टेक्निकल राइटिंग एक सदाबहार करियर ऑप्शन

टेक्निकल राइटिंग को सूचनाओं की डिजाइनिंग तथा पैकेजिंग का विज्ञान भी कहा जाता है जिसे किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए तैयार किया जाता है. टेक्निकल राइटिंग का क्षेत्र बहुत बृहद है, इसके अंतर्गत डॉक्यूमेंटेशन स्पेशलिस्ट, इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर, प्रोपोजल राइटर, कॉपी राइटर इत्यादि के कार्य आते हैं.

Mar 15, 2019 16:57 IST
    Technical writing
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    किसी भी विषयवस्तु पर लिखना एक ऐसी कला है जो पाठक को अनायास ही पढ़ने पर मजबूर कर देती है. यही  एक ऐसी कला है जो भूत, भविष्य और वर्तमान में समान रूप से उपयोगी रही है. इसकी मार्केट डिमांड कभी कम नहीं होती है. यदि किसी को लगता है कि वो आई टी सेक्टर की पूरी जानकारी रखता है तथा लिखने की कला में माहिर है तो वह एक टेक्निकल राइटर बनने का विकल्प चुन सकता है. टेक्निकल राइटिंग सामान्यतः वैज्ञानिक और तकनीकी सूचनाओं को सरल और साधारण शब्दों में प्रस्तुत करने की एक अद्भुत कला है, जिससे साधारण व्यक्ति भी उन जटिल तकनीकी सूचनाओं को समझ सकता है तथा उनका उपयोग अपने जीवन में आसानी से कर सकता है. टेक्निकल राइटिंग को सूचनाओं की डिजाइनिंग तथा पैकेजिंग का विज्ञान भी कहा जाता है जिसे किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए तैयार किया जाता है. टेक्निकल राइटिंग का क्षेत्र बहुत बृहद है, इसके अंतर्गत डॉक्यूमेंटेशन स्पेशलिस्ट, इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर, प्रोपोजल राइटर, कॉपी राइटर इत्यादि कार्य आते हैं. किसी-किसी कंपनी में टेक्निकल राइटर को इंफॉर्मेशन डेवलपर, डॉक्यूमेंटेशन स्पेशलिस्ट, डॉक्यूमेंटेशन इंजीनियर या टेक्निकल कंटेंट डेवलपर के नाम से भी जाना जाता.

    टेक्निकल राइटर का काम टेक्निकल तथा वैज्ञानिक सूचनाओं को साधारण शब्दों में रूपान्तरित करना होता है. इसके अतिरिक्त वे प्रोडक्ट्स इंस्ट्रक्शन, वेब पेज, टेक्निकल रिपोर्ट, कैटलॉग, ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन, हेल्प सिस्टम, कार्पोरेट और मार्केटिंग डॉक्यूमेंट, ब्रोशर, असेंबली इंस्ट्रक्शन, लैब रिपोर्ट आदि भी तैयार करने का कार्य करते हैं.वे इंजीनियरों, वैज्ञानिकों तथा टेक्निकल प्रोफेशनलों को उनकी रिपोर्ट-तैयार करने में भी मदद करते हैं. यदि किसी की रचनात्मक प्रतिभा के साथ-साथ नई टेक्नीक्स को सीखने में रुचि है तो यह क्षेत्र उसके लिए बहुत उपयुक्त है. इस क्षेत्र में वे अपनी योग्यता, मेहनत तथा प्रतिभा के बल पर करियर की नई उचाईयों को छू सकते हैं.

    यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ लेबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र तेजी से ग्रोथ कर रहा है. इसीलिए टेक्निकल राइटिंग का काम आउटसोर्सिंग के जरिये भारत आ रहा है. इन दिनों टेक्निकल राइटिंग के क्षेत्र में कॅरियर की अच्छी संभावनाएं दिख रही है.

    टेक्निकल राइटर की जॉब प्रोफाइल

    टेक्निकल राइटर का काम विभिन्न क्षेत्रों और नियोक्ता की मांग के अनुरूप तय किया जाता है. अपने प्रोडक्ट्स और उसके प्रयोग की विभिन्न वस्तुओं को कंज्यूमर तक पहुंचाने के लिए कंपनियां जो लेटर, ब्राउशर, प्रॉस्पेक्टस आदि बनवाती है, उनको टेक्निकल राइटर की मदद से ही बनवाया जाता है. टेक्निकल राइटर प्रोजेक्ट, रिसर्च मैटीरियल, यूजर गाइड, ऑनलाइन रिपोर्ट, ग्राफिकल प्रेजेंटेशन, जर्नल आदि बनाने का काम भी करते हैं.इन्हें प्रोडक्ट मैनुअल्स और वेबसाइट्स के लिए कंटेंट डेवलप करने से लेकर डॉक्यूमेंट कन्वर्ट करने, इन्स्टॉलेशन गाइड, ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स और एंड यूजर्स के लिए हेल्प फाइल्स भी तैयार करना होता है.

