Positive India: कोचिंग का सहारा लिए बिना मणिपुर की पूजा इलंगबम ने UPSC क्लियर कर हासिल की 81वीं रैंक - जानिये उनकी सफलता का मूलमंत्र

27 वर्षीय पूजा का कहना है कि उनकी माँ ने उन्हें सपोर्ट करने के लिए उनके साथ-साथ इस परीक्षा की हर किताब पढ़ी। वह उनके आंसर चेक करती और परीक्षा की तैयारी में मदद करती थीं। पूजा अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ को देती हैं। 

Created On: Jan 7, 2021 16:38 IST
UPSC Success story IAS Pooja Elangabam in hindi
UPSC Success story IAS Pooja Elangabam in hindi

वर्तमान में मणिपुर के इम्फाल जिले में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) के रूप में तैनात पूजा भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में पली-बढ़ी हैं। उनके पिता एक IPS अफसर हैं और उन्हीं से प्रेरित हो कर पूजा ने IAS अफसर बनने का सपना देखा था। परीक्षा की तैयारी के लिए पूजा दिल्ली आईं तो थी परन्तु डेंगू से पीड़ित होने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद पूजा ने घर से ही तैयारी करने का मन बनाया। इस लेख में जानें क्या रही पूजा की तैयारी की रणनीति और कैसे बिना कोचिंग का सहारा लिए उन्होंने UPSC सिविल सेवा 2018 की परीक्षा में हासिल की 81वीं रैंक। 

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सिविल सेवा में आने का उद्देश्य क्लियर रखें 

पूजा कहती हैं की UPSC सिविल सेवा एक कठिन और लम्बी परीक्षा है। इसलिए उम्मीदवारों को इस कारण का पता लगाने की आवश्यकता होगी कि वे परीक्षा में क्यों आना चाहते हैं। हर बार जब वे खुद को कन्फ्यूज़न में पाएं तो अपने इस उद्देश्य को याद करें। इससे ना केवल तैयारी में मोटिवेशन मिलेगी बल्कि असफल होने पर निराशा भी महसूस नहीं होगी। उनका मानना है की "परिवार और सहकर्मी के दबाव के कारण परीक्षा लिखना आकांक्षी के लिए फायदेमंद नहीं होगा। ज़रूरी है की आप खुद इस परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार हों।"

किसी से मदद लेने में संकोच ना करें 

अपनी शुरूआती तैयारी के बारे में पूजा बताती हैं "जब मैंने तैयारी शुरू की तो मैंने परीक्षा के पैटर्न को समझने में काफी समय दिया।" एक कोचिंग क्लास में दाखिला नहीं लेने का फैसला करने के बाद, पूजा को यह पता लगाने की जरूरत थी कि सभी अपने दम पर कैसे पढ़ाई करें। वह कहती है, “मैं मदद मांगने से कभी नहीं डरती थी। मैं कुछ अन्य लोगों को जानता था जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और मैं लगातार उनसे बात करके अपने संदेह को दूर करती थी।” जो उम्मीदवारों बिना किसी कोचिंग के तैयारी कर रहे हैं उन्हें पूजा यही सलाह देती हैं की अपने डाउट क्लियर करने में संकोच न करें। साथ ही टॉपर्स के ब्लॉग पढ़ने की भी सलाह देती हैं। 

अपना टाइम टेबल तैयार करें और मॉक टेस्ट दें 

पूजा का मानना है की सबका अपना अलग पढ़ने का ढंग है। इसीलिए अपना टाइम टेबल अपने हिसाब से बनाये और किसी और के शेड्यूल को कॉपी न करें। उनका कहना है की आप एक दिन में कितने घंटे पढ़ रहें है ये महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि आप एक दिन में कितना सिलेबस पढ़ रहें हैं इसका ध्यान रखना आवश्यक है। इसी के साथ-साथ वह मॉक टेस्ट सोल्व करने पर ज़ोर देती हैं। वह कहती हैं की यदि आप पूरा सिलेबस पढ़ने के बाद मॉक टेस्ट देंगे तो तब तक काफी देर हो जाएगी और आप ज़्यादा मॉक टेस्ट नहीं दे पाएंगे। इसलिए जब भी कोई विषय पूरा हो आप मॉक टेस्ट ज़रूर दें। 

अपना सपोर्ट और मोटिवेशन ढूंढे 

पूजा बताती हैं की UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली हालांकि उनकी माँ ने उनके इस सफर में सबसे ज़्यादा सपोर्ट किया। वह कहती हैं "मेरी माँ ने मेरे साथ अध्ययन किया ताकि वह मुझे प्रेरित कर सके। वास्तव में अगर वह यूपीएससी परीक्षा में शामिल होती तो वह आसानी से परीक्षा पास कर लेती।” पूजा का मानना है की तैयारी के दौरान अक्सर अभ्यर्थी को हताशा महसूस होती है ऐसे में यदि आपको सही मोटिवेशन मिले तो आप आसानी से उस फेज़ से बाहर आ सकते हैं। इसलिए खुद को अकेला ना करें और अपने परिवार और मित्रों से बात करते रहे। 

पूजा अभ्यर्थियों को सलाह देती हैं की ज़रूरी नहीं आपको इस परीक्षा में सफलता मिलेगी ही। इसलिए इस परीक्षा की तैयारी एक सीख के तौर पर करें। सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस काफी विस्तारित है और यह ज़रूरी नहीं की आप सब याद रख सकें। इसलिए रिवाइज़ करते रहे परन्तु कुछ भूल जाने पर परेशान ना हों। यह परीक्षा केवल मेहनत और लगन से ही पास की जा सकती है। इसलिए अपना उद्देश्य याद रखें और मेहनत करते रहें। 

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