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आईएनएस कदमत ‘लीमा-19’ में भाग लेने हेतु मलेशिया पहुंचा

आईएनएस कदमत (पी 29) एक स्वदेशी पनडुब्बी है. यह जनवरी 2016 में भारतीय नौसेना में शामिल हुई. यह जहाज अत्याधुनिक हथियार से लैस है. इसमें बेहतर और उच्‍च कोटि के सेंसर है.

Mar 27, 2019 15:16 IST

भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति वाला एएसडब्‍ल्‍यू कॉर्वेट आईएनएस कदमत सात दिवसीय आधिकारिक दौरे पर 25 मार्च 2019 को मलेशिया स्थित लैंगकावी पहुंचा.

वाइस एडमिरल कर्मबीर सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान भारतीय नौसेना के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में लीमा-19 के अंतर्गत होने वाले विभिन्‍न आयोजनों में भी भाग लेंगे. यह जहाज इस दौरान लैंगकावी अंतरराष्‍ट्रीय नौवहन एवं एयरोस्‍पेस प्रदर्शनी ‘लीमा-19’ में भाग लेगा.

मुख्य बिंदु:

•   यह पोत इन सात दिनों के दौरान लैंगकावी में लीमा-19 के तहत आयोजित की जाने वाली विभिन्‍न गतिविधियों में भाग लेगा.

•   इनमें मलेशिया के प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली अंतरराष्‍ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर), नौवहन एवं हवाई प्रदर्शन, 29 अन्‍य प्रतिभागी नौसेनाओं के साथ प्रस्‍तावित समुद्री अभ्‍यास, सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, खेल आयोजन इत्‍यादि शामिल हैं.

•   इस प्रदर्शनी के 15वें संस्‍करण के दौरान मुख्‍य कार्यक्रम से इतर कई संगोष्ठियों और संवादों का भी आयोजन किया जाएगा.  

आईएनएस कदमत:

•   आईएनएस कदमत (पी 29) एक ऐसा स्‍वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध कॉर्वेट है, जो रडार से भी अपने को बच निकलने में सक्षम है.

•   आईएनएस कदमत को जनवरी 2016 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था.

•   यह पोत अत्‍याधुनिक हथियारों, सेंसरों एवं मशीनरी से लैस है और इसे कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे कि इसे पनडुब्‍बी रोधी हेलिकॉप्‍टर पर भी रखा जा सकता है.

•   यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जो दुश्‍मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है. इसके साथ यह टोरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से भी हमले कर सकती है. साथ ही सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर प्रहार कर सकती है.

मलेशिया एवं भारत का संबंध:

•   मलेशिया एवं भारत समुद्री दृष्टि से पड़ोसी हैं. दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के यहां अपने-अपने पोतों के दौरों के दौरान प्रशिक्षण और सर्वोत्‍तम तौर-तरीकों के आदान-प्रदान से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर आपस में निरंतर सहयोग करती रही हैं.

•   भारत और मलेशिया के बीच के संबंध सदियों पुराने हैं और अब तक के सर्वश्रेष्ठ हैं. दोनों देशों के बीच के संबंध इतिहास, संस्कृति, खान-पान, भाषा और फिल्में को जोड़ते हैं.

•   इस तरह की मैत्रीपूर्ण सहभागिताओं के दौरान रॉयल मलेशियन नेवी (आरएमएन) पोत ‘केडी जैबत’ ने अक्‍टूबर 2018 को कोच्चि में फ्लैग ऑफिसर (समुद्री प्रशिक्षण) के जरिए परिचालनात्‍मक समुद्री प्रशिक्षण प्राप्‍त किया था.

•   इसी तरह आरएमएन ‘केडी लेकिर’ ने फरवरी 2016 में विशाखापत्‍तनम तट से दूर आयोजित की गई अंतर्राष्‍ट्रीय बेड़ा समीक्षा में भाग लिया था.

 

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