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The Hindu in Hindi: भारत में स्मार्ट सिटी मिशन

IAS उम्मीदवारों के लिए हमने स्मार्ट सिटीज मिशन का विस्तृत विवरण प्रदान किया है जिसे भारत के प्रधान मंत्री द्वारा शुरू किया गया था और यह IAS परीक्षा की दृष्टि महत्वपुर्ण है। यह लेख दि हिंदू के संपादकीय पर आधारित है जो कि IAS परीक्षा की तैयारी के दौरान करेंट अफेयर्स के अध्ययन सामग्री का एक प्रामाणिक स्रोत है।

Aug 3, 2017 16:35 IST
The Hindu for IAS Exam Smart Cities Mission in India

स्मार्ट सिटीज मिशन (एससीएम) भारत सरकार का एक दूरदर्शी मिशन है। एससीएम पर आधारित प्रश्न IAS परीक्षा में पूछे जा सकते हैं इसलिए IAS उम्मीदवारों को स्मार्ट शहरीय मिशन को उचित समझना आवश्यक है और यह देश में बुनियादी ढांचे के विकास को कैसे प्रभावित करेगा।

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स्मार्ट सिटी मिशन (एससीएम) के अंतर्गत 90 शहरों की सूची में से करीब 81 शहर किफायती आवास, नए स्कूलों और अस्पतालों के लिए और सड़कों को नए सिरे से डिजाइन करने के लिए धन राशी की तलाश करते हैं। भारत में शहरों के शहरीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक धनराशि के अतिरिक्त कई पहलु और भी हैं। ऐसा लगता है कि सरकार ने निगम अधिनियम के अधीन एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) को सौंपे गए नगरपालिका परिषदों की शक्तियों के साथ चुने हुए शहरों में 'प्रबंधित शहरीकरण' दृष्टिकोण को अपनाने के द्वारा इस तरह की मौलिक समस्या से बचने का फैसला किया है जो अपने आप में बुद्धिमत्ता का कार्य करेगा। यह देखते हुए कि यह दो-सालिया मिशन द्वारा अपनाया गया मॉडल है और अब तक एसपीवी ने जो हासिल किया है उसके बारे में सरकार को एक स्थिति रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।

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स्मार्ट शहर की अवधारणा हर शहर और हर देश से भिन्न होती है लेकिन भारत के मामले में स्मार्ट शहर की अवधारणा यह है कि इसे देश के लोगों की आकांक्षाओं और जरूरतों को पूरा करना है तथा शहरी नियोजक आदर्श रूप से विकासशील संपूर्ण शहरी पारिस्थितिकी तंत्र जो व्यापक विकास-संस्थागत, शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे के चार स्तंभों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है।

स्मार्ट सिटीज मिशन (एससीएम) भारत के 100 शहरों के लिए 25 जून 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए एक समग्र शहर का कायाकल्प कार्यक्रम है। एससीएम में शुरू में पांच साल (2015-16 से 2019-20) को कवर किया जाता है और उसके बाद एक मूल्यांकन के आधार पर जारी रखा जा सकता है। एससीएम के तहत एक स्मार्ट शहर में मूल बुनियादी ढांचा तत्वों में शामिल हैं:

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स्मार्ट शहरों में व्यापक विकास के कुछ प्रारूपी विशेषताएं नीचे वर्णित हैं :

1. क्षेत्र पर आधारित घटनाक्रमों में मिश्रित भू-उपयोग को बढ़ावा देना- 'अनियोजित क्षेत्रों' के लिए नियोजन जिसमें भू-उपयोग को अधिक कुशल बनाने के लिए बहुत-सी संगत गतिविधियां और एक-दूसरे के सन्निकट भू-उपयोग निहित हैं। राज्ये भू-उपयोग में कुछ लोचशीलता ला सकते हैं और ऐसे उप-कानून बना सकते है ताकि परिवर्तन के अनुसार ढल सकें;

2. हाउसिंग और समावेशिता- हाऊसिंग के अवसरों का सभी के लिए विस्ता र करना;

3. पैदल चलने योग्य लोकिलिटी का निर्माण- भीड़भाड, वायु प्रदूषण और संसाधनों की कमी को कम करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, अंतक्रिया को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करना। सड़क नेटवर्क को केवल वाहनों एवं सार्वजनिक परिवहन के लिए ही नहीं बल्कि पैदल यात्रियों और साईकिल चालकों के लिए भी बनाया अथवा सुसज्जित किया जाता है और पैदल या साईकिल से तय की जाने वाली दूरियों के लिए आवश्यंक प्रशासनिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं;

4. नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता् में बढ़ोत्त री करने, शहरी क्षेत्रों में ताप के प्रभावों में कमी लाने और आमतौर पर पारिस्थितिकीय संतुलन को बढ़ावा देने के लिए खुले स्था नों - पार्क, खेल के मैदान, मनोरंजन के स्थाथनों का संरक्षण और विकास करना;

5. परिवहन के विभिन्न  विकल्पों को बढ़ावा देना- ट्रांजिट उन्मुख विकास(टीओडी), सार्वजनिक परिवहन और अंतिम गंतव्यह स्थ ल पर परिवहन कनेक्टिविटी;

6. सेवाओं की कीमतों में कमी लाने और नगर निगम के कार्यालयों में जाए बिना सेवाएं प्रदान करने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाईन सेवाओं पर अधिकाधिक आश्रित शासन को नागरिक-मैत्री और किफायती बनाना, विशेषकर मोबाईल उपयोग को। लोगों को सुनने और सुझाव लेने एवं कार्यस्थ-लों के साईबर दौरे की मदद से कार्यक्रमों व कार्यकलापों की ऑनलाईन निगरानी का उपयोग करने के लिए ई-समूहों का गठन करना;

7. अपने मुख्य आर्थिक कार्यकलापों जैसे स्थानीय भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कला और शिल्प, संस्कृति, खेल के सामान, फर्नीचर, होजरी, कपड़े, डेयरी आदि पर आधारित शहर को पहचान प्रदान करना;

8. अवसंरचना और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्र आधारित विकास में उनके लिए स्मा र्ट समाधान का उपयोग करना। उदाहरण के लिए, कुछेक संसाधनों का उपयोग कर और सस्ती् सेवाएं प्रदान कर क्षेत्रों को आपदा के प्रति कम असुरक्षित बनाना।

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स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत स्मार्ट पहल

• सरकार के लिए चुने हुए शहरों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि केंद्र और राज्य सरकारें देश के समुदायों की उभरती जरूरतों के परिपेक्ष में डेटा कैसे उपलब्ध करा रही हैं। Smart City and Other Initiatives

• वाहनों और पैदल चलने वालों के प्रवाह का अनुमान लगाने के लिए स्मार्ट पहल की शुरुआत की जाएगी, उदाहरण के लिए एक सेंसर जो कि वाहनों और पैदल चलने वालों के प्रवाह का अनुमान लगाएगा तथा विभिन्न मापदंडों पर रिपोर्ट करने के लिए लोगों के लिए स्मार्टफ़ोन एप्लिकेशन तैयार करेगा। ऐसे कई अंतरराष्ट्रीय उदाहरण हैं जैसे कि शिकागो सड़कों पर ऐरे ऑफ थिंग्स सेंसर स्थापित किए जा रहे हैं जिससे लोग हवा की गुणवत्ता, परिवहन, पैदल यात्रियों की आवाजाही और जल जमाव पर मौलिक आँकड़े डाउनलोड कर सकते हैं।

• इस तरह के अनुमानित आँकड़ों को सार्वजनिक करने से नागरिकों के समूह को स्वंय विश्लेषण करने के लिए सक्षम बनाता है ताकि शहर के प्रशासन को निर्णय लेने तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देने में अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जा सके।

• भारत के स्मार्ट सिटीज मिशन ने 20 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है जिसमें संबंधित एजेंसियों द्वारा हस्तक्षेप बहुत कमजोर है।

• सभी सार्वजनिक परिवहन प्रदाताओं - शहर बस निगमों, मेट्रो रेल और उपनगरीय ट्रेनों के लिए विशेष वित्त पोषण अनिवार्य बनाना चाहिए तथा सार्वजनिक आँकड़ों के रूप में यात्रियों की वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करना तथा एक सस्ती वैश्विक मानक जो स्मार्टफोन एपलिकेशन के माध्यम से पहुँच और दक्षता दोनों को प्रदर्शित करती है।

• स्ट्रीट-स्तरीय अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सार्वजनिक आँकड़े जन समस्याऔं का समाधान करने के लिए सबसे खराब साइटों के प्रबंधन का एक नया रोड मैप बनाने में मदद करेगा।

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