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विज्ञान से 12वीं के बाद करियर विकल्प

Dec 10, 2018 12:22 IST
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साइंस स्ट्रीम की लोकप्रियता

परंपरागत रूप से, साइंस स्ट्रीम छात्रों के लिए एक लोकप्रिय पसंद रही है, क्योंकि यह छात्रों के लिए कई रोमांचक और आकर्षक अवसर प्रदान करती है. अधिकांश माता-पिता कक्षा 10 के पूरा होने के बाद अपने बच्चों को साइंस स्ट्रीम का चयन करने के लिए प्रेरित करते हैं, क्योंकि यह ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर प्रोफेशनल और साइंटिफिक कोर्सेज में एडमिशन लेने की एक अनिवार्य शर्त है. एक साइंस स्ट्रीम के छात्र के रूप में छात्रों को   पर्यवेक्षण द्वारा प्राकृतिक घटनाओं से जुड़े विषय वस्तुओं की सिस्टमेटिक साइंटिफिक स्टडी के साथ साथ उनकी थियरेटिकल और प्रैक्टिकल स्टडी भी करना पड़ता है.

मुख्य विषय

साइंस का क्षेत्र एक विस्तृत तथा व्यापक है. इसके अंतर्गत लगभग वो सभी चीजें शामिल है जिसे हम हम देख सकते हैं, स्पर्श कर सकते हैं, सुन सकते हैं, महसूस कर सकते हैं एवं इससे परे भी. जहाँ हम रहते हैं सिर्फ वही दुनिया नहीं बल्कि यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड साइंस के दायरे में आता है. आम तौर पर छात्रों को 11 वीं और 12 वीं कक्षा में मुख्यतः फिजिक्स,केमेस्ट्री और बायोलॉजी का अध्ययन करना पड़ता है.इसके अतिरिक्त एक अनिवार्य भाषा तथा मुख्य विषय के रूप में गणित विषय भी होगा जिसका अध्ययन मुख्य स्ट्रीम या ऐच्छिक  विषय के रूप में किया जा सकता है. साइंटिफिक स्टडी डोमेन को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर साइंस भी फाउंडेशन कोर्स के रूप में एक आधारभूत विषय के रूप में होगा.

फिजिक्स –

फिजिक्स एक नेचुरल साइंस है. इसके अंतर्गत मुख्यतः मैटर और मोशन का अध्ययन किया जाता है. इसके अतिरिक्त इस विषय के जरिये आप यह भी जानेंगे कि मैटर किस तरह से एनर्जी और फोर्स के साथ इंटरैक्ट करते हैं ? यह अपने चारो ओर फैले ब्रह्मांड का अध्ययन करता है. फिजिक्स के एक अभिन्न हिस्सा के रूप में छात्रों को सबसे छोटे प्राथमिक कणों यानि एटम्स और परमाणुओं के साथ-साथ सबसे बड़े सितारों और ब्रह्मांड का भी अध्ययन करेंगे. कक्षा 11 वीं और कक्षा 12 वीं के फिजिक्स में इलेक्ट्रीसिटी,ऑस्ट्रोनॉमी,मोशन,वेव्स,साउंड और लाईट का भी अध्ययन किया जाता है. 

केमेस्ट्री–

केमेस्ट्री में पदार्थों का अध्ययन किया जाता है और यह बताया जाता है कि विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण यह कैसे परिवर्तित होता है ? केमेस्ट्री विषय में मैटर के स्ट्रक्चर,कम्पोजीशन,विहैवियर और प्रोपर्टीज तथा केमिकल रिएक्शन के माध्यम से इनके गुणों को कैसे बदला जा सकता है?का अध्ययन किया जाता है. यह फिजिक्स से थोड़ा बहुत मिलता जुलता सब्जेक्ट है. इसमें फिजिक्स के कई कॉन्सेप्ट को पढ़ाया जाता है.

बायोलॉजी –

बायोलॉजी के अंतर्गत जीवित तथा मृत दोनों ही जीवों का अध्ययन किया जाता है. इसमें जीवन और विभिन्न जीवित जीवों का अध्ययन किया जाता है. इसका मुख्य विषय पृथ्वी के विभिन्न जीवन-रूपों के मूल, विकास, संरचना, कार्य, विकास और वितरण की प्रक्रिया को समझना है.बायोलॉजी के तीन प्रमुख सब-डोमेन हैं-

प्राणीशास्त्र (जूलॉजी) –

यह शाखा पशु साम्राज्य से संबंधित है और इसके अंतर्गत उनके व्यवहार, संरचना और शारीरिक विज्ञान का अध्ययन किया जाता है.

वनस्पति साइंस (बॉटनी)-

बॉटनी के अंतर्गत वनस्पति और पौधों से जुड़े सभी तथ्यों का अध्ययन किया जाता है.

माइक्रोबायोलॉजी-

यह बायोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत सूक्ष्म जीवों का अध्ययन किया जाता है.इस डोमेन के तहत बैक्टीरिया, कवक, और वायरस जैसे सूक्ष्मजीवों का मुख्य रूप से अध्ययन किया जाता है.

साइंस स्ट्रीम - विषय समूह

साइंस स्ट्रीम के अंतर्गत छात्रों को दो विषय संयोजन या विकल्पों का चयन करने का विकल्प प्रदान किया जाता है.

पीसीएम -

भौतिकी  (फिजिक्स)+ रसायन (केमेस्ट्री)+ गणित (मैथ्स)

इसे मैथेमेटिक्स ग्रुप के रूप में भी जाना जाता है. इस विषय का चयन वही छात्र करते हैं जो निकट भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं.जो छात्र कक्षा 11 वी में इस विषय को लेते हैं उन्हें फिजिक्स,केमेस्ट्री और मैथ्स और उससे संबद्ध विषयों का अध्ययन एक भाषा के साथ उनके प्रमुख विषयों के रूप में करना पड़ता है.

पीसीएमबी -

भौतिकी (फिजिक्स)+ रसायन (केमेस्ट्री) + गणित (मैथ्स) + जीवसाइंस (बायोलॉजी)

पीसीएमबी ग्रुप को बायोलॉजी ग्रुप के रूप में जाना जाता है और इसे उन छात्रों द्वारा पसंद किया जाता है जो चिकित्सा (मेडिकल) या चिकित्सा डोमेन  में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस ग्रुप को लेने वाले छात्रों को मुख्य विषय के रूप में फिजिक्स,केमेस्ट्री,बायोलॉजी और मैथ्स तथा इससे संबद्ध विषय अर्थात माइक्रोबायोलॉजी का अध्ययन किया जाता है. इसके साथ ही उनके सिलेबस के एक हिस्से के रूप में एक अनिवार्य भाषा तथा कम्प्यूटर साइंस/आई टी भी पढ़ना पड़ता है.

सही सब्जेक्ट ग्रुप का चुनाव कैसे करें ?

11 वीं और 12 वीं साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए सही सब्जेक्ट ग्रुप का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है. इस दौरान छात्र जिस विषय का चुनाव करते हैं उसी के आधार पर वे अपनी एकेडमिक स्टडी तथा करियर से जुड़े निर्णय ले पाएंगे.

इसलिए, सही सब्जेक्ट ग्रुप को चुनने के लिए छात्रों को निम्नलिखित कारकों पर विचार करना चाहिए :

अपनी रुचि :

छात्रों को हमेशा अपने इन्ट्रेस्ट के हिसाब से जिस विषय को लम्बे समय तक पढ़ने में आनंद आता है उसी का चयन करना चाहिए न की किसी के दबाव में आकर या किसी का देखा देखि कर. यदि आपको फिजिक्स,केमेस्ट्री मैथ्स अच्छा लगता है तथा आप इन्हें पढ़ते समय सहज रहते हैं एवं आप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो अवश्य ही पीसीएम आपके लिए आदर्श सब्जेक्ट ग्रुप साबित होगा.

अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचाने :

अपने हित के अतिरिक्त छात्रों को विषय चुनते समय अपनी ताकत और कमजोरियों पर भी विचार करना चाहिए. उदाहरण के लिए आपने  पीसीबीबी का चुनाव किया है क्योंकि आप बायोलॉजी में रूचि रखते हैं लेकिन आपने कक्षा 10 के दौरान उससे जुड़े अध्यायों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है. तब इस परिस्थिति में आपका यह चयन एक सही विचार नहीं हो सकता. क्योकि आगे चलकर आपको इसका वृहद् अध्ययन करना पड़ेगा और मौलिक तथ्यों पर सही पकड़ नहीं होने के कारण भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है.

साइंस स्ट्रीम में आगे के अध्ययन का दायरा

जहां तक ​​हाईस्कूल या कक्षा 11 वीं और कक्षा 12 वीं के बाद के स्टडी का सवाल है तो साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों के पास चयन करने वाले कोर्सेज तथा करियर विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला होती है. साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वे पोस्ट ग्रेजुएट या अंडर ग्रेजुएट में अन्य विषय अर्थात आर्ट्स या कॉमर्स का भी चयन कर सकते हैं जबकि अन्य स्ट्रीम वालों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती. साइंस स्ट्रीम वाले छात्रों के लिए कुछ बेहतर करियर विकल्प का वर्णन नीचे किया गया है -

इंजीनियरिंग

इंजीनियरिंग शायद उन छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय करियर विकल्प है जो साइंस स्ट्रीम  चुनते हैं. हर साल, लगभग 11 लाख साइंस स्ट्रीम के छात्र जेईई इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में  बैठते हैं, जो स्पष्ट रूप से इस विकल्प के महत्व और लोकप्रियता को साबित करता है. इंजीनियरिंग स्ट्रीम वाले छात्र देश के आईआईटी जैसे प्रमुख टेक्नोलॉजी स्कूल्स में पढ़ने का अवसर पाते हैं. इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग में कई स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट्स और सबडोमेन हैं जिनका चयन छात्र अपनी योग्यता तथा रूचि एवं वरीयता के आधार पर कर सकते हैं. उनमें से कुछ विशेष स्पेशलाइजेशन हैं -

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • सिविल इंजीनियरिंग
  • केमिकल इंजीनियरिंग
  • कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग

मैथ्स ग्रुप्स के छात्रों के लिए अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज

यदि आपकी रूचि इंजीनियरिंग में नहीं है तो आप तीन साल का रेगुलर ग्रेजुएशन कोर्स का भी चयन कर सकते हैं. ये कोर्स देश के लगभग सभी यूनिवर्सिटीज द्वारा ऑफर किये जाते हैं. ये कोर्सेज रेगुलर कोर्सेज होते हैं तथा आपको उनमें से किसी एक सब्जेक्ट में ऑनर्स करना पड़ता है. इसके अंतर्गत विषय के थियरेटिकल पहलुओं के साथ साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी व्यापक और विशेष जोर दिया जाता है. मैथ्स ग्रुप के छात्रों के लिए कुछ लोकप्रिय अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज हैं:

  • बीएससी आईटी
  • बीएससी कंप्यूटर साइंस
  • बीएससी केमेस्ट्री
  • बीएससी मैथेमेटिक्स
  • बीएससी फिजिक्स
  • बीएससी होटल मैनेजमेंट
  • बीएससी नौटिकल साइंस
  • बीएससी इलेक्ट्रानिक्स
  • बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

मेडिकल

साइंस धारा छात्रों के लिए मेडिकल या मेडिसिन  भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण करियर विकल्प है. पीसीबी / पीसीएमबी ग्रुप वाले छात्र अंडरग्रेजुएट तथा पोस्टग्रेजुएट लेवल पर मेडिकल का चयन कर सकते हैं. अंडर ग्रेजुएट लेवल पर छात्र एमबीबीएस का चयन करते हैं. एमबीबीएस एक बहुत ही लोकप्रिय मेडिकल कोर्स है. इसके अतिरिक्त छात्र कुछ अन्य

अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स का भी चयन कर सकते हैं जैसे कि:

  • बीडीएस (दंत चिकत्सा)
  • बीएएमएस (आयुर्वेद)
  • बीएचएमएस (होम्योपैथी)
  • बी.फार्मा (फार्मेसी)
  • बीपीटी (फिजियोथेरेपी)
  • बम्स (यूनानी चिकित्सा)
  • बीएएसएलपी (ऑडियोलॉजी और स्पीच-लैंग्वेज थेरेपी)

मेडिकल ग्रुप स्टूडेंट्स के लिए बैचलर डिग्री कोर्स

मैथ्स ग्रुप के छात्रों की तरह ही बायोलॉजी ग्रुप वाले छात्र अगर मेडिकल फील्ड में नहीं जाना चाहते हैं तो वे बैचलर डिग्री के कोर्सेज का चयन कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों के किसी एक विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के उद्देश्य से किसी भी विषय में ऑनर्स करना पड़ता है. इस कोर्स को करने के बाद छात्र रिसर्च फील्ड में जा सकते हैं या फिर वे टीचिंग को भी अपना करियर बना सकते हैं. मेडिकल ग्रुप वाले छात्रों के लिए लोकप्रिय बैचलर डिग्री कोर्स निम्नांकित है

