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भारत में फाइन आर्ट्स में करियर्स और विकास की संभावनाएं

हमारे देश में फाइन आर्ट्स में बैचलर डिग्री होल्डर्स के पास आजकल अपना करियर बनाने और जॉब हासिल करने के कई मौके हैं. इस पेशे में आपको बढ़िया सैलरी पैकेज मिलने के साथ ही अपने काम से संतुष्टि मिलती है.......आइये आगे पढ़ें.

Feb 20, 2019 15:27 IST
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The Careers and Growth Prospects in Fine Arts in India
The Careers and Growth Prospects in Fine Arts in India

फाइन आर्ट्स की दुनिया में अपनी खास पहचान है और फाइन आर्ट्स ने दुनिया को असंख्य ऐतिहासिक और  सांस्कृतिक धरोहरें दी हैं. जब किसी कलाकृति से सुंदरता का बोध होता है तो वह फाइन आर्ट्स का एक अच्छा उदाहरण हमारे सामने पेश करती है. कभी कलाकारों का कार्य-क्षेत्र रहने वाली फाइन आर्ट्स अब लोगों को करियर और जॉब्स के अनेक बेहतरीन अवसर मुहैया करवाती है. अगर आपके भीतर भी एक कलाकार या आर्टिस्ट मौजूद है जो पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के साथ ही कला के क्षेत्र में निरंतर अपना योगदान देना चाहता है, तो आप फाइन आर्ट्स की फील्ड में एजुकेशनल क्वालिफिकेशन हासिल करके अपना मनचाहा करियर शुरू कर सकते हैं या फिर, फाइन आर्ट्स से जुड़े विभिन्न संस्थानों में कोई सूटेबल नौकरी प्राप्त कर सकते हैं. फाइन आर्ट्स की विभिन्न फ़ील्ड्स आपको क्रिएटिविटी की एक नई दुनिया में लेकर जाती हैं और फाइन आर्ट्स की सभी क्रिएशन्स उपयोगी होने के साथ ही मनोहारी भी होती हैं. आइये फाइन आर्ट्स की विभिन्न फ़ील्ड्स और करियर ऑप्शन्स के बारे में आगे जानकारी प्राप्त करते हैं.  

भारत में फाइन आर्ट्स कोर्सेज और एलिजिबिलिटी

डिप्लोमा कोर्स

  • फाइन आर्ट्स में डिप्लोमा – यह 1 वर्ष का कोर्स है और 12वीं पास स्टूडेंट्स इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं.

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज

  • बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स (बीएफए) – इस कोर्स की अवधि 4 वर्ष से 5 वर्ष तक है.
  • बैचलर ऑफ़ विजूअल आर्ट्स (बीवीए) - इस कोर्स की अवधि 4 वर्ष से 5 वर्ष तक है.
  • फाइन आर्ट्स में बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (बीए) – यह 3 वर्ष की अवधि का कोर्स है. किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशन बोर्ड से 12वीं पास स्टूडेंट्स इन अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं.

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज

  • मास्टर ऑफ़ फाइन आर्ट्स (एमएफए) – इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है.
  • मास्टर ऑफ़ विजूअल आर्ट्स (एमवीए) - इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है.
  • फाइन आर्ट्स में मास्टर ऑफ़ आर्ट्स (एमए) – यह 3 वर्ष की अवधि का कोर्स है. किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट स्टूडेंट्स इन पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं.

पीएचडी कोर्स

  • फाइन आर्ट्स में पीएचडी – इस कोर्स की अवधि 5 वर्ष है और किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स इन पीएचडी कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं.

फाइन आर्ट्स में कॉरेस्पोंडेंस कोर्सेज

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू), इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू), दिल्ली और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) भी फाइन आर्ट्स में कॉरेस्पोंडेंस कोर्सेज करवाते हैं.

भारत में फाइन आर्ट्स कोर्सेज करवाने वाले कुछ प्रमुख इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज

  • हैदराबाद यूनिवर्सिटी 
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
  • कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी
  • एमिटी यूनिवर्सिटी
  • इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फाइन आर्ट्स, दिल्ली
  • जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
  • इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, उत्तर प्रदेश
  • लखनऊ यूनिवर्सिटी
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  • श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी, दिल्ली

टॉप इंटरनेशनल फाइन आर्ट्स यूनिवर्सिटीज  

  • नॉर्थईस्टर्न इलिनॉइस यूनिवर्सिटी, यूएसए
  • न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया
  • ऑकलैंड यूनिवर्सिटी, न्यूज़ीलैंड
  • न्यूकैसल यूनिवर्सिटी, यूके
  • साउथएम्पटन यूनिवर्सिटी, यूके

फाइन आर्ट्स की फील्ड के लिए जरुरी स्किल-सेट

फाइन आर्ट्स की किसी भी फील्ड में अपना करियर शुरू करने वाले या जॉब करने वाले कैंडिडेट्स के पास कुछ जरुरी स्किल्स होने चाहिए तभी वे अपनी वर्क फील्ड में सफल हो सकते हैं जैसेकि:

  • फाइन आर्ट्स के लिए क्रिएटिविटी पहली शर्त है.
  • कैंडिडेट्स को सभी डिजिटल मीडियाज और फाइन आर्ट्स से संबद्ध लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज की अच्छी जानकारी होनी चाहिए.
  • आर्टिस्ट अपने कॉन्सेप्ट में क्लियर हों.
  • कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन में माहिर हों.
  • आर्ट मटीरियल्स का अच्छी तरह इस्तेमाल करने का गुण भी जरुरी है.
  • पेशेवरों की रचनाएं क्रिएटिव होने के साथ ही वास्तविकता के करीब हों.
  • अन्य आर्टिस्ट्स के साथ कोआर्डिनेशन करना भी आना चाहिए.

