पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 21वीं बैठक आयोजित

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से नियमित तौर पर राज्यों से संवाद स्थापित करने से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में सहायता मिलती है

Created On: Sep 30, 2015 15:06 ISTModified On: Sep 30, 2015 15:56 IST

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 21वीं बैठक 29 सितंबर 2015 को पणजी में आयोजित की गयी. केंद्रीय गृह मंत्री ने इस बैठक की अध्यक्षता की.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से नियमित तौर पर राज्यों से संवाद स्थापित करने से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने में सहायता मिलती है.

मई 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से क्षेत्रीय परिषद की यह चौथी बैठक है. स्लम बस्तियों की देखरेख, नागरिक एवं सामाजिक सुविधाओं की उपलब्धता एवं सबके लिए आवास संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गयी.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने क्षेत्रीय परिषदों की पूर्व बैठकों की बातों को रेखांकित किया तथा इस बैठक के फलदायी होने की आशा व्यक्त की. पश्चिम क्षेत्र भारत का आर्थिक केंद्र है, इस क्षेत्र में गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा जैसे कुछ विकसित राज्य आते हैं. बैठक में गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर ने भी भाग लिया.

दमनगंगा एवं कोलक नदियों में बढ़ता प्रदूषण गुजरात सरकार तथा दमन एवं दीव संघ क्षेत्र के बीच गंभीर मुद्दा रहा है, जिस पर इस बैठक में चर्चा की गयी तथा इसका जल्द से जल्द हल तलाशने की इच्छा व्यक्त की गयी.


परिषद में चर्चा के लिए सीआरजेड (कोस्टल रेगुलेशन जोन) की अधिसूचना-2011 के कुछ प्रावधानों में नरमी लाने के लिए भी चर्चा की गयी. इसमें आवास और निर्माण गतिविधियों के लिए पर्यावरण विभाग से मंजूरी लेने के लिए लंबी प्रक्रिया के कारण तटीय क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं में हो रही देरी पर भी चर्चा की गयी.

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक महाराष्ट्र स्थित मुंबई में आयोजित की जाएगी.

पृष्ठभूमि

क्षेत्रीय परिषद के निर्माण की योजना प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु द्वारा वर्ष 1956 में प्रस्तुत किया गया था.

नेहरु के विचारों पर आधारित, राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के भाग-3 में पांच क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया. इनमें उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी तथा मध्य क्षेत्र की परिषद् बनाई गयीं. इसके अतिरिक्त, उत्तर-पूर्वी राज्य परिषद् का गठन उत्तर-पूर्वी परिषद् एक्ट, 1972 के तहत किया गया.

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद् में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली क्षेत्र शामिल हैं.

 

Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1  Current Affairs App

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Post Comment

3 + 5 =
Post

Comments