Positive India: तीन बार हुई UPSC प्रीलिम्स में फेल, चौथे एटेम्पट में हासिल की 40वीं रैंक - जानें डॉ अस्वथि श्रीनिवास की कहानी

केरल की अस्वथि श्रीनिवास पेशे से एक MBBS डॉक्टर हैं हालांकि सामाजिक विज्ञान में उनकी रुचि उन्हें UPSC सिविल सेवा तक ले आई। परिवार और पति के सपोर्ट से निरंतर मेहनत के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा 2019 में 40वीं रैंक हासिल की है।  

Created On: Dec 22, 2020 11:05 IST
UPSC Success Story of IAS Dr. Aswathy Srinivas in Hindi
UPSC Success Story of IAS Dr. Aswathy Srinivas in Hindi

केरल की अस्वथि श्रीनिवास बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने हाई स्कूल में मेडिकल स्ट्रीम को चुना और आगे चल कर MBBS की डिग्री पूरी कर अपने सपने को पूरा किया। हालांकि अस्वथि की किस्मत में कुछ और ही लिखा था। अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर जब वह वापस अपने घर लौटीं तो उन्होंने अपनी पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताबों को देखा और इस विषय में उनकी रूचि एक बार फिर उत्पन्न हुई। अपनी इस रूचि को सही  दिशा में इस्तेमाल करने के लिए अस्वथि ने IAS की परीक्षा देने का मन  बनाया और चौथे प्रयास में इसे पूरा भी किया। आइये जानते हैं कैसा रहा अस्वथि की तैयारी का यह सफर। 

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ग्रेजुएशन तक नहीं जानती थीं UPSC एग्ज़ाम के बारे में 

एक वीडियो इंटरव्यू में अस्वथि बताती हैं कि एक स्टूडेंट के तौर पर उन्होंने कभी सिविल सेवा के बारे में नहीं सोचा था। वह  हमेशा से ही एक डॉक्टर बनना चाहती थीं और उन्होंने इसी के लिए मेहनत की। MBBS फाइनल इयर के बाद जब वह छुट्टी पर घर आईं तो अपनी पुरानी सोशल स्टडीज़ की किताब पढ़ते समय उन्हें UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए पढ़ने का ख्याल आया। 

तैयारी के पहले 2 साल में सेल्फ स्टडी के बाद भी नहीं मिली सफलता 

अपनी तैयारी के बारे में अस्वथि कहती हैं कि उन्होंने पहले दो अटेंप्ट सेल्फ स्टडी के जरिये दिए। वह इस समय अपनी मेडिकल प्रैक्टिस भी कर रहीं थीं और साथ- साथ UPSC की तैयारी भी कर रहीं थीं। 2016 और 2017 के प्रीलिम्स में वह सफल नहीं हो पाईं। वह कहती हैं कि इन दोनों साल में उनकी तैयारी में कई लूप होल्स थे जिसके चलते उनका सेलेक्शन नहीं हो पाया। फिर उन्होंने 2017 दिसंबर से कोचिंग की परन्तु 2018 के अपने तीसरे एटेम्पट में भी वह सफल नहीं हो सकी।  

चौथे एटेम्पट में बनीं IAS अधिकारी 

तीन बार पहली ही स्टेज क्वालीफाई ना होने से अस्वथि निराश ज़रूर हुईं थीं परन्तु उनके पति और परिवार के सपोर्ट से वह एक बार फिर प्रयास करने के लिए तैयारी में जुट गई। अस्वथि ने मेडिकल साइंस ऑप्शनल सब्जेक्ट से मेंस की परीक्षा दी। वह कहती हैं "जो 19 सब्जेक्ट मैंने ग्रेजुएशन में पढ़े थे उनमें से 14 सिब्जेक्ट मेंस के सिलेबस में पढ़ने थे। इससे मुझे मेंस में आसानी रही। अपने चौथे एटेम्पट में बेहतर तैयारी के साथ मैंने परीक्षा दी और 40वीं रैंक हासिल की।"

अगले साल प्रीलिम्स देने वाले उम्मीदवारों को अस्वथि सलाह देती हैं कि कोशिश करे की आप एंग्जाइटी लेकर परीक्षा कक्ष में नहीं जाएं। अगर शांत मन से आप परीक्षा देते हैं तो अपना बेस्ट दे पाएंगे। अपनी स्ट्रेटेजी बना कर ही पढ़ें और अपने स्टडी रिसोर्स को लिमिटेड रखें। एस्प‍िरेंट्स को वह सलाह देती हैं कि इस तैयारी के लिए आपको सोशल मीडिया का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। 

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