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केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 में संशोधन करने का फैसला

केंद्रीय मंत्रि‍मंडल ने 29 दिसंबर 2014 को भूमि अधि‍ग्रहण अधि‍नियम, 2013 में संशोधनों को मंजूरी देकर इसे अध्यादेश के जरिये लागू करने का फैसला किया.

Dec 31, 2014 11:34 IST

केंद्रीय मंत्रि‍मंडल ने 29 दिसंबर 2014 को भूमि अधि‍ग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शि‍ता का अधि‍कार, सुधार तथा पुनर्वास अधि‍नियम, 2013 में कुछ संशोधनों को मंजूरी दे दी और इसे अध्यादेश के जरिये लागू करने का फैसला किया. इस क़ानून को संशोधित करने का फैसला राज्यों के राजस्व मंत्रियों तथा इसे लागू करने वाले महत्वपूर्ण मंत्रालयों के अनेकों सुझाव आने के बाद आया. प्रस्तावित संशोधन किसान कल्याण के साथ-साथ देश की रणनीतिक एवं विकास आवश्यकताओं को शीघ्रता से पूरा करने के उद्देश्य को पूरा करता है.

 


भूमि अधि‍ग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शि‍ता का अधि‍कार, सुधार तथा पुनर्वास अधि‍नियम, (RFCTLARR) 2013 के मुख्य संशोधन में

 

भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 10ए में 5 नए उद्देश्य भी जोडे गए. इसके अंतर्गत राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उत्पादन, ग्रामीण आधार भूत संरचना, सस्ते आवासों के निर्माण, औद्योगिक गलियारे बनाने एवं सार्वजनिक-निजी परियोजनाओं पर सामाजिक उद्देश्य के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने के वास्ते भी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.

सरकार ने 5 क्षेत्रों को भूमि अधिग्रहण की सहमति की शर्तों से छूट दी है. अब 5 क्षेत्रों को सामाजिक प्रभाव आकलन की शर्तों से भी छूट का विकल्प दिया गया और खाद्य सुरक्षा के प्रावधान से भी छूट का विकल्प दिया गया. राहत पाने वाले 5 क्षेत्र हैं-
1. राष्ट्रीय सुरक्षा
2. रक्षा उत्पादन
3. ग्रामीण बुनियादी ढांचे सहित विद्युतीकरण
4. औद्योगिक गलियारे
5. सरकार के स्वामित्व वाली जमीन पर बनने वाली सार्वजनिक-निजी योजनाएं
भूमि अधिग्रहण कानून पर अध्यादेश के तहत 13 कानूनों को जमीन अधिग्रहण कानून की कठोर शर्तों से बाहर किया गया. इन 13 कानून के तहत भूमि अधिग्रहण पर कई शर्तें लागू नहीं होंगी. एसईजेड कानून, इंडियन रेलवे एक्ट, नेशनल हाइवे एक्ट, एटॉमिक एनर्जी एक्ट भी 13 कानून में शामिल हैं. अध्यादेश नहीं आने पर 1 जनवरी, 2015 से ये सभी कानून जमीन अधिग्रहण कानून के दायरे में आने वाले थे.

ये 13 कानून हैं -
1. परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962
2. भारतीय ट्रामवेज अधिनियम, 1886
3. रेल अधिनियम, 1989
4. प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष कानून1958   
5. पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन (भूमि में उपयोगकर्ता के अधिकार अधिग्रहण) अधिनियम, 1962
6. दामोदर घाटी निगम अधिनियम, 1948
7. विद्युत अधिनियम, 2003
8. अचल संपत्ति का अधिग्रहण और पुनराधिग्रहण अधिकार अधिनियम, 1952
9. विस्थापित लोगों के लिए पुनर्वास (भूमि अधिग्रहण) अधिनियम, 1948
10.मेट्रो रेल (निर्माण कार्य) अधिनियम, 1978
11.कोयला क्षेत्र और विकास अधिनियम, 1957
12.राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956
13.भूमि अधिग्रहण (खान) अधिनियम, 1885

पृष्ठभूमि
•    उल्लेखनीय है कि भूमि अधि‍ग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शि‍ता का अधि‍कार, सुधार तथा पुनर्वास अधि‍नियम, 2013 पिछली संप्रग सरकार ने बनाया था जिसके द्वारा सौ साल पुराने कानून जो वर्ष 1894 में बना था को बदला गया था और यह एक जनवरी 2014 से लागू हुआ था.
•    भूमि अधि‍ग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शि‍ता का अधि‍कार, सुधार तथा पुनर्वास अधि‍नियम, 2013 के अंतर्गत सार्वजनिक-निजी योजनाओं के लिए 70 फीसदी सहमति जरूरी थी और निजी क्षेत्र के लिए 80 फीसदी सहमति जरूरी थी.
•    यह कानून किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवज़े का प्रावधान करता है एवं इस बात को भी सुनिश्चित करता है कि किसी की भूमि ज़बरदस्ती अधिग्रहित नहीं की जाएगी
•    भूमि अधि‍ग्रहण में उचित मुआवजा एवं पारदर्शि‍ता का अधि‍कार, सुधार तथा पुनर्वास अधि‍नियम, 2013 में प्रावधान था कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का मूल्य अधिग्रहण के बदले बाज़ार मूल्य से  चार गुना भुगतान किया जाएगा जबकि शहरी क्षेत्र में यह मूल्य बाज़ार मूल्य से दोगुना होना चाहिए.