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भारत और सिंगापुर के बीच ‘बोल्ड कुरुक्षेत्र’ युद्ध अभ्यास का समापन

भारतीय सैन्य और सिंगापुर सशस्त्र बलों के बीच मौजूदा रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए 29 नवंबर 2017 को संशोधित रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुआ था.

Apr 13, 2019 11:59 IST

भारत और सिंगापुर के बीच 12वां संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास ‘बोल्‍ड कुरूक्षेत्र-2019’ 11 अप्रैल 2019 को सम्‍पन्‍न हुआ. समापन समारोह झांसी के बबीना मिलिट्री स्‍टेशन में आयोजित किया गया था.

चार दिवसीय सैन्‍य अभ्‍यास यांत्रिक युद्ध में परस्‍पर व संयुक्‍त रणनीतिक युद्ध अभ्‍यास को विकसित करने पर केन्द्रित था. सैन्‍य दलों को एक-दूसरे के संगठनों तथा सर्वोत्‍तम अभ्‍यासों के बारे में जानकारी प्राप्‍त हुई.

इस युद्ध अभ्यास में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर्नल एस.पी. सिंह और सिंगापुर के दल का प्रतिनिधित्व लेफ्टिनेंट कर्नल टोंग चोंग कियात किये.

उद्देश्य:

इस युद्ध अभ्यास का आयोजन दोनों देशों के बीच सैन्य टेक्नोलॉजी, समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया गया. इस युद्ध अभ्यास के द्वारा दोनों देश आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई को और भी मजबूती देंगे.

मुख्य बिंदु:

•   इस अवसर पर सैन्य परंपराओं के अनुरूप आयोजित परेड की कमान दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य अधिकारियों ने किया.

•   भारतीय सैन्य और सिंगापुर सशस्त्र बलों के बीच मौजूदा रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए 29 नवंबर 2017 को संशोधित रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुआ था.

•   इसी समझौते के तहत सिंगापुर की सेना भारतीय सेना के साथ मिलकर प्रशिक्षण और फायरिंग अभ्यास की.

•   भारत और सिंगापुर ने साल 2003 में सैन्य सहयोग बढ़ाने, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण आयोजित करने, सैन्य प्रौद्योगिकी विकसित करने व समुद्री सुरक्षा हासिल करने पर एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं.

•   दोनों देशों ने संयुक्त रूप से आतंकवाद से लड़ने में अपने सहयोग का विस्तार किया है.

भारत-सिंगापुर संबंध:

भारत-सिंगापुर का लम्बे समय से सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और रणनीतिक संबंध है. भारत गणराज्य और सिंगापुर गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंध परंपरागत रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण रहे हैं. भारत और सिंगापुर ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) और सामरिक संबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण बलों, संयुक्त नौसेना अभ्यास, सैन्य प्रौद्योगिकी विकसित करने और आतंकवाद से लड़ने पर द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार किया है.

सिंगापुर भारत में निवेश का 8वां सबसे बड़ा स्रोत है और आसियान सदस्य राष्ट्रों में सबसे बड़ा है. भारत और सिंगापुर के बीच राजनयिक संबंध 24 अगस्त 1965 को स्थापित हुए. भारत और सिंगापुर लंबे समय से सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और सामरिक संबंध साझा करते हैं. सिंगापुर ने साल 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध और कश्मीर संघर्ष के खिलाफ भारत का समर्थन किया था.

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