परीक्षा में फ़ेल होने के बाद के तनाव से बचने के 4 आसान टिप्स

अक्सर एग्जाम के समय छात्रों में काफी तनाव बना रहता है तथा यह तनाव एग्जाम के बाद रिजल्ट के समय और बढ़ जाता है. प्रति वर्ष जब बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं तथा 12वीं का रिजल्ट घोषित होता है तो उन रिजल्ट में जहाँ टोपर स्टूडेंट्स के अंक नामांकित होते हैं. आज इस लेख में हम कुछ ऐसे बिन्दुओं पर प्रकाश डालेंगे, जिसके द्वारा आप फेल होने पर भी ज़िन्दगी में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने में कामयाब हो सकते है.

Created On: Jan 17, 2018 18:01 IST
Modified On: May 21, 2018 14:36 IST
Failed in exams
Failed in exams

UP Board, CBSE तथा अन्य बोर्ड्स के एग्जाम कुछ ही दिनों में शुरू होने वाले हैं. अक्सर एग्जाम के समय छात्रों में काफी तनाव बना रहता है तथा यह तनाव एग्जाम के बाद रिजल्ट के समय और बढ़ जाता है. प्रति वर्ष जब बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं तथा 12वीं का रिजल्ट घोषित होता है तो उन रिजल्ट में जहाँ टोपर स्टूडेंट्स के अंक नामांकित होते हैं, वहीँ उस साल फेल हुए छात्रों के प्राप्त अंक भी घोषित किए जाते हैं. हर साल, परीक्षा में विफलता(fail) के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या, एक भयानक रूप में बढ़ रही है.

आज इस लेख में हम कुछ ऐसे बिन्दुओं पर प्रकाश डालेंगे, जिसके द्वारा आप फेल होने पर भी ज़िन्दगी में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने में कामयाब हो सकते है.

तो आइये जानते हैं कि यह खास टिप्स किस प्रकार परीक्षा में विफलता के तनाव को कम कर हमें सकारात्मक रूप से आगे बढ़ने में मददगार साबित होती हैं.

1. कम्पार्टमेंट के द्वारा पास होने का एक और मौका :

कुछ एग्जाम में पहले प्रयास में फेल होने के बाद छात्रों को दुबारा एग्जाम में पास होने का मौका मिलता है, जैसे कि बोर्ड एग्जाम में 1 या 2 विषय में फेल होने पर बोर्ड कम्पार्टमेंट एग्जाम करवाता है. अत: छात्र बिना समय गवाएं कम्पार्टमेंट एग्जाम की तैयारी शुरू कर सकते हैं. अगर ज़रूरत पड़े तो उस विषय की किसी अच्छे टीचर से कोचिंग भी लें. याद रखें फेल होने पर उस कक्षा में उसी साल में पास होने का और कोई मौका नहीं होगा. अत: मेहनत करे और अपने अच्छे भविष्य का निर्माण करें.

इसके अतिरिक्त जिनको कम्पार्टमेंट एग्जाम का मौका नहीं मिलता उन्हें बिना किसी नकारात्मक सोच के दुबारा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए और कड़ी महेनत करनी चाहिए. क्योंकि हमारे सामने ऐसे बहुत सारे उदाहरण हैं जिसमें छात्रों ने कई बार फेल होने के बाद भी सफलता हासिल की है.

2. सकारात्मक सोच है ज़रूरी :

अपनी  गलतियों से खुद को सीख दें कि आगे ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे तथा उसे एक सीख की तरह लेकर अच्छी तरह मेहनत करें. कभी भी अपने बीते हुए एग्जाम के नकारात्मक पक्ष के बारे में सोच कर खुद को और परेशान ना करें, बल्कि आने वाले एग्जाम के लिए पूरी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें . फेल होने पर ज्यादा निराश होने की ज़रूरत नहीं है इसे फिर से जीवन की नई शुरुआत समझकर अगले साल होने वाले एग्जाम में पास होने के लिए तैयार हो जाना चाहिए. गतवर्ष में की गई गलतियों से सबक लें तथा फिर से एक नई और उचित रणनीति बनाकर एग्जाम में पास होने के लिए प्रयास करे .

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3. बीते हुए एग्जाम के बारे में चर्चा से बचें :

कभी भी यदि आपका एग्जाम आपकी अपेक्षा के विपरीत गया है तो उसके विषय में आगे अपने दोस्तों से ज्यादा चर्चा करने से बचें. यदि आप बीते हुवे एग्जाम के बारे में चर्चा करेंगे तो आप केवल परेशान ही होंगे बल्कि आपका समय भी बर्बाद होगा. गतवर्ष में की गई गलतियों से सबक लें तथा फिर से एक नई और उचित रणनीति बनाकर एग्जाम में पास होने के लिए प्रयास करे .

4. पिछली गलतियों से सीख लें  :

किसी एक एग्जाम के ख़राब हो जाने के कारण आप खुद को demotivate करने की जगह यह सोचें कि यह आपके जीवन का कोई आखरी एग्जाम नहीं था. आपने जितना पढ़ा आपको उससे काफी जानकारी मिली तथा जिस कारण भी आपका पेपर आपके अपेक्षा के अनुकूल नहीं गया उस कारण का सही आकलन करें, ताकि अब वह दुबारा नहीं हो. जैसे- आपने शायद किसी विषय को पढ़ने के लिए सही रणनीति नहीं बनाई हो या आपका टाइम मेनेजमेंट उतना अच्छा नहीं रहा हो आदि..... आपको अपने एग्जाम के लिए अच्छी तरह पूरी मेहनत करनी है और सभी विषयों को सही आकलन कर तैयार करना है. याद रखें आपकी मेहनत और आपका दृढनिश्चय ही आपको सफलता तक ले जायेगा. तो हमेशा अपने बीते हुवे एग्जाम से सही प्रेरणा लें और आगे की तैयारी और अच्छी करें.

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याद रखने योग्य कुछ ज़रूरी बातें :

  • फेल होने के बाबजूद पढ़ाई में रूचि बनाये रखें. इसके माध्यम से सफलता प्राप्त करने की कोशिश करें.
  • सकारात्मकता पर ध्यान दें.
  • खुद के लिए सच्चे बनें. नकल न करें, अपने खुद के विचारों को साझा करने के लिए तैयार रहें.
  • दूसरे क्या कहते हैं/ करते हैं, पर अधिक आलोचनावादी रवैया नही अपनाएं, खुद पर विश्वास रखें

निष्कर्ष : आशा है की हमारे बताए सुझाव आपको आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने में मददगार साबित होंगे. बिना किसी नकारात्मक सोच के अपने एग्जाम की अच्छी तैयारी करें. याद रखें फेल का मतलब असफल होना नहीं होता, यह टैग तो हम सबने सुना होगा कि विफलता खुद को सुधारने का अवसर देती है.

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