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चौथे भारत-आसियान वार्ता का विषय-भारत और आसियान: शांति, प्रगति और स्थिरता में भागीदार

International/World Current Affairs 2012. दिल्ली वार्ता का चौथा दौर (चौथा भारत-आसियान वार्ता) भारत की राजधानी नई दिल्ली में 13-14 फरवरी 2012 को संपन्न हो गया

Feb 21, 2012 16:33 IST
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दिल्ली वार्ता का चौथा दौर (चौथा भारत-आसियान वार्ता) भारत की राजधानी नई दिल्ली में 13-14 फरवरी 2012 को संपन्न हो गया. वर्ष 2012 के भारत-आसियान वार्ता का विषय रहा-भारत और आसियान: शांति, प्रगति और स्थिरता में भागीदार. इसका उद्घाटन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और समापन पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम ने किया. दो दिन के इस कार्यक्रम में सभी दस आसियान देशों ने या तो अपने प्रतिनिधिमंडल भेजे या वक्ताओं के रूप में भाग लिया.

इस कार्यक्रम को चार हिस्सों आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, गैरपरम्परागत सुरक्षा की धमकियों तथा ज्ञान और विज्ञान में बांटा गया. इस वार्ता में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई. भारत ने आसियान क्षेत्र में समृद्धि की संभावनाओं में वृद्धि के लिए भारत और आसियान को मिलकर काम करने की बात कही. भारत और आसियान को मेकांग-भारत आर्थिक गलियारा जैसे रास्तों के निर्माण से आपसी संपर्क सुविधाओं में विस्तार करना होगा. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों में दोनों पक्षों को इस क्षेत्र को विकास के क्षेत्र के रूप में सुरक्षित बनाने पर बल दिया.

इस वार्ता की शुरुआत वर्ष 2009 में आसियान क्षेत्र के साथ भारत के व्यापक सहयोग के लिए हुई थी. वर्ष 2012 में भारत आसियान संवाद भागीदारी को जहां दो दशक पूरे हो गए. वहीं दोनों के बीच कायम शिखर स्तर भागीदारी के दस वर्ष भी पूरे हुए. दो दशकों के साथ सामाजिक, आर्थिक, संबंधों के साथ सुरक्षा वार्ता को भी नये आयाम दिए. दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय मंचों पर एक जुटता दिखाई.