Yojana: 'न्यू इंडिया' की कहानी

'न्यू इंडिया' का विचार हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और IAS उम्मीदवार को IAS परीक्षा जो कि जून 2017 में आयोजित किए जाने वाले परीक्षा से पहले इस विषय का अध्ययन अवशय करना चाहिए । इस लेख में हमने भारत को 'न्यू इंडिया' के रूप में बनाने की सरकार की पहल पर चर्चा की है।

Created On: May 4, 2017 17:23 IST
Modified On: May 5, 2017 16:38 IST

Idea of New Indiaभारत को 'न्यू इंडिया' के रूप में बनाने का हालिया दृष्टिकोण काफी दिलचस्प है क्योंकि इससे लोगों के बीच एक नई आशा पैदा हुई है। वर्तमान सरकार ने दावा किया है कि हम वैश्विक भू-राजनीतिक आर्थिक क्षेत्र में भारत के विकास की कहानी को दोबारा लिखने जा रहे हैं। इस दिशा मे प्रशासन के प्रतिमान में नए पाठ्यक्रमों की कल्पना भी कर रहे हैं और देश की पुरानी पहचान को 'न्यू इंडिया' की एक नई अवधारणा के रूप में विकसित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। यह विषय IAS मुख्य परीक्षा के संदर्भ में बहुत हीं महत्वपूर्ण है और इसे UPSC IAS परीक्षा 2017 में पूछा जा सकता है। IAS उम्मीदवारों को उन विषयों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए जिन्हें नागरिक के लाभ के लिए लागू किया गया है।

पिछले 2-3 वर्षों में सरकार लोगों की मानसिकता और व्यवहार को बदलने में काफी हद तक सफल रही है और भारतीय अर्थव्यवस्था को एक अलग स्तर के विकास और एकीकरण की ओर बढ़ाने मे सफल रही है। सरकार अपने बोल्ड निर्णयों से भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मज़बूत बनाया है और दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का टैग तथा उत्पादों के लिए एक मजबूत और तेजी से बढ़ते बाजार का टैग बनाए रखने में सफल रहा है।

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नई भारत की कहानी

पुनरुत्थान भारत, डिजिटल भारत, समावेशी भारत, अविष्कारशील भारत, निवेशक-अनुकूल भारत, परिवर्तनकारी भारत, स्वच्छ भारत, कौशल भारत, पारदर्शी भारत, ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया, उभरते हुए भारत, केयरिंग इंडिया और संचारशील भारत जैसी कहानियों की श्रेणी प्रक्रिया में हैं जो भारत को नई भारत के रूप में आकार देने की राह मे अग्रसर है।

पुनरुत्थान भारत

विमुद्रीकरण अभियान के तहत 9 नवंबर 2016 की रात को 500रु और 1000रु के नोटों को अवैध घोषित कर दिया गया था जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डाला है और काले धन, नकली मुद्रा और भ्रष्टाचार जैसे तीन-तरफा खतरों को रोकने के लिए उठाए गए पहल की श्रृंखला को भी तार्किक पराकाष्ठा पर पहुंचा दिया।

कर चोरी और आय घोषणा योजना (IDS) के व्यक्तिगत मामलों पर जांच से निपटने के लिए स्विस बैंक के साथ मिलकर एसआईटी का गठन किया गया था जिससे करीब 65,000 करोड़ रुपए का कर राजस्व जुटाने मे सफल हुए।

विमुद्रीकरण अभियान और अर्थव्यवस्था को काले नकदी धन से शुद्ध करने की पहल सरकार और सेंट्रल बैंक के लिए कर दरों और ब्याज दरों में कटौती करने के लिए एक उपयोगी कदम साबित हुआ जिससे राजकोषीय घाटे और विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए एक सही दिशा मे निवेश किया जा रहा है।

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डिजिटल इंडिया

  • डिजिटल इंडिया, विमुद्रीकरण अभियान के बाद सबसे सफल रही जो कि नकद रहित लेन-देन को प्रेरित करके और भारत को कैशलेस समाज में परिवर्तित करके लोगों में व्यवहार में बदलाव लाया था, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की मांग की गई थी। Digital Movement in India
  • डिजिटल इंडिया को एक सफल पहल के रूप में बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टिम को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और बीएचआईएम (BHIM) ऐप को लॉन्च किया है जिसमें 1.5 करोड़ लोगों ने इसके लॉन्च होने के 2 महीने के भीतर पंजीकरण किया है।
  • लोगों के बीच डिजिटल लेनदेन की सुविधा हेतु रुचि बढ़ाने के लिए जन-धन खातेदारों मे 30 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं।
  • डिजिटल लेनदेन करने वाले लगभग 12.5 लाख लोगों ने लकी ग्राहक योजना के तहत जबकि 70,000 व्यापारियों ने दिजीधन व्यवसाय योजना के तहत पुरस्कार जीता है।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कर चोरी करने वालों को उनके अवघोषित आय को डिक्लेयर करने का एक सुनहरी अवसर प्रदान किया और उस धन को गरीबों के हित मे कल्याणकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

समावेशी भारत

  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के तहत बचत खाताऔं के खुलने का प्रत्यक्ष लाभ डारेक्ट बेनेफिट ट्रांस्फर (DBT) योजना या PAHAL योजना के तहत लक्षित लाभार्थियों को एलपीजी सब्सिडी को चैनलित करना संभव हो पाया है।

Issue of New Currency Notes

  • डीबीटी दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना है जिसमे 160 मिलियन से अधिक पंजीकृत लाभार्थियों के साथ जो गरीब परिवारों के लिए डारेक्ट बेनेफिट ट्रांस्फर में वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यास के रूप में उभरने की एक महान क्षमता है।
  • डीबीटी के कार्यान्वयन के बाद से सरकार ने लगभग 22,000 करोड़ रुपये बचाने के लिए कामयाब रहा है। विमुद्रीकरण, जन-धन, डारेक्ट बेनेफिट ट्रांस्फर जैसी पहल ने सरकार को सार्वभौमिक वित्तीय समावेश के लक्ष्य को प्राप्त करने मे काफी सहायक रहा और हर नागरिक को औपचारिक बैंकिंग नेट से जुड़ने का अवसर दिया गया है।
  • PMJDY के तहत अब तक लगभग 28.13 करोड़ खाते खोले गए हैं जो कि कैशलेस अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और देश में 'वित्तीय अस्थिरता' की स्वप्न को हासिल करने के लिए बहुत जरूरी है।

आधार: निजता का अधिकार ?

ईमानदार भारत

  • PAHAL योजना के साथ 'गिव इट अप' अभियान जो कि प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक कमाने वाले ग्राहकों को मिल रही एलपीजी सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने के लिएलप्रोत्साहित किया।
  • 'गिव इट अप' अभिया से बचाई गई राशि का इस्तेमाल 65 लाख नए एलपीजी कनेक्शन देने के लिए किया गया है जो अभी भी खाना पकाने के लिए पारंपरिक जलावन या केरोसीन स्टोव का इस्तेमाल करते हैं।
  • 1 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी का लाभ छोड़ दिया और सरकारी खजाने को लगभग 5000 करोड़ रु का लाभ हुआ

निष्कर्ष
सरकार द्वारा 'नई भारत' बनाने के लिए किए गए प्रयास काफी सराहनीय हैं। इससे पहले कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रमों में पारदर्शिता की बहुत जरूरत थी लेकिन पिछले कुछ सालों में सरकार ने अपने दायित्व को निभाने मे सफलता हासिल की है और अधिकांश योजनाऔं को और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। डिजिटल भारत, समावेशी भारत और पीएमजेडीवाई, पहल, डीबीटी आदि जैसी योजनाओं की शुरूआत ने नागरिकों को लाभ पहुचाने हेतु सरकार की दृढ़ इच्छा को साबित करता है।
'द स्टोरी ऑफ इंडिया' के शेष भाग को बाद के लेखों में चर्चा की जाएगी।

भारत के बहादुर IPS Officers

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