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पर्यावरण | पारिस्थितिकी

भूकंप की सटीक तीव्रता के लिए नया सीस्मिक जोन मानचित्र

Feb 1, 2011
द इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR: The Institute of Seismological Research) ने भारत के भूकंप संभावित क्षेत्रों का नया मानचित्र तैयार किया. इस मानचित्र में भूकंप संवेदी क्षेत्रों को ज्यादा बारीकी से रेखांकित किया गया है.

लवासा हिल सिटी पर्यावरणीय तौर पर गैरकानूनी

Jan 20, 2011
महाराष्ट्र में पुणे के नजदीक पहाड़ों पर बन रही लवासा हिल सिटी को केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय ने गैरकानूनी करार दिया. मंत्रालय ने लवासा हिल सिटी को जारी अपने आदेश में पर्यावरण संरक्षण अध्यादेश 1994, 2004 और 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी करार दिया.

तटीय विनियमन क्षेत्र 2011 और द्वीप सुरक्षा क्षेत्र 2011 अधिसूचित

Jan 11, 2011
केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा तटीय विनियमन क्षेत्र 2011 और द्वीप सुरक्षा क्षेत्र 2011 (Coastal Regulation Zone 2011 and Island Protection Zone 2011) अधिसूचित किया गया. केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा पहली बार द्वीप सुरक्षा क्षेत्र को भी अधिसूचना में शामिल किया गया.

जैव विविधता और पर्यावरण प्रणाली सेवा संबंधी अंतर-सरकारी मंच का गठन

Dec 25, 2010
संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिये जैव विविधता और पर्यावरण प्रणाली सेवा संबंधी अंतर-सरकारी मंच की स्थापना 20 दिसंबर 2010 को पेरिस में की. इस मंच का उद्देश्य विश्व के हजारों वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए पर्यावरण प्रणालियों की सुरक्षा तथा धरती पर

मुंबई में दूसरा हवाई अड्डा के लिए नवी मुंबई को मंजूरी

Nov 30, 2010
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने नवी मुंबई में मुंबई का दूसरा हवाई अड्डा बनाने की मंजूरी दे दी. नवी मुंबई में 1160 हेक्टेयर में बनने वाला प्रस्तावित हवाई अड्डा मौजूदा छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर उपनगरीय शहर नवी मुंबई में बनेगा.

भारत का पहला नाइट सफारी ग्रेटर नोएडा में

Nov 30, 2010
एशिया का दूसरा व देश का पहला नाइट सफारी ग्रेटर नोएडा (एक्सप्रेस-वे के किनारे मुरशदपुर गांव के पास 260 एकड़ जमीन) में बनाने की योजना है. ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2011 में नाइट सफारी परियोजना पर काम शुरू करने का निर्णय नवंबर 2010 के तीसरे सप्ताह में लिया गया.

मोबाइल टावर लगाने के लिए वन्यजीव विभाग की मंजूरी अनिवार्य

Oct 28, 2010
दूरसंचार विभाग ने मोबाइल टावर लगाने से पहले सेलफोन ऑपरेटरों को पर्यावरण मंत्रालय के वन्यजीव विभाग से मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया. इसका उद्देश्य मोबाइल टावर से निकलने वाली तरंगों से वन्यजीवों मुख्यरूप से पक्षियों, मधुमक्खियों और कीटों को होने वाले नुकसान से बचाना है.

ध्वनि प्रदूषण नियम में संशोधन

Oct 23, 2010
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने ध्वनि प्रदूषण नियम में 11 जनवरी 2010 को कुछ संशोधन किये हैं. ये संशोधन रेगुलेशन और कंट्रोल को और अधिक कठोर बनायेंगे. ऐसा पहली बार हुआ है कि कंस्ट्रक्सन कार्यों के मशीनों को रात में चलाने पर पाबन्दी लगायी गयी है.

सरक रहा हिमालय

Oct 23, 2010
पांच करोड़ वर्ष पहले भारतीय उपमहाद्वीपीय भू-सतह के 18 सेंटीमीटर प्रति वर्ष की दर से सरकते हुए यूरेशियन खाई से हुई टक्कर के कारण हिमालय का निर्माण हुआ था. अभी हाल में बार-बार आ रहे भूकंपों की वजह भी यही है – हिमालय के टेक्टोनिक भू-सतह का मध्य एशिया की ओर 2 सेंटीमीटर प्रति वर्ष की दर से सरकना.

पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक/हायब्रिड वेहिकल्स

Oct 23, 2010
इलेक्ट्रिक (बैटरी से चलने वाली) और हायब्रिड (संकर – इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों का उपयोग) गाड़ियों का बाजार धीरे-धीरे बढ़ रहा है. इसका कारण है इन गाड़ियों का सस्ता और प्रदूषण मुक्त होना. जनवरी 2010 में दिल्ली में लगे ऑटो एक्सपो में इन गाड़ियों के प्रति गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों का रुझान और आम लोगों में जिज्ञासा इनका भविष्य बताता है.

अति प्रदूषित इंडस्ट्रीयल एरिया पर प्रतिबन्ध

Oct 23, 2010
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने 13 जनवरी 2010 को लिए निर्णय में अति प्रदूषित इंडस्ट्रीयल एरिया में नए उद्योग-धंधों के निर्माण या पुराने उद्योगों के विस्तार पर प्रतिबन्ध लगा दिया. यह निर्णय अगस्त 2010 तक प्रभावी रहेगा. मंत्रालय ने 88 इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों के एक सर्वे में से 43 को अति प्रदूषित घोषित किया.

ग्वाटेमाला में उष्णकटिबंधीय तूफान “अगाथा”

Oct 21, 2010
उष्णकटिबंधीय तूफान अगाथा से ग्वाटेमाला में आई भयंकर बाढ़ के कारण 142 लोग मारे गए तथा 53 लोग लापता हो गए. 31 मई 2010 को आये इस तूफान का सबसे ज्यादा प्रभाव तटीय इलाकों में पड़ा.

मानसून की भविष्यवाणी और मौसम विभाग

Oct 15, 2010
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने वर्ष 2010 में सामान्य बारिश की भविष्यवाणी की. 14 मई 2010 को भू-विज्ञान मंत्री पृथ्वीराज चवन ने मौसम विभाग के डाटा के अनुसार यह बताया कि देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मानसून 30 मई तक आने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भविष्यवाणी दो महत्वपूर्ण संकेतों के आधार पर की – शीतोष्ण कटिबंधीय (ट्रॉपिकल) प्रशांत महासागर में अल नीनो (गरम पर्यावरण) और ला नीना (ठंडा पर्यावरण) की कमी. अल नीनो और ला नीना 2 से 7 वर्ष के अनियमित चक्र पर आते रहते हैं.

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