फाइन आर्ट्स की फील्ड से जुड़े कुछ खास करियर ऑप्शन्स

अब हम फाइन आर्ट्स की विभिन्न फ़ील्ड्स से संबद्ध कुछ लोकप्रिय पेशों का जिक्र कर रहे हैं. फाइन आर्ट्स या संबद्ध फील्ड में ग्रेजुएट कैंडिडेट्स निम्नलिखित फ़ील्ड्स में जॉब करने के साथ ही अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं या फिर, संबद्ध फील्ड में फ्रीलांसिंग के माध्यम से भी कमाई कर सकते हैं. आइए आगे पढ़ें:

  • टेक्सटाइल डिज़ाइनर –  

फाइन आर्ट्स या अन्य संबद्ध फ़ील्ड्स में बैचलर डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स किसी टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बतौर टेक्सटाइल डिज़ाइनर भी काम कर सकते हैं. ये पेशेवर टेक्सटाइल इंडस्ट्री में विभिन्न कपड़ों के डिज़ाइन्स और पैटर्न्स तैयार करने के साथ ही फैब्रिक तैयार करने में अपना योगदान देते हैं. आमतौर [पर किसी टेक्सटाइल डिज़ाइनर की एवरेज सैलरी 3.7 लाख रुपये सालाना तक होती है. 

  • ग्राफ़िक डिज़ाइनर –

ये पेशेवर लोगोज, प्रिंट एड्स, ब्रोशर्स, पैकेजिंग मटीरियल्स और अन्य विजूअल कम्युनिकेशन मटीरियल्स तैयार करते हैं. इन लोगों को एडवरटाइजिंग एजेंसीज और डिज़ाइन एजेंसीज में काम मिलने के साथ ही विभिन्न कंपनियों के मार्केटिंग डिपार्टमेंट्स में हायर किया जाता है. ये लोग फ्रीलांसिंग करके भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. इन पेशेवरों को शुरू में रु. 2.75 लाख तक सालाना सैलरी पैकेज मिलता है.

  • एनिमेटर –

पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी गेमिंग इंडस्ट्री का बड़ी तेज़ी से विकास हो रहा है. आजकल एनीमेशन स्टूडियोज और गेमिंग कंपनीज इन पेशेवरों की बदौलत अच्छी-खासी कमाई कर रही हैं. एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2016 – 2026 तक इस पेशे में 8 फीसदी तक रोज़गार बढ़ेंगे. हमारे देश में एक टैलेंटेड एनिमेटर एवरेज रु. 50 हजार – 60 हजार तक प्रति माह कमा लेता है.

  • इलस्ट्रेटर और कार्टूनिस्ट –

ये पेशेवर विभिन्न अखबारों, पत्रिकाओं, वेबसाइट्स में जॉब करने के साथ ही राइटर्स और पब्लिशिंग हाउसेज के लिए भी काम करते हैं. हमारे देश में किसी इलस्ट्रेटर की एवरेज सैलरी रु. 3.30 लाख सालाना तक होती है.

  • स्कल्पटर –

ये पेशेवर मिट्टी, पत्थर, लकड़ी या विभिन्न मेटल्स से बहुत सुंदर मूर्तियां बनाते हैं. विभिन्न होटल्स, आर्किटेक्ट्, मॉल ओनर्स और अर्बन प्लानर्स इन पेशेवरों को काम मुहैया करवाते हैं. उड़ीसा के सुदर्शन पटनायक रेत या बालू पर बहुत खूबसूरत मूर्तियां बनाने के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. आमतौर पर एक स्कल्पटर को रु. 3.68 लाख सालाना तक मिलते हैं.

फाइन आर्ट्स की फील्ड से जुड़े कुछ अन्य खास करियर ऑप्शन्स

  • आर्ट थेरापिस्ट
  • मल्टीमीडिया प्रोग्रामर
  • ड्राइंग टीचर
  • सेट डिजाइनर
  • प्रोडक्शन आर्टिस्ट
  • म्यूजिक टीचर
  • फाइन आर्टिस्ट
  • क्रिएटिव डायरेक्टर
  • एडिटर
  • फर्नीचर डिजाइनर
  • आर्ट डायरेक्टर
  • 3डी आर्टिस्ट
  • फोटोग्राफर

भारत और विश्व में फाइन आर्ट्स की फील्ड से संबद्ध प्रमुख जॉब प्रोवाइडर्स

  • एडवरटाइजमेंट कंपनियां
  • पब्लिशिंग हाउसेज
  • मैगज़ीन्स
  • बुटीक
  • आर्ट स्टूडियो
  • थियेटर्स
  • टेलरिंग शॉप्स
  • फैशन हाउसेज
  • एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स
  • टेलीविजन इंडस्ट्री
  • एनीमेशन
  • डिजिटल मीडिया
  • टीचिंग
  • टेक्सटाइल इंडस्ट्री

भारत में फाइन आर्ट्स की फील्ड में मिलने वाला सैलरी पैकेज

हमारे देश में फाइन आर्ट्स ग्रेजुएट को अपने करियर के शुरू में एवरेज रु. 2 लाख – 3 लाख तक सालाना सैलरी पैकेज मिलता है. कुछ वर्षों के कार्य अनुभव के बाद ये पेशेवर आमतौर पर रु. 4 लाख – 5 लाख सालाना तक कमा लेते हैं. इन पेशेवरों के टैलेंट और एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का भी इनके सैलरी पैकेज पर काफी असर पड़ता है. अगर ये पेशेवर अपना कारोबार शुरू करें तो इनकी कमाई की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है. आप तो जानते ही हैं कि कुछ पेंटिंग्स की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कई लाख डॉलर्स तक होती है.

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