केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा कोल इंडिया लिमिटेड की 2007-वेतन समीक्षा सिफारिशों को मंजूरी

वेतन समीक्षा घाटे वाली सहायक कंपनियों के विषय में है तथा यह 1 जनवरी 2007 से प्रभावी मानी जाएगी

Created On: Oct 15, 2015 09:45 ISTModified On: Oct 15, 2015 09:50 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2015 को संपन्न केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) द्वारा कार्यान्वित 2007 वेतन समीक्षा के नियमन संबंधी सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की.

यह सिफारिशें सचिवों की समिति ने प्रस्तुत की थीं. वेतन समीक्षा घाटे वाली सहायक कंपनियों के विषय में है तथा यह 1 जनवरी 2007 से प्रभावी मानी जाएगी. सीआईएल को प्राप्त होने वाली यह विशेष छूट केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य उद्यमों पर लागू नहीं होगी.

मंत्रिमंडल ने सीआईएल की सहायक कंपनियों के कार्यकारियों और गैर-संघ वाले निरीक्षकों को कामकाज आधारित वेतन (पीआरपी) के भुगतान को भी मंजूरी प्रदान की. यह भुगतान सीआईएल की सहायक कंपनियों के लाभ के आधार पर निर्मित निधि में से किया जाएगा. इस निधि का गठन नुकसान में चलने वाली सहायक कंपनियों के संदर्भ में किया गया है. पीआरपी भुगतान के लिए यह शर्त रखी गई है कि इसे वार्षिक संदर्भ में रखा जाएगा तथा आगामी वर्षों में खाते को दर्ज करने का प्रावधान नहीं होगा.

पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने सितंबर 1975 में सीआईएल को होल्डिंग कंपनी के रूप में गठित किया था. सीआईएल के सभी कार्यकारियों और उसकी आठ सहायक कंपनियों में भर्ती/नियुक्ति, तैनाती, एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्थानांतरण और अन्य कार्मिक संबंधी मुद्दे होल्डिंग कंपनी सीआईएल द्वारा देखे जाते हैं. सीआईएल और उसकी सहायक कंपनियों के सभी कार्यकारियों की नियुक्ति एक साझा केन्द्रीय संवर्ग द्वारा की जाती है तथा वे सभी कर्मचारी सीआईएल के कर्मचारी माने जाते हैं.

Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1  Current Affairs App

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Post Comment

9 + 0 =
Post

Comments