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चक्रवाती तूफान अशोबा

चक्रवाती तूफान अशोबा 8 जून 2015 को उस समय सुर्खियों में आया, जब अरब सागर में उत्पन्न हुए बहुत कम दबाव के क्षेत्र ने चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया.

Jun 10, 2015 15:03 IST

अशोबा: पूर्व मध्य अरब सागर के ऊपर चक्रवाती तूफान

चक्रवाती तूफान अशोबा 8 जून 2015 को उस समय सुर्खियों में आया जब अरब सागर में उत्पन्न हुए बहुत कम दबाव के क्षेत्र ने चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया.
चक्रवात का केंद्र 17.9 डिग्री उत्तर और 67.2 डिग्री पर मुंबई से करीब 590 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, गुजरात के वेरावल से 470 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम और ओमान के मसीरा द्वीप से 960 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व पर बना हुआ है.

अशोबा भारतीय समुद्र में मानसून के मौसम के पहले उत्पन्न हुआ एक उष्णकटिबंधीय तूफान है, जो चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हो गया.
भारत में मौसम की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी स्काईमेट मौसम विज्ञान प्रभाग के अनुसार, तूफान के प्रभाव के कारण तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा और दक्षिणी गुजरात के अधिकांश इलाकों में भारी वर्षा के होने की संभावना है. 70-120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की भी संभावना है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) दबाव’ और ‘गहरे दबाव’ के अनुसार चक्रवातों को विभिन्न श्रेणियों में बांटता है.


चक्रवाती तूफान का नामकरण

अरब सागर में उत्पन्न हुए चक्रवात अशोबा का नाम श्रीलंका ने सुझाया था. ऐसे चक्रवाती तूफानों का नाम मौसम विज्ञानी अपनी सुविधा के लिए रखते हैं.
हर देश बारी-बारी से तूफान का नाम रखता है. इस बार श्रीलंका ने इस चक्रवाती तूफान का नाम अशोबा नाम रखा. पिछली बार पाकिस्तान ने चक्रवाती तूफान का नाम नीलोफर दिया था.

वर्ष 2004 से हिंद महासागर में आने वाले तूफानों के नाम बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड नाम दे रहे हैं. अशोबा के बाद जो भी चक्रवाती तूफान इस क्षेत्र में आएगा, उसका नाम कोमन होगा. यह नाम थाईलैंड ने दिया.

अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में उठने वाले इन उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के नाम वर्ष 2000 से 2004 के दौरान विश्व मौसम विज्ञान संस्थान (डब्ल्यूएमओ) और इकोनोमिक एंड सोशल कमिशन फॉर एशिया एंड पैसिफिक (इस्कैप) के सदस्य देशों की ओर से चयनित किए गए. इन देशों में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका व थाइलैण्ड शामिल हैं.