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Positive India: नौकरी के साथ-साथ की UPSC की तैयारी, 5वें एटेम्पट में हासिल की 54वीं रैंक - जानें IAS सुमित कुमार राय की कहानी

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 4 बार लगातार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार। 5वें एटेम्पट में बनें आईएएस। 

Aug 3, 2020 14:19 IST
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Positive India: नौकरी के साथ साथ की UPSC की तैयारी, 5वें एटेम्पट में हासिल की 54वीं रैंक - जानें IAS सुमित कुमार राय की कहानी
Positive India: नौकरी के साथ साथ की UPSC की तैयारी, 5वें एटेम्पट में हासिल की 54वीं रैंक - जानें IAS सुमित कुमार राय की कहानी

जहाँ एक या दो प्रयास में असफलता मिलने के बाद अधिकांश लोग हार मान लेते हैं वहीँ कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए बिना रुके जी तोड़ मेहनत करते हैं और सफलता हासिल करते हैं। ऐसी ही लोगों में से एक हैं UPSC सिविल सेवा 2018 की परीक्षा में 54वीं रैंक हासिल करने वाले IAS सुमित कुमार राय। लगातार चार बार असफल होने के बाद अपने आखिरी प्रयास में सुमित ने अपने IAS बनने के सपने को पूरा किया। आइये जानते हैं उनके इस संघर्षपूर्ण सफर के बारे में:

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नौकरी के साथ साथ की UPSC की तैयारी 

सुमित बताते हैं की वह निजी कारणों की वजह से नौकरी नहीं छोड़ सकते थे और इसीलिए उन्होंने नौकरी के साथ साथ ही UPSC की तैयारी करने का फैसला लिया। हालांकि उनका यह सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वह बताते हैं की वह रोज़ सुबह ऑफिस जाने के पहले दो से तीन घंटे की पढ़ाई पूरी करते थे और वापस आने के बाद पढ़ते थे। उन्होंने अपनी ज़्यादातर पढ़ाई वीकेंड के दिनों में ही की क्योकि तब उनके पास पढ़ने का अतिरिक्त समय होता था। 

टाइम टेबल बना कर की UPSC की तैयारी 

UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लाखों उम्मीदवारों प्रत्येक वर्ष परीक्षा में बैठते हैं जिसमे से अधिकांश अपनी पढ़ाई पूरी कर या नौकरी छोड़ कर इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। हालाँकि सुमित कुमार के पास नौकरी छोड़ने का विकल्प नहीं था इसीलिए उन्होंने प्रत्येक दिन का टारगेट सेट  कर नौकरी के साथ साथ पढ़ाई की। सुमित कहते हैं वे पढ़ाई के लिए रोज के रोज अपने गोल्स तय करते थे. जैसे आज एक विषय का यह टॉपिक खत्म करना है, आज ये किताब यहां तक पूरी करनी है आदि। सुमित कोशिश करते थे कि दिन के अंत में वे अपने टारगेट को पूरा करके ही दम लें। कई बार ऐसा होता था तो कई बार ऐसा नहीं भी हो पाता था। सुमित बताते हैं की ऑफिस स्ट्रेस के कारण वे कई बार घर आकर भी नहीं पढ़ पाते थे, कई बार इतना थक जाते थे कि वापस आकर नहीं पढ़ पाते थे पर सुमित हमेशा लगे रहे, कभी रुके नहीं।

पांचवे एटेम्पट में मिली सफलता 

सुमित ने एक-दो बार नहीं बल्कि पूरे पांच बार यह परीक्षा दी है। यूपीएससी जैसी परीक्षा की तैयारी जो इंसान को झकझोर देती है उसमें इतने साल तक मेहनत करते रहना आसान नहीं है। सुमित बताते हैं की 4 बार असफल होने के बाद उन्हें निराशा तो हुई परन्तु वह कभी हताश नहीं हुए। निरंतर प्रयास करते रहे। हर बार उनके असफल होने  के कारण अलग थे परन्तु उन्होंने लक्ष्य के प्रति अपनी निष्ठा बनाये रखी। अपनी हर असफलता से सबक ले कर सुमित ने 2018 में अपना 5वां एटेम्पट दिया और उसे पास कर 54 वीं रैंक हासिल की। 

सुमित कहते हैं कि इस बात से खास फर्क नहीं पड़ता कि आपका बैकग्राउंड क्या रहा है हर किसी को अपने हिस्से की मेहनत तो करनी ही पड़ती है।  यह परीक्षा हार्डवर्क और डेडिकेशन से ही पास की जा सकती है। सुमित कहते हैं शुरू में अपना बेस मजबूत करने के लिए पढ़ाई करनी चाहिए क्योंकि बिना बेस के मजबूत हुए इस परीक्षा में सफल नहीं हुआ जा सकता। IAS सुमित कुमार राय हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा हैं जो जीवन में अपने लक्ष्य को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 

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