    टेक्निकल राइटर के लिए जरुरी एकेडमिक क्वालिफिकेशन

    इंग्लिश, फिजिक्स, मैथ्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर या जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री वाले उम्मीदवारों के लिए इस फील्ड में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं. टेक्निकल राइटिंग के लिए किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन होना जरूरी है. इस फील्ड की खासियत ही यही है कि इसमें किसी विशेष क्वालिफिकेशन की जरुरत नहीं है. हां, इतना जरुर है कि टेक्निकल राइटर्स की साइंस और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी के साथ-साथ इंग्लिश भाषा पर पूरी पकड़ होनी चाहिए.

    टेक्निकल राइटर बनने के लिए अन्य आवश्यक योग्यताएं

    इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए लिखने की क्षमता के अतिरिक्त अन्य आवश्यक तथा टेक्निकल योग्यताओं का भी होना बहुत जरूरी है.भारत के कुछ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में टेक्निकल राइटिंग में डिग्री व डिप्लोमा से लेकर सर्टिफिकेट कोर्स भी चलाए जा रहे हैं. कुछ इंस्टीट्यूट तो इसमें ऑनलाइन कोर्स भी करा रहे है. जर्नलिज्म व पब्लिक कम्युनिकेशन, एडवर्टाइजमेंट, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और अंग्रेजी साहित्य में डिग्री हासिल करने वाले उम्मीदवार भी इस क्षेत्र अपने लिए करियर संभावनाएं तलाश सकते हैं. 

    इसके साथ ही उनमें सहज,सरल और प्रभावी भाषा का प्रयोग करने की क्षमता होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता वस्तुविशेष के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान आसानी से प्राप्त कर सकें.अंग्रेजी और हिंदी भाषा के साथ स्थानीय भाषा पर भी अच्छी पकड़ होनी चाहिए. इसके अलावा कंप्यूटर का वांछित ज्ञान, पब्लिशिंग से जुडी बातों की समझ और प्रोडक्ट के ज्ञान के अलावा इस क्षेत्र की टेक्नोलॉजी की जानकारी का होना भी अति आवश्यक है.

    टेक्निकल राइटिंग का कोर्स कराने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स

    • टेक्नो राइटर्स एकेडमी, पुणे
    • एक्स.आई.सी, मुंबई
    • यूनिवर्सिटी ऑफ कालीकट, केरल
    • टेक्नोप्वॉइंट, बेंगलुरू
    • डॉक्यूमेंटेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर, बेंगलुरू
    • फॉर सी कंटेंट एक्सपर्ट्स, बेंगलुरू
    • टी. डब्ल्यू.बी. इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल कम्युनिकेशन, बेंगलुरू
    • आईआईटी, दिल्ली
    • टीएएससी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई
    • डिपार्टमेंट ऑफ कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज्म, पूना यूनिवर्सिटी, पूना

    टेक्निकल राइटर्स के लिए रोजगार की संभावनाएं

    टेक्निकल राइटिंग का क्षेत्र एक बहुत ही विस्तृत क्षेत्र है. इसके जरिये उम्मीदवार को आइटी, एजुकेशन, मेडिकल, फाइनेंस, गवर्नमेंट, हर लेवल पर काम करने का अवसर मिलता है.इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, पब्लिशिंग, टेलीकम्युनिकेशन, लॉ, टूरिज्म इंडस्ट्री में भी टेक्निकल राइटर्स की बहुत ज्यादा डिमांड है.आजकल तो बायोइंफॉर्मेटिक्स, क्लीनिकल रिसर्च, पेटेंट राइटिंग, रिसर्च में भी टेक्निकल राइटर्स की जरुरत पड़ने लगी है. अब टेक्निकल राइटर्स की डिमांड हर इंडस्ट्री और हर फील्ड में बढ़ती जा रही है.टेक्निकल राइटिंग में एसोसिएट टेक्निकल राइटर के रूप में करियर की शुरुआत की जाती है लेकिन चार से पांच वर्ष के अनुभव के बाद उम्मीदवार किसी कंपनी में टीम लीडर जैसे पदों पर काम कर सकते हैं. सात वर्ष से ज्यादा का अनुभव  होने पर डॉक्युमेंटेशन मैनेजर या प्रोडक्ट मैनेजर/एनालिस्ट के तौर पर कम्पनियों द्वारा इन्हें हायर किया जा सकता है. अगर उम्मीदवार का टेक्निकल बैकग्राउंड है, तो सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट भी बन सकते हैं. वे चाहें तो फ्रीलांसर के रूप में भी काम कर सकते हैं.

    इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में टेक्निकल राइटर की मांग दिनोदिन बढ़ती जा रही है. बडी-बडी आईटी कंपनियां, जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, इंफोटेक आदि में टेक्निकल राइटर की जरूरत हमेशा बनी ही रहती है. विज्ञापन एजेंसियों, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट फर्मोँ और मीडिया में इनके लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं. अब तो सरकारी सेक्टर्स में भी इनकी सेवाएं ली जाने लगी हैं.

    टेक्निकल राइटर्स को मिलनेवाली संभावित सैलरी

    टेक्निकल राइटिंग के क्षेत्र में फ्रेशर्स की सैलरी 2.75 से 3.2 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है. लेकिन जैसे-जैसे उम्मीदवार का एक्सपीरियंस बढ़ेगा, सैलरी बढ़ती जायेगी और यह 12 लाख रुपये सालाना या उससे ज्यादा तक हो सकती है.

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