ऑफिस में अपने बॉस को फ़ॉलो करने के विपक्ष में तर्क  

  • भाई-भतीजावाद को मिलता है बढ़ावा

भले ही हम इसे गैर-क़ानूनी, भेदभावपूर्ण या पक्षपातपूर्ण माने, लेकिन फिर भी बॉस के साथ आपके संबंध ही एकमात्र कारण होगा जिसकी वजह से आपको सौंपे गए कार्य को पूरा करने के लिए आपके टैलेंट और स्किल्स को महत्व नहीं दिया जाएगा. नये ऑफिस या कार्यस्थल में नेपोटिजम के एक बाय-प्रोडक्ट के तौर पर ही आपकी सफलता और उपलब्धियों को आंका जायेगा.

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  • पक्षपात या तरफदारी का है एक उदाहरण

आप में टैलेंट होना एक अलग बात है पर जब आपको कोई ऐसा कार्य सौंपा जायेगा जिसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी और जवाबदेही जुड़ी हो तो आपके सहकर्मी इसे पक्षपात या फेवरेटिज्म का नाम देंगे. वे यह पहलू तो अनदेखा कर देंगे कि टीम और कार्य संबंधी प्रोजेक्ट्स को हैंडल करने में आप क़ाबिल हैं लेकिन इस बात पर पूरा ध्यान देंगे कि बॉस के साथ आपके पर्सनल रिलेशन्स हैं और इसी कारण आपको इस विशेष ‘टास्क’ के जरिये अपनी क़ाबलियत दिखाने का अवसर मिला है.

  • पुराने ऑफिस से रिजाइन करना हो सकता है रिस्की  

कई लोग इस विचार की सार्थकता पर विश्वास करते हैं कि लोग अपने बॉस के लिए काम करते हैं, अपने ऑफिस के लिए नहीं. लेकिन ऐसा है नहीं क्योंकि आपका ऑफिस आपको तनखाह देता है न कि आपका बॉस. इसलिए यदि आपका ऑफिस आपकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखता है और उसकी कार्य- नीतियां कर्चारियों के अनुकूल हैं तो उस ऑफिस में अपना रिजाइन लेटर/ ई-मेल देने से पहले बहुत अच्छी तरह सोच लें. नहीं तो अगर आपका नया ऑफिस कर्मचारियों के पक्ष में बहुत से लाभ और सुविधायें नहीं देता है तो आपको अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है.

  • टैलेंट पोचिंग को भी मिलता है बढ़ावा

अपने बॉस को फ़ॉलो करने की यह एक अन्य कमी है. कोई भी ऑफिस या संगठन स्किल्ड प्रोफेशनल्स को नौकरी देने के लिए काफी बड़ी मात्रा में अपनी पूंजी लगाता है. यदि आप केवल अपने बॉस की वजह से अपनी नौकरी छोड़ते हैं तो ऐसा मालूम होगा कि किसी अन्य ऑफिस में वैसे की काम को करने के लिए मौजूदा ऑफिस की टीम को शिकार बनाया जा रहा है. अगर इस मुद्दे के सकारात्मक पहलू पर विचार करें तो आपके वेतन और सुविधाओं में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होगी लेकिन इसके विपरीत, आपकों अपने ऑफिस के प्रति निष्ठाहीन भी समझा जायेगा.

कैसे करें हैंडल अगर आपका बॉस हो उम्र में आपसे छोटा?

अपना अंतिम निर्णय लेने से पहले आपके लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने बॉस को फ़ॉलो करने के इन सभी पक्ष और विपक्ष के पहलुओं पर अच्छी तरह गौर करें. करियर में ऐसे बदलाव अपने साथ कई चैलेंज लाते हैं जिनका आपको आगे खुद सामना करना पड़ेगा. आपके बॉस बिना किसी डाउट के बुरे समय और मुसीबत में आपको सहारा देंगे, फिर भी अंतिम तौर पर सिर्फ आपको ही अपने सभी चैलेंज और मुसीबतों का सामना करना होगा. अब क्योंकि यह आपका करियर है तो आप पूरी समझदारी से काम लें.

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