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जानें UPPCS मुख्य परीक्षा के लिए UPPCS 2016 के टॉपर अनुराग सिंह के टिप्स

UPPCS टॉपर अनुराग सिंह ने मुख्य परीक्षा के लिए अपने मूल्यवान टिप्स साझा किए हैं जो UPPCS मुख्य परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए बहुत सहायक हैं।

Mar 14, 2019 15:54 IST

Jagranjosh.com ने UPPCS परीक्षा 2016 के टॉपर्स में से एक अनुराग सिंह का साक्षात्कार किया है। इस लेख में, हम अनुराग सिंह के साथ विस्तृत साक्षात्कार प्रदान कर रहे हैं जिसमें उन्होंने UPPCS मुख्य परीक्षा के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए हैं।

साक्षात्कारकर्ता: अनुराग,आपका स्वागत है और UPPCS परीक्षा 2016 में आपके चयन पर आपको बहुत बधाई। आपके साथ होना और आपका साक्षात्कार करना वास्तव में सम्मान की बात है।

अनुराग सिंह: बहुत बहुत धन्यवाद। यह मेरे लिए भी खुशी की बात है।

साक्षात्कारकर्ता: UPPCS परीक्षा 2016 में सफलता पाने के बाद आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

अनुराग सिंह: हमेशा अच्छा लगता है जब किसी परीक्षा में आपको सफलता मिलती है।

साक्षात्कारकर्ता: UPPCS मुख्य परीक्षा के पैटर्न में मौजूदा बदलाव के बारे में आप क्या सोचते हैं?

अनुराग सिंह: 2018 से, UPPCS मुख्य परीक्षा पैटर्न में बदलाव होगा। अब, पैटर्न UPSC के समान है। GS के चार पेपर होंगे जिसमें प्रत्येक में 200 अंक होंगे। 400 अंकों का एक वैकल्पिक पेपर होगा। सामान्य हिंदी का एक पेपर भी 150 अंकों का होगा और 150 अंकों का निबंध का पेपर भी होगा।

मेरा चयन पुराने पैटर्न के आधार पर हुआ है लेकिन अब यह बदल गया है। पेपर I में इतिहास,भूगोल और भारतीय समाज UP के संदर्भ में होगा। पेपर II में Polity और International Relation होगा। पेपर III में कृषि, आंतरिक सुरक्षा, विविधता और आपदा प्रबंधन है। पेपर IV नैतिकता का होगा।

पेपर I पारंपरिक है। यह प्रीलिम्स के पेपर के समान है। यह डायनामिक नहीं है जबकि पेपर II और III डायनामिक हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंध का विषय करंट अफेयर्स, भारत-पाक संबंध, SAARC और ISRO की भूमिका, अमेरिका और चीन के व्यापार युद्ध आदि पर आधारित है। उम्मीदवारों को अधिक अंक प्राप्त करने के लिए अपडेट रहना चाहिए।

पेपर III इकोनॉमी पर आधारित है। हम हर साल नया बजट, आर्थिक नीति और आँकड़े, नई योजनाओं और विजन पर आधारित नई जानकारी देखते हैं। एक उम्मीदवार के रूप में हमें परीक्षा में उत्तर लिखते समय इन सभी सूचनाओं का उपयोग करना है। NITI Aayog में जो भी नीतिगत परिवर्तन हुए हैं उन्हें उत्तर लिखने में शामिल करना चाहिए।

आपदा प्रबंधन एक ऐसा विषय है जिसे एक बार पढ़ना पर्याप्त है। आंतरिक सुरक्षा विषय भी ऐसा ही है। जैसा कि मैंने कहा कि पेपर II और III डायनामिक हैं तो तैयारी के दौरान इंटरनेट बहुत महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को दैनिक जागरण जैसे समाचार पत्रों को और पत्रिकाओं को भी पढ़ना चाहिए।

पेपर IV नैतिकता का है। उम्मीदवार को इस विषय पर एक अच्छी किताब पढ़नी चाहिए। उन्हें इस पेपर के लिए नोट्स बनाने चाहिए। पेपर IV के दो भाग हैं- थ्योरी और केस स्टडी। उम्मीदवारों को UPSC, BPSC, MPSC के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखना चाहिए ताकि वे UP के संदर्भ में पेपर का अंदाजा लगा सकें।

