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ग्लोबल फाइनैंशल इंटीग्रिटी ने ग्लोबल इल्लिसिट फाइनैंशल फ्लोज रिपोर्ट 2014 जारी की

ग्लोबल फाइनैंशल इंटीग्रिटी (जीएफआई) ने 15 दिसंबर 2014 को ग्लोबल इल्लिसिट फाइनैंशल फ्लोज रिपोर्ट 2014 जारी की.

Dec 17, 2014 17:10 IST
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ग्लोबल फाइनैंशल इंटीग्रिटी (जीएफआई) ने 15 दिसंबर 2014 को ग्लोबल इल्लिसिट फाइनैंशल फ्लोज रिपोर्ट 2014 जारी की. इसका शीर्षक था इल्लिसिट फाइनैंशल फ्लोज फ्रॉम द डेवलपिंग वर्ल्डः 2003– 2012.

रिपोर्ट ने पाया कि विकासशील दुनिया ने 2003– 2012 के दौरान अनुचित वित्तीय प्रवाह पर 6.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर गंवाए हैं.

रिपोर्ट की मुख्य बातें
अनुचित प्रवाह 9.4 प्रतिशत प्रति वर्ष की औसत दर से चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है. साल 2012 में 991.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अवैध प्रवाह विकासशील एवं उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं से हुआ. अवैध पूंजी प्रवाह मूल रूप से अपराध, भ्रष्टाचार, कर चोरी और अन्य अवैध गतिविधियों से पैदा होता है.

सबसे अधिक अवैध वित्तीय प्रावह, 40.3 फीसदी के साथ एशिया विकासशील दुनिया का क्षेत्र बना हुआ है. इसके बाद विकासशील यूरोप – 21.0 फीसदी, पश्चिम गोलार्ध– 19.9 फीसदी, एमईएनए (मध्य पूर्व एवं उत्तर अफ्रीका) – 10.8 फीसदी और उप– सहारा अफ्रीका– 8.0 फीसदी का स्थान है.

साल 2003– 2012 के दौरान 24.2 फीसदी सालाना की दर पर अवैध प्रवाह में सबसे अधिक प्रतिशत बढ़ोतरी एमईएनए क्षेत्र में दर्ज की गई. इसके बाद 13.2 प्रतिशत के साथ उप– सहार अफ्रीका का स्थान है. विकासशील यूरोप– 9.8 फीसदी, एशिया– 9.5 फीसदी, और पश्चिमी गोलार्ध 3.5फीसदी का स्थान है.

पिछले दस वर्षों में औसतन सबसे अधिक अवैध पूंजी के निर्यातकों में हैं– चीन, रूस, मैक्सिको, भारत और मलेशिया.

सबसे अधिक औसत वार्षिक अवैध प्रवाह (2003– 2012) के संदर्भ में शीर्ष 10 देश

रैंक देश
1. चीन
2. रुसी संघ
3. मैक्सिको
4. भारत
5. मलेशिया
6. साऊदी अरब
7. ब्राज़ील
8. इंडोनेशिया
9. थाईलैंड
10. नाइजीरिया

वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अस्पष्टता को रोकने के लिए सिफारिशें
जीएफआई ने विश्व के नेताओं को वैश्विक वित्तीय प्रणाली जिसमें टैक्स हेवन सीक्रेसी, गुमनान कंपनियों एवं मनी लॉन्ड्रिंग तकनीक हैं जो इन अवैध प्रवाह में सहायता करते हैं, में अस्पष्टता को रोकने पर ध्यान देने की सिफारिश की है.

इसकी सिफारिशें हैं–
• सरकारों को सभी वैध निकायों पर सार्थक लाभकारी स्वामित्व जानकारी के सार्वजनिक रजिस्ट्रियों की स्थापना करनी चाहिए.
• सरकारी अधिकारियों को फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के एंटी– मनी लॉन्ड्रिंग सिफारिशों को पूरी तरह से अपनाना और क्रियान्वित करना चाहिए.
• टैक्स हेवन ज्यूरिडिक्शंस में शामिल व्यापार लेनदेन को सीमा शुल्क, कर एवं कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा जांच के उच्चतम स्तर पर देखा जाना चाहिए.
• सरकारों को अपने सीमा शुल्क प्रवर्तन को जानबूझ कर व्यापार लेनदेन में किए जाने वाले चालान प्रक्रिया का पता लगाने के लिए अपने अधिकारियों को प्रशिक्षित करना चाहिए.
• सभी देशों को अपने राजस्व, लाभ, हानि, बिक्री, दिए गए कर, सहायक कंपनियों और स्टाफ स्तर का सार्वजनिक रूप से खुलासा देश आधार पर कर परिहार प्रथाओं को भयभीत करने के साधन के तौर पर करना चाहिए.