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ऐसे करें सही फैसला | Shiv Khera | Safalta Ki Raah Par | Episode 18

“सफलता की राह पर” सीरीज़ के इस अठारहवें वीडियो में विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, क्या सही निर्णय लेने का दबाव आपको लगातार सताता है? क्या आपको हमेशा यह चिंता सताती रहती है कि अगर आप कोई गलत निर्णय ले लें तो उससे आपको जिंदगी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अगर ऐसा है तो अब आप सटीक निर्णय लेने की प्रकिया सही जानकारी किसी विशेषज्ञ से सीख सकते हैं. इस वीडियो से अपनी निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने की सारी जानकारी श्री शिव खेड़ा से सीखें. वे सटीक निर्णय लेने के बारे में हमारे साथ कारगर टिप्स साझा कर रहे हैं. इस वीडियो से जानें कि अपनी हिम्मत कैसे बढ़ाएं जिससे आप अपने जीवन में कोई भी चुनाव करते समय सटीक निर्णय ले सकें.

Jan 17, 2020 18:41 IST
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आजकल हम सभी विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा के नाम से भलीभांति परिचित हैं. इस वीडियो में शिव खेड़ा जी हमें अपने जीवने के विभिन्न मामलों में सही फैसले लेने के कारगर तरीके समझा रहे हैं. अगर हम शिव खेड़ा जी के बताये गए इन तरीकों के मुताबिक सभी जरुरी फैसले करें तो कदाचित अपने फैसलों पर हमें पछताना न पड़े. खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, अगर हम अपने जीवन के विभिन्न मामलों और परिस्थितियों में सभी जरुरी फैसले समुचित प्रक्रिया अपनाकर लें तो प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल करने की आशाजनक संभावनाएं होंगी. आप भी अपने जीवन में सही फैसले करने की क्षमता विकसित करने के लिए सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा का यह वीडियो जरुर देखें.

  • कोई भी इंसान नहीं ले सकता सौ फीसदी सही फैसले

इस वीडियो के शुरू में ही सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें कह रहे हैं कि, ‘पहली बात तो यह है दुनिया में कोई भी ऐसा इंसान नहीं हो सकता जो अपने फैसले सौ फीसदी सही लेता हो. ऐसा कोई भी इंसान नहीं है’. लेकिन अगर आपकी निर्णय अर्थात फैसले लेने की प्रक्रिया सही हो तो आपके दस में से आठ फैसले सही होंगे. इसी तरह, अगर आपकी निर्णय लेने की प्रक्रिया सही नहीं होगी तो आपके दस में से आठ फैसले गलत होंगे.....शायद आपके दो फैसले सही भी हो जायें, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.

  • निर्णय लेने की प्रकिया है निर्णय लेने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण

अब शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, कोई भी निर्णय लेना तो महत्वपूर्ण होता ही है लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया का महत्व उससे भी कहीं अधिक है क्योंकि जब भी हम कोई निर्णय लेते हैं तो कोई-न-कोई जोखिम उस निर्णय से जरुर जुड़ा होता है.

  • जोखिम कब उठाना चाहिए?

अब सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें कह रहे हैं कि, किसी ने पूछा है – हमें जोखिम कब उठाना चाहिए? फिर शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि हमें अपने जीवन में फैसले लेते समय जोखिम तब उठाना चाहिए जब ये तीन चीज़ें उस जोखिम के साथ संबद्ध हों.

  • आपका फैसला और तीन महत्वपूर्ण सुझाव

इस वीडियो में आगे सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि अपने जीवन में कोई भी महत्वपूर्ण या बड़ा फैसला लेते समय हमें उस फैसले के जोखिम से जुड़ी 3 महत्वपूर्ण बातों या बिंदुओं पर जरुर ध्यान देना चाहिए जैसेकि,

पहला – आपके सही फैसले से मिलने वाला प्रतिफल बढ़िया होना चाहिए.  

दूसरा – अगर आपका फैसला गलत निकले तो वह आपको जिंदगी में सड़क पर न खड़ा कर दे अर्थात आपका कोई भी फैसला आपको आर्थिक तौर पर बर्बाद न कर दे.  

तीसरा – ऑड्स अर्थात आपके फैसले से जुड़े विभिन्न पहलू (मौके, सुविधाएं, बाधाएं या अन्य कुछ भी) आपके पक्ष में होने चाहिए.

तभी आप कोई फैसला करें या फिर, अपना फैसला करने से रुक जायें. आसान शब्दों में, शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि अगर ये तीनों बातें आपके हक में हैं तो आप अपना फैसला लेलें अन्यथा अपने फैसले को रोक दें. अगर इन तीनों बिंदुओं में से कोई भी बिंदु आपके विरोध में है या फिर, आपने अपना फैसला लेते समय इनमें से किसी एक भी बिंदु को नजरंदाज़ कर दिया तो आप परेशानी में पड़ जायेंगे. आप अपने जीवन में सभी फैसले इन तीनों सुझावों को ध्यान में रखकर ले सकते हैं.

शिव खेड़ा जी हमें आगे समझा रहे हैं – ‘लेकिन हम लोग ऐसे हैं कि, यह जानते हुए भी कि सही क्या है?.....फिर भी हम गलत करते हैं.’ हमारी यही समस्या है. हमारे जीवन में यही एक खराब आदत है.....और हम लोग डर जाते हैं.

  • डर पर काबू पाना ही है वास्तव में हौसला

इस वीडियो में आगे सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, हौसला डर के न होने को नहीं कहते बल्कि, उस डर पर काबू पाने को कहते हैं. इसी तरह, प्रलोभन न होना सच्चाई या ईमानदारी नहीं होता किंतु उस प्रलोभन पर विजय पाना ही वास्तव में ईमानदारी है. आपको अपने प्रलोभन पर विजय हासिल करनी होगी.

  • कमजोर इंसान रहता है सच्चाई से दूर, कायर इंसान कभी उसूल निभा नहीं सकता

इस वीडियो में शिव खेड़ा जी हमें आगे समझा रहे हैं कि हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए – कमजोर इंसान कभी सच्चाई का साथ नहीं दे सकता और एक कायर इंसान कभी उसूलों को नहीं निभा सकता. इसलिए, जो इंसान हिम्मतवाला नहीं है, जिसमें साहस और हौसला नहीं है, आप उस इंसान पर कभी भरोसा नहीं कर सकते. आखिर ऐसा क्यों है?.....क्योंकि अंतिम मिनट पर वह आपको धोखा दे जाएगा.... गायब हो जायेगा और आपका साथ छोड़ देगा. इस वीडियो के आखिर में शिव खेड़ा जी अपनी बात फिर दोहरा रहे हैं कि, ‘कमजोर इंसान कभी सच्चाई का साथ नहीं दे सकता और कायर इंसान कभी उसूलों को निभा नहीं सकता.....यही सच्चाई है.’ हमें अपने सभी फैसले लेते समय उक्त सुझावों का पूरा ध्यान रखना चाहिए तभी हम मनचाही सफलता हासिल कर सकेंगे.  

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