Yojana: 'न्यू इंडिया' की कहानी II

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में ‘न्यू इंडिया’ के विचार का उल्लेख किया है और अब यह एक चर्चा का विषय बन गया है। IAS परीक्षा में IAS की तैयारी के दौरान IAS उम्मीदवारों को ऐसे मुद्दों को जरुर शामिल करना चाहिए। यहां हमने 'द स्टोरी ऑफ न्यू इंडिया' के लेख का दूसरा हिस्सा प्रदान कर रहे हैं।

 

Created On: May 12, 2017 19:13 IST

Idea of New Indiaभारत को ‘न्यू इंडिया’ के रूप में बनाने के लिए वर्तमान सरकार की पहल काफी दिलचस्प है क्योंकि इससे लोगों के बीच एक नई आशा उत्पन्न हुई है। IAS उम्मीदवारों को सरकार के इस दृष्टिकोण के विभिन्न आयामों का पता लगाना चाहिए। यह IAS मुख्य परीक्षा के संदर्भ में एक बहुत महत्वपूर्ण विषय है और इसे UPSC IAS परीक्षा 2017 में पूछा जा सकता है। UPSC IAS उम्मीदवारों को वैसे विषयों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए जिन्हें नागरिक के लाभ के लिए लागू किया गया है।
लेख का पहला भाग पहले प्रकाशित किया जा चुका है।

Yojana: 'न्यू इंडिया' की कहानी भाग I

निवेशक-अनुकूल भारत

  • भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए सरकार ने 'मेक इन इंडिया' अभियान शुरू किया है और इसका उद्देश्य बेहतर बुनियादी ढांचे, बेहतर रोजगार के अवसरों और भारत के बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय लाभांश पर लाभ के संदर्भ में बेहतर अर्थव्यवस्था के रूप में बनाना है।Make In India
  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह में 3.35 अरब डॉलर के ऑर्डर के जरिए 2017 के शुरुआती महिनो में उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और चालू खाता घाटे के वित्तपोषण से अधिक है।
  • मेक इन इंडिया के लाँच के बाद विदेशी निवेश में लगभग 46 प्रतिशत बढ़ोत्तरी आ गयी है।

परिवर्तनकारी भारत

  • कर व्यवस्था को व्यापक बनाने के लिए अथवा कर व्यवस्था को आसान बनाने, माल और सेवाओं के लिए एक राष्ट्रव्यापी बाजार बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के राह पर ऐतिहासिक जीएसटी कानून को पारित किया गया है।

    Transformational India

  • ऐतिहासिक जीएसटी कानून के लागु होने के बाद सरकारी राजस्व लॉजिस्टिक्स में बढ़ोत्तरी, इन्वेंटरी की लागतें, कर चोरी में भारी गिरावट आ जाएगी और सामानों का सस्ता-निर्माण संभव होगा।
  • जीएसटी बिल पारित करने के बाद, 'एक राष्ट्र, एक कर' का सपना अब पूरे देश के लिए एक वास्तविकता है।
  • देश के विनिर्माण विभाग में अधिक प्रतिस्पर्धा होगा तथा जीएसटी करो के कैस्केडिंग इफेक्ट, इंटर स्टेट टैक्, अत्यधिक लॉजिस्टिक्स कॉस्ट, खंडित बाजारों जैसी समस्याओं के निर्वाहण में उपयोगी साबित होगा।
  • आयात से सुरक्षा बढ़ाई जायेगी क्योंकि जीएसटी उचित काउंटरवैलिंग ड्यूटी प्रदान करता है जिससे आयात को प्रोटेक्ट करने में भी उपयोगी साबित होगा।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के लिए करंट अफेयर्स: 12 मई 2017

डिजिटल भारत

  • भारत के एक कुशल अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने के लिए, डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंफॉर्मेशन अभियान की शुरूआत की गयी थी।
  • डिजिटाइजेशन ई-गवर्नेंस के माध्यम से प्रक्रियात्मक मामलों पर अधिक समय बचत करते हुए दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।Digital Movement in India
  • डिजिटल इंडिया की पहल अभी अपने शुरुआती दौर में है और इस योजना को बहुभाषी प्लेटफार्मों में बढ़ाना और ग्रामीण इलाकों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए इस पहल का अहम भूमिका रहेगा।
  • पर्याप्त बुनियादी ढांचे के महत्व को समझने के लिए सरकार ‘भारत ब्रॉडबैंड’ की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है जिसमें 2.5 लाख पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।
  • 29 जनवरी 2017 तक 1, 72,257 किलोमीटर की कुल लंबाई के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल को 76,0 9 8 ग्राम पंचायतों में बिछाया गया है जबकि 16,355 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान किया जा चुका है।

IAS प्रारंभिक परीक्षा 2017 के लिए करंट अफेयर्स: 24 अप्रैल 2017

स्वच्छ भारत

  • स्वच्छ भारत अभियान एक ऐसी पहल है जिसे एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में माना जा सकता है और 2019 तक खुले शौच मुक्त भारत को प्राप्त करने के लिए एक शानदार लक्ष्य निर्धारित करता है।

Swachh Bharat Abhiyan

  • इस योजना के तहत अब तक निर्मित शौचालयों की संख्या के आधार पर बुनियादी ढांचों में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है।
  • सरकार ने व्यवहारिक परिवर्तन के आधार पर पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक मानदंडों कोन जो शौचालयों का उपयोग करने से लोगों को रोकते हैं उसे बदलने की भी योजना बनाई है।
  • स्वच्छ भारत अभियान के शुरूआती दौर में 573 शहरों, 1, 88,008 गांवों और 130 जिलों को ओपन डिफेकेशन फ्री (ओडीएफ) घोषित करने के बाद 4 करोड़ से भी अधिक शौचालयों का निर्माण करने में सफल रहा है।

कौशल भारत

  • कौशल विकास मोर्चे पर ‘प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना’ (पीएमकेवीवाई) सरकार की एक बड़ी योजना है जो कि बड़ी संख्या में भारतीय युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल प्रशिक्षण लेने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
  • पीएमकेवीवाई (PMKVY) नौकरी सुरक्षा के साथ बेहतर आजीविका हासिल करने में भारतीय युवाओं की मदद करेगी।
  • "कौशल भारत, कुशाल भारत" के नारा के साथ कुल 19 .85 लाख युवाओं को अब तक प्रशिक्षित किया जा चुका है और वित्त वर्ष 2016 में 2.49 लाख रखा गया था जबकि 596 जिलों में 8479 प्रशिक्षण केन्द्र खोले गए हैं।

आधार: निजता का अधिकार ?

पारदर्शी भारत

  • भारत को और अधिक पारदर्शी बनाने के क्रम में वर्तमान सरकार ने 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' जैसे सिद्धांतो का पालन किया है जिसे सरकार के कार्य नीति में बदलाव के रूप मे देखा जा सकता है।
  • सरकार के मौजूदा नेतृत्व में एक पेशेवर काम की शैली है और सरकार की नई कार्य प्रणाली से एक नई संस्कृति को जन्म दिया है।
  • मौजूदा सरकार वीडियो सम्मेलनों के माध्यम से पूरे देश के अधिकारियों के साथ उनके कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है जिसमें मंत्रियों और शीर्ष नौकरशाहों का समावेश होता है।
  • सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रणाली व्यापक भ्रष्टाचार को रोकने और देरी एंव प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के प्रयासों को कोयला ब्लॉक आवंटन जैसे फैसले में देखा सकता है।

निष्कर्ष

भारत को 'न्यु इंडिया' के रूप में बनाने की सरकार की पहल काफी सराहनीय है। इससे पहले कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में विज़न की कमी दिखती थी और लक्षित लाभार्थी तक पहुंचाने में असमर्थ साबित होते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में सरकार ने अपने कार्यों पर उत्तरदायित्व बनाए रखने में सफलता हासिल की है और अधिकांश योजनाऔं को अधिक पारदर्शी बनाने में सफल रहे हैं। डिजिटल भारत, समावेशी भारत और पीएमजेडीवाई, पाहल, डीबीटी आदि जैसी योजनाओं की शुरूआत ने नागरिकों के लाभ के प्रति समर्पित पूरे सरकार की इच्छा को साबित कर दिया है।

भारत के बहादुर IPS Officers

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