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WBJEE 2019: पहले ही प्रयास में कैसे करें परीक्षा में सफलता हासिल?

WBJEE एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है जिसके द्वारा विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल राज्य में स्तिथ कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट लेवल इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपलब्ध करवाया जाता है. इस वर्ष WBJEE 2019 की परीक्षा 26 मई को ऑफलाइन या OMR बेस्ड तरीके से कंडक्ट की जायेगी. इस लेख में विद्यार्थी कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स के बारे में जानेंगे जो उन्हें WBJEE 2019 की परीक्षा को पहले ही अटेम्पट में क्रैक करने में सहायता करेंगे.

Apr 24, 2019 16:57 IST
Tips to crack WBJEE 2019

WBJEE एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है जिसके द्वारा विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल राज्य में स्तिथ कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट लेवल इंजीनियरिंग और मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश उपलब्ध करवाया जाता है. इस वर्ष WBJEE 2019 की परीक्षा 26 मई को ऑफलाइन या OMR बेस्ड तरीके से कंडक्ट की जायेगी. इसके लिए विद्यार्थी 22 जनवरी तक ऑनलाइन तरीके से एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करवा सकते हैं. JEE Main और JEE Advanced की तुलना में WBJEE को क्रैक करना आसान है क्योंकि इस परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का कठिनाई स्तर कम होता है. हम इस लेख में इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स के बारे में बताएँगे जो उन्हें पहले ही अटेम्पट में WBJEE 2019 की परीक्षा को क्रैक करने में सहायता करेंगे.
आइये विस्तार से जानते हैं उन टिप्स के बारे में:

1. सिलेबस को जानें:

किसी भी उम्मीदवार के लिए एक प्रतियोगी परीक्षा के सिलेबस के बारे में जानना बहुत आवश्यक होता है, क्योंकि इससे उन्हें यह पता करने में मदद मिलती है कि क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है. यह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की तरफ पहला कदम है. WBJEE परीक्षा में तीन प्रश्न पत्र होते हैं, जिनका नाम -भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित (Physics, Chemistry और Maths) है.

WBJEE 2019 गणित (Maths) प्रश्न पत्र

इस प्रश्न पत्र में कक्षा XI और XII में प्रयोग होने वाली गणित की किताबों का सिलेबस शामिल होता है. इस अनुभाग का कठिनाई स्तर आसान से लेकर मध्यम स्तर तक भिन्न- भिन्न होता है. इसमें मुश्किल प्रश्नों की तुलना में अधिक आसान प्रश्न आते हैं. इस प्रश्न पत्र में कुल 75 प्रश्न होते हैं और 85% सटीकता के साथ 50 से अधिक प्रश्नों का सही उत्तर देने को सुरक्षित स्कोर के रूप में माना जा सकता है.

WBJEE 2019 भौतिक विज्ञान (Physics) पेपर

इस प्रश्न पत्र का भी कठिनाई स्तर आसान से लेकर मध्यम स्तर तक अलग- अलग होता है. इस पत्र में आसान और कठिन दोनों तरह के प्रश्न आते हैं. इस प्रश्न पत्र में 40 प्रश्न होते हैं. 80% सटीकता के साथ 25 से ज्यादा प्रश्नों का यदि आप सहीं उत्तर देते हैं तो आप निश्चित रूप से इस में सफलता हासिल कर सकते हैं.

WBJEE 2019 रसायन विज्ञान (Chemistry) पेपर

इस प्रश्न पत्र का भी कठिनाई स्तर आसान से लेकर मध्यम तक अलग- अलग होता है. भौतिक विज्ञान के प्रश्न पत्र की तरह इस अनुभाग में भी 40 प्रश्न होते हैं और 25+ प्रश्नों को 80% प्रश्न की सटीकता के साथ अच्छे स्कोर के रूप में माना जा सकता है.

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2. परीक्षा के प्रारूप को जानें:

परीक्षा का प्रारूप जानने से छात्रों को रणनीतियाँ तैयार करने में मदद मिलती है. उदाहरण के लिए यदि आप जानते हैं कि क्या प्रश्न पत्र में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) है या नहीं, तो इससे यह तय करने में आसानी हो जाती है कि किस बारे में अनुमान (गेस) लगाना है और किसमें नहीं. यदि परीक्षा में कोई विशेष अनुभाग या प्रश्न पत्र कठिन होता है, तो आप उस प्रश्न पत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

उम्मीदवारों के लाभ के लिए हम WBJEE इंजीनियरिंग परीक्षा प्रश्न पत्र का प्रारूप नीचे दे रहे हैं.

विषय

श्रेणी (कैटगरी)- 1

श्रेणी (कैटगरी)- 2

श्रेणी (कैटगरी)- 3

कुल प्रश्नों की संख्या

कुल अंक (मार्क्स)

भौतिकी (Physics)

30 Q X 1 M

5 Q X 2 M

5 Q X 2 M

40

50

रसायन (Chemistry)

30 Q X 1 M

5 Q X 2 M

5 Q X 2 M

40

50

गणित (Maths)

50 Q X 1 M

15 Q X 2 M

10 Q X 2 M

75

100

* Q मतलब - प्रश्नों की संख्या, M मतलब- मार्क्स

प्रत्येक प्रश्न पत्र को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. प्रत्येक श्रेणी के अंकन (मार्किंग) की योजना नीचे दी गई है..

श्रेणी (कैटगरी)- 1

श्रेणी (कैटगरी)- 2

श्रेणी (कैटगरी)- 3

- प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक दिया जाता है, जबकि प्रत्येक गलत जवाब के लिए 0.25 अंकों की कटौती कर ली जाती है.

 

- OMR शीट में एक से अधिक उत्तर को चिह्नित करना गलत प्रतिक्रिया के रूप में माना जाता है और इससे नेगेटिव मार्किंग को बढ़ावा मिलता है.

- प्रत्येक सही उत्तर के लिए दो अंक दिये जाते हैं, जबकि प्रत्येक गलत जवाब के लिए 0.5 अंकों की कटौती कर ली जाती है.

 

- OMR शीट में एक से अधिक उत्तर को चिह्नित करना गलत प्रतिक्रिया के रूप में माना जाता है और इससे नेगेटिव मार्किंग को बढ़ावा मिलता है.

- एक से अधिक उत्तर का विकल्प सही भी हो सकता है और गलत भी. इसका अर्थ है कि यदि आप सभी प्रश्नों का सही उत्तर देते हैं तो आपको पूरे नंबर दिए जाते हैं.

- गलत उत्तर के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है. एक या उससे अधिक गलत उत्तर वाले विकल्पों में भी किसी तरह के नंबरों की कटौती नहीं होती है.

- आंशिक रूप से सही जवाबों के लिए बिना किसी भी नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) के निम्नांकित फॉर्मूला को नंबर देने के लिए लागू किया जाता है: 2 × (सही जवाबों की संख्या)/ (सही विकल्पों की कुल संख्या)

3. WBJEE के पिछले 5 सालों के प्रश्नपत्रों को हल करें:

पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना कई सफल छात्रों के सफल मंत्रों में से एक है. किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पिछले साल के प्रश्न पत्र एक रामबाण की तरह काम करते हैं. अभ्यास करते समय आपको नए प्रकार के प्रश्नों से रूबरू होना पड़ सकता है और ऐसे सवाल केवल पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों से ही प्राप्त हो सकते हैं. परीक्षा की तैयारी के दौरान पिछले साल के प्रश्न पत्रों को अपनी परीक्षा के प्रश्न पत्र की तरह ट्रीट करें और समय पर प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें. इससे आपको बहुत अधिक लाभ मिलेगा और यह आपके समय प्रबंधन में मदद करने के साथ-साथ आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देगा.

4. जितना ज्यादा हो सके उतने अधिक सैंपल पेपरों का अभ्यास करें:

सैंपल पेपरों का जितना हो सके उतना अधिक अभ्यास करें. आपको पिछले पाँच सालों के प्रश्नपत्रों को हल करने के बाद परीक्षा के नए पैटर्न पर काम करना होगा. सैंपल पेपर नए पैटर्न पर आधारित होते हैं. सैंपल पेपर से आपको नए प्रश्नों के बारे में जानकारी मिलती है और ये आपको परीक्षा के नए प्रारूप के साथ ढालने में सहायता प्रदान करते हैं.

सैंपल पेपरों को हल करने के बाद आपको अपनी कमजोरियों और मजबूत पक्षों के बारे में पता चल सकेगा जिसे आप समय पर सुधार सकते हैं. कई बार आप गणनाओं में मूर्खतापूर्ण गलतियां करते हैं और आपका सारा प्रश्न गलत हो जाता है. सैंपल पेपरों का अभ्यास करने से आपको अपनी गलती को पहचानने तथा उस पर काम करने में मदद मिलती है.

5. परीक्षा से पहले महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स का रिवीजन करना नहीं भूलें:

परीक्षा शुरू होने से पहले एक बार रीवीजन जरूर करना चाहिए. यदि परीक्षा के एक महीने या दो महीने पहले पढ़े गए विषय को रीवाइज नहीं किया गया तो फिर वह बेकार हैं. जब आप विषयों का अध्ययन कर रहे हैं तो उनके नोट्स भी बना दें और महत्वपूर्ण सूत्रों को नोट कर लें.  रीवीजन पर अपना पूरा समय दें.

6. खुद को प्रेरित करते रहें:

प्रेरित रहना भी एक कठिन काम है. कई बार ऐसा होता है कि सैंपल पेपर हल करते समय आप विशेष समस्या का समाधान नहीं कर पाते हैं. यहां तक कि आप उस प्रश्न पर आवश्यक समय से भी अधिक समय खर्च कर देते हैं या आप पेपर के पर्याप्त प्रश्नों को हल नहीं कर पाते हैं. ऐसी स्थितियों में आप तनाव से गुजरते हैं और आपको निराशा महसूस होती है.

जब भी आपको लगे कि आप एक प्रश्न में फंस रहे हैं या उसका उत्तर नहीं दे पा रहे हैं, तो इसे छोड़ दें और कुछ समय बाद फिर से प्रयास करें. अंत में अगर आप समाधान को हल नहीं कर पा रहे हैं तो फिर जांच लें कि आपने गलती कहाँ की है. अगर आपको विषय (टॉपिक) छोड़ते समय यह लगता है कि 'आप इसे कर सकते हैं!' तो उसे करें.  याद रखें कि खुद को प्रेरित करते रहना बेहद महत्वपूर्ण है.

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