  • बीएससी बायोकेमेस्ट्री
  • बीएससी बायोलॉजी
  • बीएससी एनवायरनमेंट साइंस
  • बीएससी बायोटेक्नोलॉजी
  • बीएससी नर्सिंग
  • बीएससी अक्यूपेशनल थेरेपी
  • बीएससी फिजियोथेरेपी
  • बीएससी रेडियोलोजी
  • बीएससी बायो इन्फॉर्मेटिक्स
  • बीएससी एन्थ्रोपोलॉजी
  • बीएससी माइक्रोबायोलॉजी
  • बीएससी जुलॉजी
  • बीएससी फोरेंसिक साइंस
  • बीएससी एग्रिकल्चर
  • बीएससी पैथोलॉजी

बिजनेस

बिजनेस एंड मैनेजमेंट भी एक कोर्स है जिसका चयन साइंस स्ट्रीम वाले छात्र कर सकते हैं.इस फील्ड में करियर तथा एकेडमिक स्कोप बहुत बढ़िया हैं. बहुत सारे ग्रेजुएट लेवल बिजनेस मैनेजमेंट कोर्सेज छात्रों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं, जिनका चयन वे अपनी परिस्थिति तथा रूचि के आधार पर कर सकते हैं. कुछ विशेष कोर्सेज हैं - 

  • बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए)
  • बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस)
  • बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीएमएम)
  • बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम)
  • इंटीग्रेटेड  बीबीए + एमबीए प्रोग्राम (5 साल)

गैर साइंस बैचलर डिग्री कोर्सेज

साइंस स्ट्रीम के छात्रों के पास गैर-साइंस विषयों में भी ग्रेजुएशन की डिग्री कोर्सेज का चयन करने का विकल्प होता है. यह छात्रों के लिए कई नए रास्ते खोलता है क्योंकि वे आर्ट्स,कॉमर्स, लॉ और अन्य संबद्ध विषयों में प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं. इस क्षेत्र के लोकप्रिय कोर्सेज में शामिल हैं:

  • बीकॉम (सांख्यिकी / गणित)
  • बीएसडब्ल्यू - सोशल वर्क
  • मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म
  • एनिमेशन और मल्टीमीडिया
  • इवेंट मैनेजमेंट

कानून (लॉ)

कानून (लॉ) एक और कोर्स विकल्प है जो कक्षा 12 वीं के बाद साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए उपलब्ध है. साइंस स्ट्रीम के छात्र इस डोमेन में ग्रेजुएशन लेवल पर इंटीग्रेटेड कोर्सेज ले सकते हैं. इंटीग्रेटेड लॉ कोर्सेज की पेशकश करने वाले कॉलेजों की संख्या सीमित है लेकिन इसमें भविष्य में बेहतर करियर स्कोप की संभावना है.इस डोमेन के लोकप्रिय कोर्सेज विकल्पों में शामिल हैं:

  • बीएससी + एलएलबी
  • बीटेक। + एलएलबी
  • बीकॉम  + एलएलबी
  • बीबीए + एलएलबी

साइंस स्ट्रीम छात्रों के लिए करियर स्कोप

इसमें कोई दो राय नहीं है कि साइंस स्ट्रीम 10 वीं कक्षा के बाद छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा करियर स्ट्रीम है. इस स्ट्रीम की लोकप्रियता का मुख्य कारण यह है कि यह भविष्य में छात्रों के लिए कई आकर्षक करियर के अवसर उपलब्ध कराता है.हाईस्कूल में साइंस स्ट्रीम चुनने के बाद छात्रों के लिए करियर का दायरा काफी विशाल है,क्योंकि आगे चलकर वे किसी भी स्ट्रीम की पढ़ाई कर सकते हैं तथा किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. 

मैथ्स ग्रुप के छात्रों के लिए

जब करियर के अवसरों की बात आती है तो मैथ्स ग्रुप के छात्रों को बड़ा फायदा होता है. अपने कोर्स के आधार पर वे इंजीनियर,साइंटिस्ट,लॉयर,सरकारी कर्मचारी,पायलट, फार्मासिस्ट, आर्किटेक्ट्स टीचर, मैनेजर,डिजाइनर,कंप्यूटर विशेसज्ञ आदि कुछ भी बन सकते हैं.

बायोलॉजी ग्रुप के छात्रों के लिए

बायोलॉजी ग्रुप के छात्रों के लिए करियर का दायरा भी कई करियर के अवसरों के साथ समान रूप से आकर्षक है. ये मुख्यतः डॉक्टर, साइंटिस्ट, दंत चिकित्सक, ऑर्थोडोन्टिस्ट, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, नर्स और कुछ अन्य बन सकते है. इनके पास टीचर, लॉयर, डिजाइनर और डिजाइनर  इत्यादि जैसे गैर-साइंस करियर विकल्पों को चुनने की स्वतंत्रता भी होती है.

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