Search

केंद्र सरकार ने निवेशकों के अधिक अनुकूल बनाने के लिए एनआईसी– 1987 को एनआईसी– 2008 में अपग्रेड किया

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 27 जून 2014 को एनआईसी-1987 को एनआईसी–2008 में अपग्रेड किया.

Jun 30, 2014 17:49 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 27 जून 2014 को नेशनल इंडस्ट्रीयल क्लासिफिकेशन– 1987 (राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण–एनआईसी 1987) को नेशनल इंडस्ट्रीयल क्लासिफिकेशन– 2008 (राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण– 2008) में अपग्रेड किया.

एनआईसी– 2008 में अपग्रेडेशन का यह फैसला, तत्काल प्रभाव से लागू हो गया. पिछले एनआईसी कोड के मुकाबले यह नए व्यापार को सहायता देगा, निवेशकों के अधिक अनुकूल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुताबिक है.

एनआईसी– 2008 एनआईसी 1987 का उन्नत संस्करण है जो अर्थव्यवस्था की संरचना और बनावट में हुए बदलाव, उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल बैठाने के लिए अधिक समकालीन औद्योगिक वर्गीकरण प्रणाली प्रदान करता है. अब तक भारत एनआईसी– 1987 का इस्तेमाल कर रहा था. एनआईसी– 1987 का इस्तेमाल औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग में जमा किए गए औद्योगिक लाइसेंस/ आईईएम प्रस्तावों से जुड़ी गतिविधियों के वर्गीकरण के लिए किया जाता था.

राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण के बारे में

राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी) आर्थिक गतिविधियों के मुताबिक तुलनीय डाटाबेस विकसित करने औऱ उसके रख–रखाव के लिए अनिवार्य सांख्यिकीय मानक है. इस तरह का वर्गीकरण आर्थिक रूप से सक्रिय आबादी,औद्योगिक उत्पादन एवं वितरण के आंकड़ों , श्रम आंकड़ों के विभिन्न क्षेत्रों और राष्ट्रीय आय जैसे अन्य आर्थिक डाटा के लिए किया जाता है.

भारत में, 1960 के बाद से केंद्रीय सांख्यिकी संगठन राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण को अंतिम रूप देता आया है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक वर्गीकरण के मानकीकरण के मुद्दे पर बहुत पहले, 1923 में,  श्रम सांख्यिकीविदों ने पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा की थी.

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS