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टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में करियर

Sep 6, 2018 11:49 IST
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टेक्सटाइल इंजीनियरिंग क्या है?

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है जो गारमेंट, कलर और फैब्रिक लाइन की इंडस्ट्रीज से संबद्ध कार्य करती है. यह एक ऐसा विज्ञान है जो टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग की प्रोसेस में शामिल सभी एक्टिविटीज और मेथड्स से संबद्ध है.  

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में लॉ, प्रिंसिपल्स और साइंटिफिक टेक्निक्स शामिल हैं जो सभी किस्म के यार्न्स (धागे) और टेक्सटाइल फैब्रिक्स की मैन्युफैक्चरिंग और विकास करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं. यह साइंस के उन प्रिंसिपल्स का भी अध्ययन करती है जो टेक्सटाइल फाइबर को बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलीमर्स को एनालाइज करते हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का फोकस फाइबर, मशीनरी और प्रोडक्ट्स, अपैरल और टेक्सटाइल प्रोसेस को डिज़ाइन करने और कंट्रोल करने से जुड़े कार्यों पर होता है.

टेक्सटाइल इंजीनियर्स क्या करते हैं?

हम हर जगह टेक्सटाइल्स देख सकते हैं फिर चाहे वे कपड़े, बेडशीट्स, ड्रेपरीज, कारपेटिंग, अपहोल्स्ट्री फैब्रिक्स या टॉवल्स हों. इन सभी गुड्स के प्रोडक्शन के पीछे जो विज्ञान काम कर रहा है, वही टेक्सटाइल इंजीनियरिंग है. टेक्सटाइल इंजीनियर्स उक्त सभी किस्म के फाइबर्स, फैब्रिक्स और यार्न्स को तैयार करने के लिए प्रोसेसेज, इक्विपमेंट और प्रोसीजर्स को डिज़ाइन और डेवलप करने से संबद्ध कार्य करते हैं.

वे प्लांट में काम कर सकते हैं और डिज़ाइन इंजीनियरिंग, प्रोसेस इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन कंट्रोल और सुपरविज़न, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टेक्निकल सेल्स एंड सर्विसेज, क्वालिटी कंट्रोल रिसर्च एंड डेवलपमेंट और कॉरपोरेट मैनेजमेंट से जुड़े सभी कार्य करते हैं.

मेडिकल साइंस भी आर्टिफीशल आर्टरीज और किडनी डायलिसिस मशीन्स के फिल्टर्स के लिए टेक्सटाइल्स पर निर्भर करती है. जार्विक – 7 आर्टिफीसीयल हार्ट 50 परसेंट टेक्सटाइल फाइबर्स से बना होता है और उसमें वेल्क्रो फिटिंग्स होती है.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के कोर सब्जेक्ट्स

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल केमिस्ट्री और टेक्सटाइल प्रोडक्शन शामिल हैं. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में आने वाले कोर सब्जेक्ट्स निम्नलिखित टेबल में दिए जा रहे हैं:

टेक्सटाइल फाइबर

यार्न फॉर्मेशन

फैब्रिक फॉर्मेशन

केमिकल प्रोसेसिंग ऑफ़ टेक्सटाइल्स

इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इन टेक्सटाइल

डिज़ाइन एंड स्ट्रक्चर ऑफ़ फैब्रिक

कंप्यूटर एप्लीकेशन्स इन टेक्सटाइल्स

डिज़ाइन एंड स्ट्रक्चर ऑफ़ फैब्रिक

टेक्सटाइल टेस्टिंग एंड इंस्ट्रूमेंट्स

प्रोसेसिंग एट टेक्सटाइल लैब

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का चयन क्यों किया जाए?

आजकल टेक्सटाइल एक निरंतर विकसित होने वाली इंडस्ट्री बन चुकी है और फैशन, गारमेंट्स तथा फाइबर मैन्युफैक्चरिंग की फील्ड में अपनी पहचान बनाने में रूचि रखने वाले कैंडिडेट्स टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का कोर्स चुन सकते हैं.

यह कोर्स छात्रों को एक शानदार करीयर के लिए ढेरों अवसर उपलब्ध करवाता है क्योंकि टेक्सटाइल्स की मांग और आपूर्ति कभी कम नहीं होगी. इसलिये, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का टाइम और कार्यक्षेत्र लगातार व्यापक होता जा रहा है और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग ने भारत और विदेशों में कई किस्म की जॉब्स के अवसर मुहैया करवाये हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में रिसर्च और क्रिएटिविटी की बहुत अधिक जरूरत होती है और छात्र अपनी क्रिएटिविटी, इनोवेशन तथा साइंटिफिक नॉलेज का इस्तेमाल करते हुए अपने यूनिक आइडियाज को साकार कर सकते हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियर्स अपने स्किल्स और क्रिएटिविटी के आधार पर, टॉप टेक्सटाइल प्लांट्स एवं कंपनियों में जॉब प्राप्त करके, सफलता की नई उंचाइयों को छू सकते हैं या फिर, वे अपना नया वेंचर भी शुरू कर सकते हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कोर्सेज

कई यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कोर्सेज शुरू किये हैं. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के सिलेबस में स्टूडेंट्स को मेटीरियल और मशीन के इंटरेक्शन, एनर्जी कंजरवेशन, नेचुरल और मानव-निर्मित मेटीरियल्स, पोल्यूशन, वेस्ट कंट्रोल और सेफ्टी तथा हेल्थ के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है.

भारत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में निम्नलिखित 4 किस्म के प्रोग्राम्स हैं:

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स:

  • टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी/ टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • फेब्रिकेशन टेक्नोलॉजी एंड इरेक्शन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा

अंडरग्रेजुएट कोर्स

इसे अक्सर बीटेक प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है. इस कोर्स की ड्यूरेशन 4 वर्ष है और यह कोर्स 10+2 एग्जाम पास करने के बाद किया जा सकता है.

  • टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (बीटेक)

पोस्टग्रेजुएट कोर्स

इस कोर्स को एमटेक के नाम से भी जाना जाता है और इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है. इंजीनियरिंग में अंडरग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के बाद आप यह कोर्स कर सकते हैं.

  • टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमटेक)
  • टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमटेक)
  • टेक्सटाइल केमिस्ट्री में मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमटेक)

डॉक्टोरल डिग्री कोर्स

यह कोर्स पीएचडी डिग्री कोर्स के नाम से जाना जाता है और इस कोर्स की अवधि 1-2 वर्ष होती है. छात्र अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद यह कोर्स कर सकते हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम्स की लिस्ट

ग्रेजुएशन लेवल

• जेएनयू: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

• बीआईएसएटी: बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस एग्जाम

• एनआईटी: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

• डीसीई सीईई: दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कंबाइंड एंट्रेंस एग्जाम

• बीआईएचईआर: भारथ यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

• एएमआईई: एसोसिएट मेम्बरशिप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन्स ऑफ़ इंजीनियर्स

• वीआईटीईईई: वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

• एआईईईई: ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

• एआईसीईटी: ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेंस टेस्ट

• आईआईटी जेईई: आईआईटी ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम

• उत्तर प्रदेश स्टेट एंट्रेंस एग्जाम

पोस्टग्रेजुएशन लेवल

• बीआईटीएसएटी: बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंट्रेंस एग्जाम

• गेट: ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट, इंजीनियरिंग

• एआईईईई: इंडियन इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

• पीजीईसीईटी: पोस्ट ग्रेजुएशन इंजीनियरिंग कॉमन एंट्रेंस टेस्ट

• आईआईटी जेईई: आईआईटी जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम

उक्त एग्जाम्स में हिस्सा लेने वाले इंस्टिट्यूट्स की लिस्ट

• आईआईटी: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दिल्ली

• इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली

• एलडी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, गुजरात

• कॉलेज ऑफ़ टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, पश्चिम बंगाल

• एसएसएम इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्सटाइल टैक्नोलॉजी एंड पॉलिटेक्निक कॉलेज, तमिलनाडु

• यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुंबई, महाराष्ट्र

• बेन्नारी अम्मन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु

• इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, उड़ीसा

• जैल सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पंजाब

• बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल

• कलकत्ता यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, वेस्ट बंगाल

• सरदार वल्लभभाई पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्सटाइल मैनेजमैंट, तमिलनाडु

• जया इंजीनियरिंग कॉलेज, तमिलनाडु

• एमिटी यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश

• दी आर्ट्स इंस्टिट्यूट्स

• डिपार्टमेंट ऑफ़ टेक्सटाइल, आईआईटी, दिल्ली

• टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्सटाइल्स, हरियाणा

• अन्ना यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु

• डीकेटीई सोसाइटी’ज टेक्सटाइल इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट, महाराष्ट्र

• कलकत्ता यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल

• कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टैक्नोलॉजी, तमिलनाडु

• गवर्नमेंट सेंट्रल टेक्सटाइल इंस्टिट्यूट, उत्तर प्रदेश

• एमएलवी टेक्सटाइल इंस्टिट्यूट, राजस्थान

• एमएस युनिवर्सिटी, गुजरात

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में कोर्सेज

कई यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों ने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कोर्सेज शुरू किये हैं. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के सिलेबस में स्टूडेंट्स को मेटीरियल और मशीन के इंटरेक्शन, एनर्जी कंजरवेशन, नेचुरल और मानव-निर्मित मेटीरियल्स, पोल्यूशन, वेस्ट कंट्रोल और सेफ्टी तथा हेल्थ के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में उपलब्ध रोज़गार के अवसर

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में फैशनेबल कपड़ों की मांग को ध्यान में रखते हुए, बहुत ज्यादा रिसर्च, क्रिएटिविटी और इनोवेशन की जरूरत होती है. एक बार कोर्स पूरा हो जाने के बाद, छात्रों को अपने काम में इस क्रिएटिविटी और साइंटिफिक जानकारी का इस्तेमाल जरुर करना चाहिए ताकि उन्हें अपने काम में बेहतरीन क्वालिटी और अच्छे नतीजे प्राप्त हों. 

टेक्सटाइल इंजीनियर्स को अक्सर टॉप टेक्सटाइल प्लांट्स और कंपनियों द्वारा जॉब ऑफर की जाती है. रोज़गार के अलावा, टेक्सटाइल इंजीनियर्स अपना बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में जिन छात्रों ने डिग्री हासिल की है, वे निम्नलिखित पोजीशन्स पर काम कर सकते हैं:

• मेडिकल टेक्सटाइल्स इंजीनियर

• प्रोसेस इंजीनियर

• ऑपरेशन्स ट्रेनी

• क्वालिटी कंट्रोल सुपरवाइजर

• प्रोसेस इम्प्रूवमेंट इंजीनियर

• टेक्निकल सेल्सपर्सन

भारत में टेक्सटाइल इंजीनियर्स को जॉब मुहैया करवाने वाले प्रमुख रिक्रूटर्स की लिस्ट

• बॉम्बे डाइंग

• मैसूर सिल्क

• जेसीटी लिमिटेड

• लक्ष्मी मिल्स

• रिलायंस टेक्सटाइल्स

• फैब इंडिया

• ग्रासिम इंडस्ट्रीज

• अरविंद मिल्स लिमिटेड

• लक्ष्मी मशीन वर्क्स

• भीलवाड़ा ग्रुप

• राजस्थान पेट्रो सिंथेटिक्स

• आरआईएल टेक्सटाइल्स

• जेसीटी मिल्स

• मफ्तलाल डेनिम

• रेमंड ग्रुप

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