Positive India: छोटी सी गलती से हुआ UPSC कैंडिडेचर कैंसिल, पर नहीं मानी हार और अगले ही साल बनें IAS - जानें अनुज प्रताप की कहानी

अनुज प्रताप सिंह की एक छोटी सी गलती से ना केवल उनका एक साल बर्बाद हुआ बल्कि उन्हें मानसिक तौर पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। फिर भी हार ना मानते हुए अनुज तैयारी में लगे रहे और 2018 में UPSC परीक्षा पास कर अपना IAS बनने का सपना पूरा किया। 

Created On: Feb 18, 2021 10:15 IST
UPSC Success story IAS Anuj Pratap Singh in Hindi
UPSC Success story IAS Anuj Pratap Singh in Hindi

अक्सर आपने UPSC उम्मीदवारों की तैयारी के समय आने वाली असफलताओं और कठिनाइयों की कहानियाँ सुनी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी सुना है की UPSC ने इंटरव्यू से 10 दिन पहले किसी उम्मीदवार का आवेदन रद्द कर दिया हो? ऐसा हुआ झाँसी के रहने वाले अनुज प्रताप सिंह के साथ। अपने एप्लीकेशन फॉर्म में गलत डेट ऑफ़ बर्थ भरने की वजह से इंटरव्यू से 10 दिन पहले अनुज का आवेदन रद्द कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने UPSC के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल किया। हालांकि उन्होंने अपने IAS बनने के सपने को जीवित रखा और तमाम परेशानियों के बीच भी अपनी तैयारी करते रहे। आइये जानते हैं अनुज प्रताप सिंह के संघर्ष और सफलता की कहानी के बारे में:

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2016 में शुरू की UPSC की तैयारी 

अनुज ने अपना पहला एटेम्पट 2016 में दिया था जिसमे वह इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे परन्तु सिलेक्शन लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना सके। इसके बाद 2017 में उन्होने पुनः प्रयास किया और एक बार फिर प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास कर ली। अभी अनुज इंटरव्यू की तैयारी कर ही रहे थे की इंटरव्यू से ठीक 10 दिन पहले उन्हें UPSC की ओर से एक पत्र मिला जिसमे उनका कैंडिडेचर रद्द किये जाने की बात लिखी थी। पत्र के अनुसार अनुज ने DAF भरते समय अपना डेट ऑफ़ बर्थ 30 मार्च 1991 की जगह 31 मार्च 1991 भर दिया था। इसी की वजह से उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। 

UPSC के फैसले के खिलाफ कोर्ट में की अपील 

UPSC के फैसले के खिलाफ अनुज ने केंद्रीय प्रशासन न्याधिकरण (सीएटी) में अपील दाखिल की। सीएटी ने अंतरिम आदेश जारी कर उन्हें इंटरव्यू देने की अनुमति दे दी परन्तु फाइनल लिस्ट में नाम आने के बावजूद उनका रिजल्ट रोक दिया गया। अनुज बताते हैं कि वह समय उनके लिए सबसे तनावपूर्ण रहा क्योंकि IAS बनने के बावजूद वह सर्विस ज्वाइन नहीं कर सके थे। लेकिन अनुज ने हार नहीं मानी और इस रिजल्ट के विरुद्ध कोर्ट में केस फाइल किया। साथ ही एक अन्य साल न बर्बाद करते हुए 2018 की परीक्षा के लिए तैयारी करते रहे। 

कोर्ट केस के साथ-साथ करते रहे परीक्षा की तैयारी 

हाई कोर्ट ने अनुज की अर्जी खारिज कर दी थी परन्तु फिर भी वह हताश नहीं हुए और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की। अनुज बताते हैं कि निराश हो कर बैठने का विकल्प कभी उनके मन में आया ही नहीं। उनके मन में लक्ष्य साफ़ था और वह इसके लिए हर मुमकिन प्रयास करना चाहते थे। वह कोर्ट केस के साथ-साथ अगले साल की परीक्षा के लिए पढ़ते रहे और इस बार भी प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास की। 

तीसरे प्रयास में बनें IAS 

अपने इस फेज़ के बारे में अनुज कहते हैं कि एंग्जायटी, स्ट्रेस क्या होता है ये मुझे अब पता चलना शुरू हुआ था, जो तैयारी के दैरान कभी नहीं हुआ। तमाम परेशानियों का सामना करते हुए अनुज आगे बढ़ते रहे। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और वहाँ भी अनुज की अपील को ख़ारिज कर दिया गया। अब अनुज के पास केवल एक ही विकल्प था और वह अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहे। 2018 में उनकी  मेहनत रंग लाई और अनुज ने परीक्षा पास कर ली। 

उम्मीदवारों के लिए अनुज की सलाह 

अपनी गलती से सबक लेते हुए अनुज कहते हैं की आपकी एक छोटी सी गलती आपका जीवन बदल सकती है। परन्तु हर परिस्थिति में धैर्य रख कर आगे बढ़ते रहना ही समझदारी है। वे कहते हैं कि जीवन में मौका और मुश्किलें एक साथ आती हैं, आपको इन्हें कैसे संभालना है यह आपको तय करना है। अपने परिवार को हमेशा साथ लेकर चलिए क्योंकि उनका सपोर्ट लाइफ में बहुत जरूरी होता है। साथ ही वह कहते हैं कि हार्डवर्क का कोई विकल्प नहीं होता। यदि आप मेहनत  कर रहे हैं तो देर से ही सही परन्तु सफलता ज़रूर मिलेगी। 

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