Search

भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान लापता: जाने विमान की खासियत

विमान के गायब होने के बाद वायुसेना ने इसे खोजने के लिए सर्च अभियान चलाया था, लेकिन अब-तक इस विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. इस अभियान में वायुसेना के साथ थल सेना भी जुट गई है.

Jun 4, 2019 14:18 IST

भारतीय वायुसेना का एएन 32 (AN-32) विमान अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास स्थित मेचुका एयरबेस से पिछले कुछ घंटे से लापता है. इस विमान से आखिरी बार ग्राउंड स्टाफ ने 03 जून 2019 को दोपहर लगभग एक बजे संपर्क हुआ था. विमान के गायब होने के बाद वायुसेना ने इसे खोजने के लिए सर्च अभियान चलाया था, लेकिन अब-तक इस विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.

इस अभियान में वायुसेना के साथ थल सेना भी जुट गई है. स्थल के संभावित स्थान की कुछ जानकारी प्राप्त हुई है. हालांकि, अभी तक किसी मलबे को नहीं देखा गया है. भारतीय वायुसेना ने विमान का पता लगाने के लिए सी-130जे, सी 130 हरक्यूलिस, सुखोई एसयू-30 लड़ाकू विमान को लगाया है. इसके अतिरिक्त मैदान में तैनात भारतीय सेना के जवान भी इसकी खोज में जुटे हुए हैं.

विमान ने असम के जोरहाट से अरुणाचल के मेनचुका के लिए उड़ान भरी थी. उसमें करीब 13 लोग सवार हैं. विश्व के दस देशों में 240 से अधिक एएन-32 विमान संचालित किए जा रहे हैं. भारत में 105 विमान अभी सेवा में हैं.

साल 1980 में एएन 32 वायुसेना में शामिल:

भारतीय वायुसेना में एएन-32 बड़ी संख्या में इस्तेमाल होती है. वायुसेना में इसे साल 1980 में शामिल किया गया था. इसे समय-समय पर अपग्रेड किया जाता रहा है. वायुसेना इन विमानों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कम और मध्यम हवाई दूरी हेतु सैन्य साजो सामान पहुंचाने, आपदा के समय और जवानों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए करती है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख से विमान की जानकारी ली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख से बात कर लापता विमान के बारे में जानकारी ली है. उन्होंने इस घटना को लेकर ट्वीट किया. उन्होंने लापता विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना की तरफ से उठाए गए कदमों की मुझे जानकारी दी.

इससे पहले भी एएन 32 (AN-32) विमान लापता:

इससे पहले जुलाई 2016 में, भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान 29 लोगों के साथ बंगाल की खाड़ी से लापता हो गया था. इस विमान ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए चेन्नई के एक एयरबेस से उड़ान भरी थी. इस विमान का उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद रडार से संपर्क टूट गया था. भारतीय वायुसेना ने इस विमान के लापता होने के बाद अबतक का सबसे लंबा खोजी अभियान चलाया था, जो लगभग एक माह तक चला था. इसके बाद भी विमान के बारे में कुछ पता नहीं चल सका था.

आर्टिकल अच्छा लगा? तो वीडियो भी जरुर देखें!

वायुसेना के मुताबिक, एएन-32 विमान साल 2009 में मेनचुका से 30 किमी दूर पश्चिमी सियांग जिले में हेयो गांव के पास रिंची हिल्स इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में करीब 19 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई थी.

यह विमान पहली बार 25 मार्च 1986 को हिंद महासागर के ऊपर से गायब हुआ था. तब यह विमान सोवियत यूनियन से ओमान के रास्ते होते हुए भारत आ रहा था. इसमें करीब तीन क्रू मेंबर और चार यात्री सवार थे. तब इस विमान और उन लोगों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया था.

एएन 32 (AN-32) विमान के बारे में:

एएन-32 विमान रूस में निर्मित वायुयान है और वायुसेना बड़ी संख्या में इन विमानों का इस्तेमाल करती है. यह दो इंजन वाला ट्रर्बोप्रॉप परिवहन विमान है. यह विमान गर्मी और कठिन स्थितियों में अपनी बेहतरीन उड़ान भरने की क्षमता और सैन्य परिवहन के रूप में उपयोग होने वाले विमान के रूप में जाना जाता है. दो इंजन वाले इस विमान का इस्तेमाल मुख्य रूप से माल परिवहन, स्काइड्राइवर, पैराट्रुारों सहित यात्रियों को लाने ले जाने और युद्ध में भी किया जाता है.

यह भी पढ़ें: भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान को जेट्रोफा बायो-फ्यूल उपयोग करने की मंजूरी दी गई

Download our Current Affairs & GK app from Play Store