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बदले पैटर्न में कैसे पाएं सफलता

उप्र पीसीएस परीक्षा इस बार से संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न पर आयोजित होगी। बदले पैटर्न में अब वैकल्पिक विषय की तुलना में सामान्य अध्ययन पर अधिक जोर होगा। ऐसे में परीक्षा में बेहतर रणनीति एवं समय प्रबंधन के साथ कैसे पाएं सफलता, बता रहे हैं हमारे एक्सपर्ट

Jul 31, 2018 11:30 IST
Tips to tackle the new UPPCS exam pattern

उप्र पीसीएस परीक्षा - 2018

उप्र पीसीएस परीक्षा इस बार से संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न पर आयोजित होगी। बदले पैटर्न में अब वैकल्पिक विषय की तुलना में सामान्य अध्ययन पर अधिक जोर होगा। ऐसे में परीक्षा में बेहतर रणनीति एवं समय प्रबंधन के साथ कैसे पाएं सफलता, बता रहे हैं हमारे एक्सपर्ट...

महत्वपूर्ण बातें
रिक्तियां: पीसीएस के लिए 831, सहायक वन संरक्षक के लिए 16, क्षेत्रीय वन अधिकारी के लिए 76 पद।
शैक्षिक योग्यता: पीसीएस के लिए स्नातक हों, लेकिन कुछ अन्य पदों के लिए विशिष्ट अर्हताएं भी चाहिए।
आयु सीमा: 21 से 40 वर्ष
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 6 अगस्त, 2018
परीक्षा तिथि:19 अगस्त, 2018
वेबसाइट: www.uppsc.up.nic.in

उप्र पीसीएस परीक्षा 2018 इस बार संघ लोक सेवा आयोग के पैटर्न पर आयोजित की जाएगी। इसमें प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की, जबकि मुख्य परीक्षा निबंधात्मक प्रकृति के प्रश्नों पर आधारित लिखित परीक्षा होगी। तीसरे चरण में 100 अंकों की व्यक्तित्व (मौखिक) परीक्षा होगी। उम्मीदवार का अंतिम रूप से चयन मुख्य परीक्षा के लिखित और मौखिक परीक्षा के संयुक्त अंकों से बने मेरिट के आधार पर होगा। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र होते हैं। प्रथम प्रश्नपत्र में 200 अंकों के कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न और द्वितीय प्रश्नपत्र में 200 अंकों के ही कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। द्वितीय प्रश्नपत्र में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसी तरह, मुख्य परीक्षा में 1500 अंकों के कुल आठ प्रश्नपत्र होंगे। इसमें 150 अंक का सामान्य हिंदी और 150 अंक का निबंध का प्रश्नपत्र (जिसमें कुल तीन निबंध लिखने होंगे) होगा। इसके अलावा, 200-200 अंक के सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र और वैकल्पिक विषयों की सूची में से किसी एक विषय का चुनाव करना होगा, जिसके दो प्रश्नपत्र होंगे।

कैसे करें स्मार्ट तैयारी

इस परीक्षा की बेसिक तैयारी के लिए कक्षा 6 से 12वीं तक की एनसीईआरटी की पुस्तकों का गहन अध्ययन करना चाहिए। इससे धारणात्मक स्पष्टता में मदद मिलती है। फिलहाल अध्ययन के साथ रिवीजन और ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करने पर ध्यान दें। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के 5 से 10 साल के प्रश्नपत्रों को कई बार हल करें। पिछले एक साल के समसामयिक घटनाक्रम को फिर से रिवाइज करके उस पर अपनी पकड़ बनाएं। वैसे, गंभीर उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी करीब एक साल पहले से शुरू कर देते हैं, जिसमें वे सामान्य भूगोल पर पकड़ मजबूत बनाने के लिए एनसीईआरटी के साथ-साथ भारत और विश्व के मानचित्र का गहन अध्ययन करते हैं।  इसके अलावा, भारतीय एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था के उतार-चढ़ाव, जनांककीय, मुद्रा प्रणाली, वित्तीय समावेशन, राजव्यवस्था, सामान्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी संबंधी पहलुओं के बारे में भी लगातार गहन अध्ययन करते रहते हैं। परीक्षा में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत तथा राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें भी अच्छी तरह तैयार कर लें? एक साल तक की समसामयिक घटनाओं पर पैनी नजर रखें।

विषयों पर मजबूत पकड़ मुख्य परीक्षा में अब सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र और वैकल्पिक विषयों की सूची में से केवल एक विषय चुनना होगा। सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र परंपरागत प्रकार का हो जाने के कारण अब सतही तैयारी की बजाय विषयों पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। कुल मिलाकर, बदले पैटर्न में अब वैकल्पिक विषय की तुलना में सामान्य अध्ययन पर आपको अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

विषयवार प्रश्न

बीते वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण पर गौर करें, तो सामान्य अध्ययन में सामान्यत: भारतीय इतिहास से लगभग 8 से 15 प्रश्न, सामान्य भूगोल से 15 से 18 प्रश्न, भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन से 7 से 10 प्रश्न, आर्थिक एवं सामाजिक विकास से 12 से 18 प्रश्न, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी से 12 से 15 प्रश्न, सामान्य विज्ञान से 13 से 17 प्रश्न, उप्र के इतिहास, राजनीति एवं सांस्कृतिक एरिया से 10 से 14 प्रश्न और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाओं पर आधारित 15 से 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। वहीं, सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र में हाईस्कूल स्तर की प्रारंभिक गणित, अंग्रेजी और हिंदी से 100 प्रश्न पूछे जाते हैं।

शेड्यूल बनाकर पढ़ाई

परीक्षा में सफलता के लिए प्रारंभिक परीक्षा के दोनों ही प्रश्नपत्रों पर ध्यान देना आवश्यक है। प्रथम प्रश्नपत्र और द्वितीय प्रश्नपत्र के मध्य समय विभाजन 65:35 के अनुपात में होना चाहिए। प्रश्नपत्रों की एकुरेसी की बात करें, तो प्रथम प्रश्नपत्र में 75-80 प्रतिशत और द्वितीय प्रश्नपत्र में 33 प्रतिशत प्रश्न सही होने चाहिए। पहली बार पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को तुक्केबाजी से हल करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए आयोग ने गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था कर दी है। इसलिए एकदम से न आने वाले प्रश्नों को सिर्फ अनुमान से हल करने से बचें।

देवाशीष उपाध्याय
(उ.प्र. में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी)