ग्रेजुएशन के बाद, जॉब पाने के टिप्स

जॉब पाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? जॉब के लिए एम्प्लॉयर को कैसे राजी किया जा सकता है?

Created On: May 31, 2017 19:39 IST
Modified On: Apr 27, 2018 18:47 IST
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जॉब पाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? जॉब के लिए एम्प्लॉयर को कैसे राजी किया जा सकता है? जॉब पाने में किस तरह की टिप्स और स्ट्रेटजीज एक फ्रेशर  की  मदद कर सकती हैं? इस तरह के सवाल जॉब सर्च शुरू करते ही एक फ्रेशर को परेशान करना शुरू कर देते हैं. हालांकि स्टूडेंट्स कॉलेज में पर्याप्त एकेडमिक नॉलेज अर्जित करते हैं लेकिन वह जॉब पाने के लिए पर्याप्त नहीं होता है. सफलता के लिए एकेडमिक नॉलेज के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज का भी होना ज़रूरी है. बिना प्रैक्टिकल नॉलेज के कॉर्पोरेट जगत में जॉब हासिल कर पाना लगभग असंभव है. इस लेख में हमने कुछ प्रैक्टिकल नॉलेज साझा किया है जो जॉब पाने में मदद कर सकते हैं. 

कॉलेज प्लेसमेंट पर नजर रखें

हर साल,एकेडमिक इंस्टीट्यूट्स कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था करते हैं जिसमें कॉर्पोरेट कम्पनियां बड़ी संख्या में भाग लेती हैं. योग्य उम्मीदवारों का सेलेक्शन एग्जामिनेशन, जॉब इंटरव्यू व अन्य कैंडिडेट सेलेक्शन प्रोसेज के माध्यम से करते हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स को हमेशा कॉलेज की प्लेसमेंट सेल की गतिविधियों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए. करियर के बारे में प्लेसमेंट सेल से सलाह लेनी चाहिए. प्लेसमेंट सेल जिसका काम ड्रीम करियर की पहचान करने में मदद करना है, आपको संबंधित इंडस्ट्री से जोड़ देगा जहां आपकी स्किल्सएबिलिटीज और स्ट्रेंथ की वास्तव में ज़रूरत है. इसके अलावाप्लेसमेंट सेल में मौजूद एक्सपर्ट्स के सुझाव निश्चित रूप से जॉब पाने में मदद कर सकते हैं.

प्रभावशाली रिज्यूमे तैयार करें

कैंडिडेट्स सेलेक्शन प्रोसेज में रिज्यूम की व्यापक भूमिका होती है. रिज्यूमे  कैंडिडेट्स की स्किल्सएबिलिटीज, हॉबीज, और वर्क हिस्ट्री को दर्शाता है जो सेलेक्शन प्रोसेज के अगले स्तर में कैंडिडेट को आमंत्रित करने के लिए एम्प्लायर को प्रेरित कर सकता है. इस तरह, रेज़्यूमे कैंडिडेट्स का प्रभावशाली इंप्रेशन बनाता है जो सेलेक्शन प्रोसेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए, यदि आप किसी जॉब के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो पहले एक प्रभावशाली रिज्यूमे तैयार करें.

लिंक्डइन पर प्रोफेशनल प्रोफाइल बनायें

डिजिटल युग मेंलिंक्डइन प्रोफाइल जॉब सीकर्स की कई तरीकों से मदद करता है. लिंक्डइन, जो एक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म है और खासकरवर्किंग प्रोफेशनल्स के इस्तेमाल में है कई तरीकों से ऐसे एम्प्लॉयर्स को खोजने में मदद करता है जो अपनी कंपनी के लिए सही कैंडिडेट्स की तलाश कर रहे होते हैं. यह ऐसे एम्प्लॉयर और वर्किंग प्रोफेशनल्स से जुड़ने में मदद कर सकता है जो जॉब पाने में आपकी मदद कर सकते हैं. एक पूर्ण लिंक्डइन प्रोफाइल में कैंडिडेट की स्किल्सएबिलिटीजऔर वर्क-एक्सपीरियंस शामिल होता है जिससे एम्प्लॉयर को यह तय करने में सहायता मिलती है कि आप उसकी आर्गेनाईजेशन में किस पोजीशन के योग्य हैं.

कॉलेज सीनियर से जुड़े रहें

सीनियर्स की जूनियर स्टूडेंट्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वह कॉलेज में, क्लासेज मेंप्ले ग्राउंड मेंहॉस्टल में और यहां तक ​​कि प्रोफेशन में भी अपने जूनियर्स का मार्गदर्शन करते  हैं . इसलिए, सीनियर्स के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहिए और सोशल नेटवर्किंग साइट्स तथा अन्य माध्यमों से उनसे जुड़े रहना चाहिए. इससे जॉब तलाशने व हासिल करने में आपको बहुत मदद मिलेगी क्योंकि वे आपको ऐसे जॉब ऑफर्स के बारे में वह बातें बता सकते हैं जिसे आप नहीं जानते हैं.

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ अच्छे संबंध बनाएं

एक्सपर्ट्स के सुझाव टारगेटेड इंडस्ट्री में जॉब पाने में मदद कर सकते हैं क्योंकि इनकी सहायता से जॉब के लिए आवश्यक स्किल्सएबिलिटीज और क्वालिफिकेशन के बारे में जानने में मदद मिलेगी. इसलिएइंडस्ट्री एक्सपर्ट से अच्छ रिलेशन बनायें और समय समय पर उनसे राय लें . सोशल नेटवर्किंग साइट्स, इवेंट्स, और टेलीफोनिक कन्वर्सेशन के माध्यम से आप उनसे अच्छा रिलेशन बना सकते हैं.

निष्कर्ष

एक फ्रेशर के रूप मेंजॉब के लिए कंपनियों से इंटरव्यू के लिए आमंत्रण हासिल कर पाना मुश्किल होता है. खासकर तब जब कैंडिडेट्स के पास कॉर्पोरेट कंपनी के कैंडिडेट सेलेक्शन प्रोसेज का कोई अनुभव न हो. जॉब सीकर्स, जो अपनी पढाई ख़त्म करने के बाद जॉब तलाश रहे होते हैं, को सेलेक्शन प्रोसेस में ढेरों प्रैक्टिकल और तकनीकी प्रश्नों का सामना करना पड़ता है जो उन्हें परेशान कर देता है. इन सवालों के सही जवाब देने के लिए प्रैक्टिकल और एकेडमिक नॉलेज के अलवा वर्तमान सिनेरियो को समझने की आवश्यकता होती है.