Search

अगर संवाद कौशल में निपुण हैं तो जन-संपर्क में जाकर अपने करियर को दे नई उड़ान

जन-संपर्क का करियर उनके लिए है जिनमें उत्कृष्ट संवाद कौशल हो तथा जो नित नए-नए लोगों से मिलने व उनसे संवाद स्थापित करने में माहिर हों.

Nov 14, 2017 18:48 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Tips for getting job in Public Contact Department
Tips for getting job in Public Contact Department

जन-संपर्क का करियर उनके लिए है जिनमें उत्कृष्ट संवाद कौशल हो तथा जो नित नए-नए लोगों से मिलने व उनसे संवाद स्थापित करने में माहिर हों. यह एक ऐसा कार्यक्षेत्र है जहाँ आपको अपने श्रोता की मनःस्थिति जानकर उसे अपने पक्ष में मोड़ना होता है.

अगस्त 1978 में मेक्सिको शहर में हुई दुनिया भर के जनसंपर्क संगठनों की प्रथम सभा ने जन-संपर्क को इस प्रकार परिभाषित किया-  " जन-संपर्क रुझानों का विश्लेषण करने, उनके संभावित परिणामों को प्रक्षेपित करने, सांगठनिक नेतृत्व को परामर्श देने तथा योजनाओं को क्रियान्वित करने की एक ऐसी कला व सामजिक विज्ञान है जो संस्थान व लोगों दोनों के हितों का ध्यान रखती है." लोगों को जानना, समझना व उनके मत को प्रभावित करना एक महत्त्वपूर्ण कार्य है जिसके द्वारा विभिन्न मीडिया माध्यमों का उपयोग कर आप किसी व्यक्ति अथवा संस्थान की आम जनता में सही व गलत छवि बनाते हैं.

विषय वस्तु

जनसंपर्क के पाठ्यक्रम में समाहित होता है- आपमें जन-संवाद तथा लोगों के मनोविज्ञान को समझने के कौशल विकसित करना जो कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहायक सिद्ध हों. मूलतः इसका उद्देश्य लोगों व उनकी संवाद आवश्यकताओं को समझना होता है. अधिकांश पाठ्यक्रम जन-संचार पाठ्यक्रम से समानता रखते हैं या उनमें समाहित होते हैं तथा उनमें तमाम तकनीकी ज्ञान के साथ संवाद क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाता है. यहाँ तकनीकी ज्ञान को सरल बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है.

अधिकाँश जन-संपर्क पाठ्यक्रमों में निम्न विषय समाहित होते हैं:

1. जन-संवाद से परिचय

2. भारत में प्रिंट मीडिया का इतिहास

3. इलेक्ट्रोनिक मीडिया व फोटोग्राफी

4. अंतर्राष्ट्रीय संवाद व मानवाधिकार

5. सूचना तकनीक का जन-संपर्क के क्षेत्र में महत्व

6. मानव आवश्यकताओं व मनोविज्ञान का अध्ययन

कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय के आधार पर पाठ्यक्रम में थोड़ी भिन्नता अवश्य हो सकती है परन्तु सभी विषय ऊपर बताये गए विषयों के लगभग समान ही होते हैं.

आवश्यक योग्यता तथा संस्थान

यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो सर्वप्रथम आपको इस कोर्स को संचालित करने वाले कॉलेजों की सूची बनानी पड़ेगी तथा यह भी ध्यान रखना होगा कि कॉलेज का कोर्स कॉन्टेंट कैसा है. जन-संचार पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कॉलेजों में दाखिला लेना श्रेयस्कर रहेगा चूंकि ये मीडिया प्रोफेशनल्स से संवाद स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं. स्कूलिंग के उपरान्त आप जन-संचार में स्नातक तथा इसके बाद जन-संवाद में स्नातकोत्तर की डिग्री ले सकते हैं. इसके अलावा किसी भी विषय में स्नातक करने के बाद भी आप जन-संपर्क में स्नातकोत्तर कर सकते हैं. कुछ संस्थान डिप्लोमा कोर्स भी संचालित करते हैं. इस क्षेत्र के प्रमुख संस्थान हैं- जेविअर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मॉस कम्युनिकेशन, मुंबई; सिम्बोयसिस स्कूल, पुणे; तथा इन्डियन इंस्टीटयूट ऑफ़ मॉस कम्युनिकेशन, नयी दिल्ली.

इस कोर्स को करने की लागत राशि

कॉलेज के स्तर के अनुसार, एक अच्छे पीआर कोर्स की वार्षिक फीस 10000 से 40000 तक हो सकती है. यदि आपका चुनाव सेंट जेविअर, मुंबई के लिए होता है तो वहां आपको 12000 रूपये वार्षिक फीस के रूप में देने होंगे. निजी संस्थानों में हालाँकि फीस बहुत ज्यादा है.

इस कोर्स को पूरा करने के लिए मिलने वाली छात्र वृत्ति

आप कोर्स के लिए विभिन्न बैंकों से एजुकेशन लोन भी प्राप्त कर सकते हैं. आप या तो पढ़ाई के दौरान ही जॉब करके या पढ़ाई पूरी करने के बाद ये लोन चुका सकते हैं. स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक 7.5 लाख तक का लोन देते हैं.

इस कोर्स को करने के बाद रोजगार के अवसर

पीआर प्रोफेशनल्स जिनके पास उत्कृष्ट स्तर की सम्वाद व लोगों को समझाने की क्षमता है, के लिए विभिन्न उद्योगों में अपार संभावनाएं हैं. विज्ञापन एजेंसियां व मार्केटिंग कम्पनियाँ अच्छे पीआर प्रोफेशनल्स की तलाश में हमेशा रहती हैं. कई पीआर प्रोफेशनल्स पीआर कोर्स करते हुए फोटोग्राफी अथवा विजुअल कम्युनिकेशन में भी कोर्स कर लेते हैं जिससे उन्हें फिल्म-मेकिंग कम्पनियों में आसानी से जॉब मिल जाती है.

भारत में इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. बालाजी टेलीफिल्म्स, मुक्ता आर्ट्स जैसी कई बड़ी कम्पनियां विभिन्न जॉब साइट्स पर क्रिएटिव हेड और दूसरे क्रिएटिव पदों के लिए विज्ञापन देती रहती हैं

इस कोर्स को करने के बाद संभावित पैकेज

शैक्षिक स्तर व आपकी योग्यता के अनुसार आप शुरू में 15,000 व इससे अधिक भी प्राप्त कर सकते हैं. यदि आप किसी कंपनी में सीईओ के सचिव के रूप में अपने करियर की शुरूआत करते हैं तो आपको 2 से 3 लाख वार्षिक वेतन मिल सकता है. यदि आप मार्केटिंग अथवा एड एजेंसी में कम्युनिकेशन प्रोफेशनल के रूप में करियर की शरूआत करते हैं तो आपको 2.5 लाख रूपये वार्षिक वेतनमान मिल सकता है. दूसरी तरफ यदि आप किसी न्यूज़ चैनल में एंकर के रूप में शुरूआत करते हैं तो आपको 30000 या उससे अधिक भी मासिक वेतन प्राप्त हो सकता है. परन्तु यहाँ काम करने के लिए आपको शिफ्ट में काम करने और विभिन्न स्थानों की यात्रा करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए. किसी आईटी कंपनी में टेक्नीकल या कोर्पोरेट कम्युनिकेशन से करियर शुरू करने पर आप 15000 रूपये मासिक वेतन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. आप सेल्स अथवा बिजनेस डेवलपमेंट पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं बस ज़रुरत है आपके अन्दर उत्कृष्ट सेलिंग व संवाद स्किल का होना. वास्तव में इस क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है.

Related Stories