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अपने इंटरव्यू में स्टूडेंट्स और जॉब सीकर्स कभी न बोलें ये शब्द

बेशक इंटरव्यू देते समय आपका बातचीत करने का लहजा ही आपको कोई जॉब दिलवा सकता है. वैसे तो आप सभी अपने इंटरव्यू की खूब अच्छी तैयारी करते हैं लेकिन यहां पेश हैं आपके लिए कुछ ऐसे शब्द जिन्हें आप अपना इंटरव्यू देते वक्त भूलकर भी इस्तेमाल न करें.   

Jan 21, 2020 15:44 IST
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Words Students Should Never Use In a Job Interview
Words Students Should Never Use In a Job Interview

हमारे देश में भी आजकल जॉब मार्केट में काफी ज्यादा कॉम्पीटिशन है और एक वेकेंसी के लिए भी कई बार बड़ी संख्या में जॉब सीकर कैंडिडेट्स इंटरव्यू देने के लिए आते हैं. ऐसे में अक्सर स्टूडेंट्स और जॉब सीकर्स कंफ्यूज़ हो जाते हैं कि कैसे वे अपने इंटरव्यू में सफलता हासिल करें? बेशक इंटरव्यू देते समय आपका बातचीत करने का लहजा ही आपको कोई जॉब दिलवा सकता है. यह भी सच है कि, अधिकांश मामलों में इंटरव्यूअर्स कैंडिडेट्स के CV, रिज्यूम और पोर्टफोलियोज देखकर कैंडिडेट्स के बारे में पहले से ही अपनी धारणा बना लेते हैं. इस आधार पर ही वे कैंडिडेट के व्यक्तित्व का मूल्यांकन करते हैं और यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि क्या कैंडिडेट्स द्वारा अपने रिज्यूम या CV में किये गए दावे वास्तव में सच हैं? आपको इंटरव्यू में ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जो आपके रिज्यूम या CV में प्रस्तुत आपके दावों और पहचान को सही साबित करें. इसलिये, यहां कुछ ऐसे शब्दों की सूची दी जा रही है जिनका उपयोग स्टूडेंट्स और जॉब सीकर कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के दौरान कभी नहीं करना चाहिए:

  • नकारात्मक शब्द - ‘नफरत’

नफरत एक बड़ी ही बलशाली नकारात्मक भावना है और अधिकांश लोग ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले लोगों से दूर भागते हैं. जब आप किसी व्यक्ति से पहली बार और खासकर किसी जॉब इंटरव्यू के दौरान मिलते हैं तो ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें. इंटरव्यू के दौरान, इंटरव्यूअर आपकी ताकत, आपके व्यक्तित्व के सकारात्मक पहलूओं और कठिन परिस्थितियों को हल करने की आपकी काबलियत के बारे में सुनना और जानना चाहते हैं. अगर आप नफरत जैसे किसी शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो इससे इंटरव्यूअर पर आपका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वे आपको ‘हाई-रिस्क कैंडिडेट’ मानेंगे.

  • असल में/ वास्तव में नहीं हैं पेशेवर शब्द

असल में और वास्तव में जैसे शब्द अक्सर बोले जाने वाले शब्द होते हैं. ये हमारी रोजाना बोली जाने वाली भाषा के अंग बन चुके हैं. लेकिन इन शब्दों का इस्तेमाल पेशेवर बातचीत जैसे इंटरव्यू के दौरान कभी नहीं करना चाहिये. आपको शायद अपनी उपलब्धियों के बारे में बात करते समय किसी भी वाक्य की शुरूआत में इन शब्दों का इस्तेमाल करना बहुत अच्छा लगे लेकिन अपनी इस तीव्र इच्छा को रोकने की कोशिश करें. ‘हम्म या उह’ जैसे ज्यादा बोले जाने वाले अन्य शब्दों का इस्तेमाल करने से भी बचें क्योंकि ये शब्द अस्पष्टता बढ़ाते हैं और इंटरव्यूअर के दिमाग पर आपका बुरा प्रभाव पड़ता है. किसी भी प्रश्न का जवाब देते समय अगर आपको यह न पता हो कि इस प्रश्न का क्या जवाब दें?... तो कुछ समय अवश्य लें लेकिन पूरक शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें.

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  • ‘अवश्य’ भी है एक अस्पष्ट शब्द

हमारी रोज़ की अनौपचारिक बातचीत में ‘अवश्य’ या जरुर अधिकांशतः बोला जाने वाला शब्द है. इस शब्द का इतना अधिक इस्तेमाल किया जाता है कि आजकल तकरीबन ‘हां’ कहने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल समानार्थक के तौर पर होने लगा है. लेकिन ध्यान देने वाली बात तो यह है कि जब आप ‘अवश्य’ शब्द बोलें तो तकरीबन इस शब्द का अस्पष्ट उत्तर ही मिल पाता है. इसलिये, किसी पेशेवर जगह पर इस शब्द का इस्तेमाल कई बार स्पीकर में आत्म-विश्वास की कमी भी बताता है. किसी पेशेवर जगह पर ऐसे शब्दों को बोलने से बचें जिनके अर्थ स्पष्ट न हों क्योंकि कई बार ये शब्द आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक असर डाल देते हैं. 

  • ‘स्टफ’ शब्द को भी न करें इस्तेमाल

हम आजकल कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने के अभ्यस्त हो गये हैं लेकिन हम यह समझ ही नहीं पाते हैं कि किसी विशेष परिवेश में उन शब्दों का इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए. इसलिये, किसी इंटरव्यूअर से बातचीत करते समय यह हो सकता है कि ये शब्द आपकी जुबान पर आने लगें. हमेशा यह याद रखें कि इंटरव्यूअर आपके द्वारा बोले गए प्रत्येक शब्द पर पूरा ध्यान देते हैं. उदाहरण के लिए, ‘स्टफ’ शब्द को लें. यह बार-बार बोला जाने वाला शब्द है जिसे हम तकरीबन किसी भी चीज़ के बारे में बात करते हुए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इंटरव्यू में इस तरह के किसी भी शब्द का इस्तेमाल करने से आपका नेगेटिव असर पड़ेगा क्योंकि इस तरह के शब्द अक्सर एक अनौपचारिक रवैया इंगित करते हैं. इनके इस्तेमाल से कैंडिडेट के व्यक्तित्व में गंभीरता की कमी प्रतीत होती है जो कोई भी एम्प्लॉयर अपने किसी भावी कैंडिडेट में नहीं देखना चाहता है.

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  • कसम लेने वाले शब्द भी दर्शाते हैं आपमें भरोसे की कमी

उक्त शब्द अपने में ही स्पष्ट हैं लेकिन जैसेकि हमने ऊपर चर्चा की है, कई शब्द हमारी रोजाना की बातचीत का हिस्सा बन गये हैं और हम बिना सोचे-समझे उन शब्दों का इस्तेमाल करते रहते हैं. पिछले कुछ वर्षों की तुलना में जॉब इंटरव्यू शायद कुछ हद तक अनौपचारिक हो गए हैं लेकिन इसका यह भी मतलब नहीं है कि आप इंटरव्यूअर के साथ अनौपचारिक बातचीत कर सकते हैं. आपको अपने इंटरव्यूअर के साथ बातचीत करते समय कुछ हद तक प्रोफेशनलिज्म बनाये रखना होगा और जिसका अर्थ है कि आप अपनी बातचीत में किसी भी कीमत पर गाली/ कसम लेने वाले शब्दों का इस्तमाल करने से बचें. दरअसल, कसम लेने वाले शब्द भी आपमें भरोसे की कमी दर्शाते हैं और कोई भी कंपनी अपने वर्क कल्चर या कार्य शैली में भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने को मंजूर नहीं करती है. अगर आप इंटरव्यू में ही ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर डालें तो वह कंपनी शायद ही आपको काम पर रखे.

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  • ‘जो भी हो’ बोलने से बचें

जब हम अपने दोस्तों और परिवार के साथ बातचीत करते हैं तो एक और बहुत ज्यादा बोला जाने वाला शब्द ‘जो भी हो/ चाहे जो हो’ है. आम परिस्थितियों में, इस शब्द का इस्तेमाल करना ठीक है लेकिन किसी पेशेवर परिवेश में ऐसा कदापि न करें. अपनी बातचीत में इस शब्द का इस्तेमाल करने का अर्थ है कि आपने हार मान ली है. अगर आप इंटरव्यूअर के सामने यह शब्द इस्तेमाल करते हैं तो आप उन पर अपनी नकारात्मक इमेज छोड़ते हैं. अक्सर एम्प्लॉयर्स ऐसे एम्प्लाइज की तलाश में रहते हैं जो उपाय करने में कुशल होते हैं और ऐसे एम्प्लॉइज को नज़रंदाज़ करते हैं जो जरा-सी मुसीबत आने पर घबरा कर पीछे हट जाते हैं. आशा है कि आपके लिए ये टिप्स मददगार साबित होंगे और आप अपने अगले इंटरव्यू में इनका पूरा ध्यान रखेंगे ताकि आप गलती से भी उक्त शब्दों का इस्तेमाल अपने इंटरव्यू के दौरान न करें.

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