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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए

अमेरिका के दो तेल टैंकरों में 13 जून को आग लगने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमले हेतु ईरान को दोषी ठहराया था.

Jun 25, 2019 15:13 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जून 2019 को ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए. इन प्रतिबंधों से ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य अधिकारी अमेरिकी क्षेत्र में किसी भी बैंकिंग सुविधा के लाभ नहीं उठा पाएंगे.

ईरान ने कहा था कि उसने 20 जून 2019 को क्षेत्र में अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराया गया है जिसके कुछ दिन बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नए प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ओवल दफ्तर में पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत में कहा कि हम ईरान या किसी भी देश के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जिस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, वो ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाएगा और ईरान के सर्वोच्च नेता तथा अन्य अधिकारियों को बैंकिग सुविधा के लाभ लेने से रोकेगा.

विवाद कैसे शुरू हुआ?

अमेरिका के दो तेल टैंकरों में 13 जून को आग लगने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था. अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमले हेतु ईरान को दोषी ठहराया था. अमेरिका ने इससे पहले भी मई 2019 में इस रणनीतिक समुद्री इलाके में ऐसे ही हमलों को लेकर इस्लामिक गणराज्य की ओर उंगली उठाई थी. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के हवाले से विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिकी सरकार का मानना है कि खाड़ी में हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है.

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ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव

हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने साल 2018 में ईरान परमाणु समझौते से स्वयं को अलग कर लिया था. अमेरिका ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाता रहा है.

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अमेरिका के विदेश मंत्री सऊदी अरब दौरे पर

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो 24 जून 2019 को एक दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे थे. ड्रोन गिराए जाने के बाद ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी मंत्री का मित्र देश सऊदी अरब का यह दौरा महत्वपूर्ण है. सऊदी के किंग सलमान और सत्ता का अहम केंद्र माने जाने वाले मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से खड़ी की कई चुनौतियों से निपटने हेतु ना सिर्फ खाड़ी देश बल्कि एशिया और यूरोपीय देशों को भी मिलकर काम करना होगा.

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