सुशांत विश्वविद्यालय ने मिश्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाकर क्षमताओं और अवसरों का किया निर्माण

सुशांत विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में शोध, नवीनता, सहभागी अधिशासन और वैश्विक प्रभावशीलता के माध्यम से हमेशा प्रतिबद्ध रहा है।

Created On: Aug 5, 2021 15:58 IST
सुशांत विश्वविद्यालय ने मिश्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाकर क्षमताओं और अवसरों का किया निर्माण
सुशांत विश्वविद्यालय ने मिश्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाकर क्षमताओं और अवसरों का किया निर्माण

सुशांत विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में शोध, नवीनता, सहभागी अधिशासन और वैश्विक प्रभावशीलता के माध्यम से हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। वर्तमान परिवेश में सुशांत विश्वविद्यालय ने मिश्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाकर विभिन्न क्षमताओं और अवसर का निर्माण किया है। कुलपति, डॉ. डीएनएस कुमार के सफल नेतृत्व एवं दूरदृष्टि के कारण विश्वविधालय प्रगतिशील कदम उठा रहा है, जिससे शिक्षा को वैश्विक स्तर की उत्कृष्टता मिली है। 

गुरूग्राम शहर में, जो भारत के 500 राष्ट्रीय और फॉर्च्यून कम्पनियों का केन्द्र माना जाता है, सुशांत विश्वविद्यालय स्थित है, जिसमें आठ विभाग है - कला और वास्तुकला (Art + Architecture ), कानून (Law), आतिथ्य प्रबन्धन (Hospitality Management), अभियान्त्रिकी (Engineering), स्वास्थ्य विज्ञान (Health Science) नियोजन और विकास (Planning + Development), डिजाइन ( Design), इनमें से कई विभागों ने उधोग-केंद्रित, सम-सामयिक पाठयक्रम को सम्मिलित कर विशिष्ट स्थान प्राप्त किया है।

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