यदि उम्मीदवार इन सभी चार पेपरों को अलग से तैयार करते हैं तो लगभग 10 टॉपिक्स होंगे जिसके लिए 10 अलग-अलग कॉपियां बनानी चाहिए और इन टॉपिक्स से संबंधित जो भी उन्होंने पढ़ा है उसे नोट करना चाहिए। यदि उम्मीदवार ऐसा करते हैं तो उनके पास अपने नोट्स होंगे जो अंतिम क्षण में रिवाइज करने में मददगार होंगे।

साक्षात्कारकर्ता: क्या आपको लगता है कि ग्रुप डिस्कशन UPPCS मुख्य परीक्षा को पास करने में सहायक है?

अनुराग सिंह: नौकरशाहों का काम जनता के बीच होता है और उन्हें ज्यादातर समय जनता के साथ बातचीत करनी होती है इसलिए ग्रुप डिस्कशन तैयारी में उपयोगी है। व्यक्तिगत रूप से मेरा 5 से 6 लोगों का एक समूह था। सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम बहुत बड़ा है और इसमें कई विषय शामिल होते हैं। ग्रुप डिस्कशन उम्मीदवारों को विभिन्न टॉपिक्स पर चर्चा करने का अवसर देता है। ग्रुप डिस्कशन की विशेषता यह है कि समूह के सदस्य अलग-अलग विषयों में अच्छे होते हैं जिससे अलग-अलग विषय-वस्तु पर अलग अलग राय जानी जा सकती है।

याद रखने वाली बात यह है कि समूह बड़ा नहीं होना चाहिए। कोशिश करें कि समूह में अच्छे लोग हों और समूह में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। इससे उम्मीदवारों के चयन पर काफी असर पड़ता है।

 साक्षात्कारकर्ता: UPPCS मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय कैसे चुना जाना चाहिए और इसकी तैयारी कैसे करनी चाहिए?

अनुराग सिंह: पहले UPPCS परीक्षा में 200 अंकों के दो वैकल्पिक पेपर होते थे। अब 400 अंकों का केवल एक वैकल्पिक पेपर है। वैकल्पिक विषय को चुनने का तर्क बहुत सरल है कि वह विषय चुनें जो आपको परीक्षा में अधिक अंक दिलाए। आप शोधकर्ता, प्रोफेसर या डिग्री धारक नहीं बनने जा रहे हैं; बल्कि आपको विषय से अधिक अंक चाहिए। वैकल्पिक विषय को चुनने में कई तर्क हो सकते हैं। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि विषय पढ़ने में रुचिकर होना चाहिए। नोट्स की उपलब्धता और मार्गदर्शन होना चाहिए। मेरा वैकल्पिक पेपर हिंदी साहित्य था।

साक्षात्कारकर्ता: कृपया सामान्य अध्ययन के लिए कुछ सर्वोत्तम पुस्तकों का सुझाव दें। सामान्य हिंदी के पेपर के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

अनुराग सिंह: UPPCS मुख्य परीक्षा के नए पैटर्न में GS के 4 पेपर हैं। ये पेपर उम्मीदवार को अच्छे अंक दिलाने में अच्छी भूमिका निभाएंगे। पुस्तकों के चयन में उम्मीदवारों को अधिक सतर्क होना चाहिए क्योंकि बाजार में कई पुस्तकें हैं। उम्मीदवार कोचिंग सेंटर के नोट्स से भी पढ़ सकते हैं।

भारतीय राजनीति के लिए एम लक्ष्मीकांत सर्वश्रेष्ठ हैं। इस पुस्तक का कोई विकल्प नहीं है। भूगोल के लिए महेश बरनवाल की पुस्तक है जो कॉस्मॉस प्रकाशन की है। कक्षा 6 से 12 तक की NCERT की पुस्तकें भी महत्वपूर्ण हैं। यदि उम्मीदवार के पास समय का अभाव है तो वे कॉस्मॉस पब्लिकेशंस द्वारा NCERT सार को भी पढ़ सकते हैं।

करंट अफेयर्स के लिए क्रॉनिकल अच्छा है। इसके अलावा Jagranjosh.com को करंट अफेयर्स के लिए संदर्भित किया जा सकता है। इस मंच पर विषय वस्तु का अच्छा संग्रह है। Eco और साइंस के लिए ल्यूसेंट पर्याप्त है। अर्थशास्त्र के लिए मिश्रा एंड पुरी की पुस्तक को संदर्भित किया जा सकता है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है पढ़ने का तरीका महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग कॉपी बनानी चाहिए। रिवीजन के दौरान नोट्स काम में आते हैं।

सामान्य हिंदी के लिए हरदेव बाहरी और डॉ पृथ्वीनाथ पांडे की पुस्तकों को संदर्भित किया जा सकता है। अगर उम्मीदवार हिंदी बैकग्राउंड से हैं तो मुझे नहीं लगता कि इस सेक्शन में उन्हें कोई समस्या होगी। अंग्रेजी पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए कुछ समस्या हो सकती है लेकिन उन्हें दूर किया जा सकता है।

पत्र लेखन बहुत महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों को हिंदी में मुहावरों, विलोम और समानार्थी शब्द पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उम्मीदवारों को इस पेपर में लगभग 100 अंक मिल सकते हैं।

साक्षात्कारकर्ता: निबंध पेपर में तीन खंड होते हैं। उम्मीदवारों को यह पेपर कैसे तैयार करना चाहिए?

अनुराग सिंह: सिविल सेवा की परीक्षाओं में निबंध के पेपर की भूमिका महत्वपूर्ण है। नए पैटर्न में निबंध 150 अंकों का है और इसमें तीन निबंध लिखने होंगे। शब्द सीमा लगभग 700 है और एक निबंध के लिए समय सीमा लगभग एक घंटे होगी। उत्तर पुस्तिका में निबंध लिखने के लिए जगह दी गई है। योजना यह होनी चाहिए कि निबंध में अधिकतम अंक कैसे प्राप्त करें।

निबंध पेपर के पहले खंड में साहित्य, समाज और राजनीति से संबंधित विषय होते हैं। निबंध पेपर के दूसरे खंड में कृषि, अर्थशास्त्र, नीतियां आदि होंगे। निबंध पेपर के तीसरे भाग में वर्तमान मुद्दों और आपदा प्रबंधन से संबंधित विषय होंगे।

उम्मीदवारों को निबंध का कठिन टॉपिक नहीं चुनना चाहिए। उन्हें ऐसा विषय चुनना चाहिए जिसमें वे लिखने में सहज हों। इसके अलावा उम्मीदवार को तुरंत लिखना शुरू नहीं करना चाहिए। उम्मीदवारों को पहले निबंध का ड्राफ्ट बनाने के लिए किसी शीट का उपयोग करना चाहिए और फिर निबंध लिखना चाहिए। निबंध का परिचय वाला भाग प्रभावशाली होना चाहिए।

उम्मीदवारों को निबंध लिखने में सावधानी बरतनी चाहिए। निबंध में बहुत सारे डायग्राम नहीं होने चाहिए। शब्दों का चयन अच्छा होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि हम महिला सशक्तीकरण पर निबंध लिख रहे हैं तो हम लिख सकते हैं कि सशक्त होने के लिए पुरुषों का अनुसरण नहीं करना चाहिए और ना ही पश्चिमी संस्कृति अपनाना चाहिए। महिलाओं को ही सही मायने में सशक्त बनाना ही महिला सशक्तीकरण है।

उम्मीदवारों को स्पष्ट लिखना चाहिए। यदि संभव हो तो उन्हें अपने निबंध में पंचलाइन या कुछ काव्य पंक्तियों को जोड़ना चाहिए। यदि वे ऐसा करते हैं तो उनके अंक औसत से ऊपर होंगे। मुझे लगता है कि परीक्षा में निबंध लिखने का यह अच्छा तरीका है।