UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्नों का टॉपिक-वाइज ब्रेक-अप

पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र से प्रश्नों का कठिनाई स्तर और वास्तविक डिज़ाइन पता चलता  हैं जिससे उम्मीदवारों को UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा को क्वालीफाई करने हेतु तैयारी के वास्तविक स्तर के बारे में जानकारी प्राप्त होती हैं. आइये- पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के टॉपिक्स के बारे में जानते हैं-

Created On: Nov 15, 2018 18:10 IST
Topic wise break-up of UPPCS Previous Year Prelims Questions
Topic wise break-up of UPPCS Previous Year Prelims Questions

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा को दिनांक 28 अक्टूबर 2018 पर आयोजित करने की अधिसूचना को जारी कर दिया हैं. इस साल से, UPPCS प्रीलिम्स पेपर में नकारात्मक अंकन होगा. इस परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जायेंगे और उम्मीदवारों को 2 घंटे के निर्धारित समय में प्रश्न-पत्र को हल करना होता हैं.

UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा. प्रात:कल सत्र में, जनरल स्टडीज पेपर-I को आयोजित किया जायेगा और सायंकाल सत्र में जनरल स्टडीज पेपर-II को आयोजित किया जायेगा. जनरल स्टडीज पेपर-II को द्वितीय सत्र में आयोजित किया जाएगा. जनरल स्टडीज पेपर-II क्वालीफाइंग प्रकृति का होगा.

UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा की मेरिट पिछले 3-4 सालों से काफी अधिक रही हैं. परन्तु, इस साल से नकारात्मक अंकन के लागू होने के कारण, यह माना जा रहा हैं कि मेरिट अंक कम होकर नये न्यूनतम स्तर पर आ जायेंगे. अत: इस वर्ष के UPPCS प्रीलिम्स पेपर में अंतिम कट-ऑफ की प्रत्याशा करना बहुत मुश्किल होगा.  

UPPCS प्रीलिम्स पेपर को अभी सिर्फ एक महीना बचा हैं और उम्मीदवार पूरी क्षमता से तैयारी कर रहे हैं. नकारात्मक अंकन से निपटने के लिए, उम्मीदवारों को एक योजना बनाने की आवश्यकता हैं ताकि UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा में अच्छे स्कोर को प्राप्त किया जा सकें. एक अच्छी योजना बनाने के लिए, उम्मीदवारों को UPPCS प्रीलिम्स प्रश्न-पत्र के सभी पहलूओं का विश्लेषण करने की आवश्यकता हैं.

पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र इस पूरी स्ट्रैटेजी के महत्वपूर्ण कारको में से एक हैं जिससे UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा में चयन को सुनिश्चित किया जा सकता हैं. पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र ही उम्मीदवारों को सबसे प्रमाणिक ढंग से गाइड कर सकते हैं क्योंकि वास्तविक प्रश्न-पत्रों से ही आगामी परीक्षा के बारे में जाना जा सकता हैं. इसके अतिरिक्त, पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र, सिलेबस के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की वास्तविक समझ के लिए भी आवश्यक हैं और तैयारी हेतु फोकस बिंदु की तरह कार्य करते हैं.  

पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र से प्रश्नों का कठिनाई स्तर और वास्तविक डिज़ाइन पता चलता  हैं जिससे उम्मीदवारों को UPPCS प्रीलिम्स परीक्षा को क्वालीफाई करने हेतु तैयारी के वास्तविक स्तर के बारे में जानकारी प्राप्त होती हैं. प्रत्येक टॉपिक से प्रश्नों का वास्तविक ब्रेक-अप उम्मीदवारों को उनकी तैयारी को प्रभावशाली ढंग से करने में मदद करता हैं. इससे वे सिलेबस के प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर अपनी तैयारी की योजना बना सकते हैं जिससे उन्हें अधिक स्कोर करने में मदद मिल सकती हैं.

पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों से लाभ उठाने का मुख्य तरीका वास्तविक प्रश्नों का अभ्यास करना हैं क्योंकि UPPCS प्रीलिम्स प्रश्न पत्रों से प्रश्नों को कभी-कभी दोहराया भी जाता हैं. अत: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करके, उम्मीदवार परीक्षा में दोहराए गए प्रश्नों को आसानी से हल कर सकते हैं और अन्य प्रश्नों पर भी बढ़त हांसिल कर सकते हैं.

क्रम संख्या

टॉपिक का नाम

2010

2011

2012

2013

2014

2015

2016

2017

1

भारत का इतिहास

19

13

14

11

8

11

12

13

2

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम

18

13

20

14

22

9

10

9

3

भारतीय अर्थव्यवस्था

15

13

14

14

11

13

20

14

4

सामान्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी

21

29

21

12

14

27

24

25

5

भारतीय राजनीति

10

5

11

15

19

23

21

20

6

खेल और पुरस्कार

11

18

9

13

1

2

1

1

7

भारत और विश्व का भूगोल

21

14

21

17

13

25

21

24

8

भारत की जनसांख्यिकी

3

3

6

5

4

3

4

4

9

पर्यावरण और पारिस्थितिकी

3

8

18

16

15

15

8

14

10

उत्तर प्रदेश विशिष्ट

11

11

9

5

6

2

6

1

11

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कर्रेंट अफेयर्स

15

22

5

26

36

16

21

24

12

विविध

3

1

2

2

1

4

2

1

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