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वर्किंग मदर कैसे करें ऑफिस लाइफ को एडजस्ट ?

किसी भी व्यक्ति के लिए कार्य शील जीवन थोड़ा सा परेशानी भरा तो रहता ही है, उसमें भी अगर एक माँ की बात की जाय जिसके बहुत छोटे छोटे बच्चे होते हैं, उसके लिए वास्तव में घर से बाहर या कार्यालय में कार्य करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है.

Sep 13, 2017 15:25 IST
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This is how you can balance motherhood with active work life
This is how you can balance motherhood with active work life

किसी भी व्यक्ति के लिए कार्य शील जीवन थोड़ा सा परेशानी भरा तो रहता ही है, उसमें भी अगर एक माँ की बात की जाय जिसके बहुत छोटे छोटे बच्चे होते हैं, उसके लिए वास्तव में घर से बाहर या कार्यालय में कार्य करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है. अधिकांश मामलों में तो महिलाएं बच्चों की देखभाल के लिए अपने करियर का बलिदान कर देती हैं तथा कम्प्लीट हाउसवाईफ बनकर उनकी परवरिश करती हैं. कुछ महिलाएं करियर में कुछ साल का ब्रेक लेकर फिर से करियर की शुरुआत करती हैं. लेकिन दूबारा शुरुआत भी उतना आसान नहीं होता. क्योंकि उन्हें अपनी जिंदगी की शुरुआत एक नए तरीके से करनी होती है. लेकिन कभी कभी ऐसा होता है कि काफी मेहनतके बाद कोई मनचाही जॉब मिलती है और उसे छोड़ने पर पुनः वैसी जॉब नहीं मिलने की आशंका से बहुत सारी वर्किंग वुमेन मानसिक द्वन्द की स्थिति से गुजरती हैं. अगर आपकी स्थिति भी कुछ ऐसी ही है,तो आप को चिंतित होने की बजाय अपने हाउस लाइफ और वर्क लाइफ की बीच संतुलन बैठाने की आवश्यक्ता है. इसके लिए आपको निम्नांकित बातों पर ध्यान देना चाहिए-

1. अपनी महत्वकांक्षा को गलत न समझें

बच्चे की परवरिश के लिए जॉब छोड़ना कोई बुद्धिमानी नहीं है. इस मामले में कभी कभी स्वार्थपरता का आरोप महिलाओं पर लगाया जाता है. ध्यान रखिये अगर आप कमाएंगी तभी आर्थिक रूप से अच्छी परवरिश अपने बच्चे को दे पाएंगी. आप अपने बच्चे को अन्य सुख सुविधाएँ उपलब्ध करा पाएंगी. इसके साथ ही साथ अपने परिवार के आर्थिक बोझ को भी कम करने में सक्षम होंगी. 

2. एक अच्छे क्रेच की तलाश करें

यदि आप और आपके पति दोनों कार्य करते हैं और घर पर कोई अन्य बच्चे की देखभाल के लिए नहीं है,तो आप एक अच्छे क्रेच की तलाश कीजिये. क्रेच में बच्चे की अच्छी तरह से देखभाल की जाती है. चूँकि क्रेच में बहुत सारे बच्चे एक साथ होते हैं इससे बच्चे का मानसिक तथा शारीरिक विकास भी बेहतर होता है तथा वे बाहरी माहौल से सामंजस्य बैठाना भी बड़ी जल्दी सीख जाते हैं. हाँ बच्चे की सुरक्षा को लेकर हमेशा सजग रहें. इसके अतिरिक्त आप घर पर भी बच्चे की देखभाल के लिए मेड रख सकती हैं और संदेह की स्थिति में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था कर सकती हैं लेकिन व्यावहारिकता को देखते हुए अच्छा क्रेच बढ़िया विकल्प है.

3. रात को ही सभी काम निबटाने की कोशिश करें

चूँकि अधिकांश मामलों में सुबह में स्कूल, क्रेच तथा कार्यालय का समय लगभग एक ही होता है. इसलिए हर काम को एक साथ सुबह कर पाना बहुत कठिन होता है. इसलिए कोशिश करें कि सारे कार्य रात को ही निबट जाए. बच्चे की ड्रेस, बैग, अपना ड्रेस बैग आदि रात को ही तैयार कर लें. यदि सुबह का नाश्ता और भोजन खुद ही तैयार करनी हो तो शब्जी आदि काटकर रात को ही रख लें ताकि सुबह आपको इसके लिए कम समय देना पड़े.

4. एक फेमिली कैलेंडर बनाएँ

अपने फोन में अपना एक फेमिली कैलेण्डर बना कर रखें. अगर संभव हो तो गूगल के विशेष कैलेण्डर के जरिये भी यह कार्य आप कर सकती हैं. इससे आपको घर के सदस्यों के जन्मदिन, वर्षगांठ,बच्चे के विद्यालय का महत्वपूर्ण उत्सव आदि को याद रखने में सुविधा होगी तथा आप उस अनुरूप अपनी योजना बना पाएंगी तथा जरुरत पड़ने पर अपने कार्यालय से अवकाश ले सकती हैं.

5. अगर संभव हो तो अपने बॉस से कभी कभी कुछ परेशानियों का जिक्र करें 

यह बात बिलकुल सही है कि अपनी पसर्नल और प्रोफेशनल लाइफ को हमेशा अलग रखना चाहिए. लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों में कभी कभी आप अपनी परेशानियों को अपने बॉस से शेयर करें तथा उनसे जरुरत हो तो काम में रियायत अथवा शॉर्ट लिव की अपील करें. इससे आपको बहुत अधिक राहत महसूस होगी. यदि आप मातृत्व अवकाश ले रही हैं, तो यह अवश्य जानें कि आप इसे कितने दिन के लिए ले सकती हैं और इसके लिए आपको कितना मुआवजा मिलेगा ?

6. प्रौद्योगिकी के माध्यम से जुड़े

टेक्नोलॉजी के इस युग में आप टेक्नोलॉजी के जरिये 24 घंटे अपने परिवार से जुड़ी रह सकती हैं. यदि आपका बच्चा बात कर सकता है तो आप उससे जब चाहें उससे बात कर सकें इसकी व्यवस्था करें. बच्चे को हमेशा अपने विश्वास में रखिये तथा उसे भरोसा दिलाइये कि उसे जब आपकी आवश्यक्ता होगी आप उनके पास होंगी. इससे आपका बच्चा बहुत हद तक सुरक्षित महसूस करेगा.

निष्कर्ष

वस्तुतः ये कुछ ऐसी बातें हैं जिनपर गौर करके आप अपने घर और ऑफिस में सामंजस्य बैठाने के साथ साथ अपने बच्चे को भी बेहतर परवरिश तथा सुरक्षा का एहसास दिला सकती हैं. इससे आपको अपने रोज की आम चिंताओं से थोड़ी बहुत राहत अवश्य मिलेगी.

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