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भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को मनाया गया

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (नेशनल सांइस डे) प्रति वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है.

Feb 29, 2016 12:06 IST

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: 28 फ़रवरी
भारत में 28 फरवरी 2016 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय राष्ट्र के  विकास में वैज्ञानिक तथ्य रहा. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (नेशनल सांइस डे) प्रति वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है. रमन प्रभाव (फोटॉनों के बिखरने की घटना) की खोज 28 फरवरी को ही महान वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वैंकट रमन ने 1928 में की थी.

इसी उपलक्ष्य में यह दिन सांइस डे के तौर पर मनाया जाता है. इस खोज के लिए सर रमन को 1930 में भौतिकी में नोबल पुरस्कार भी मिला था. यह विज्ञान के क्षेत्र में भारत को यह पहला नॉबेल पुरस्कार मिला.

  • रमन को उनकी खोज के लिए 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.विज्ञान के क्षेत्र में भारत के लिए यह पहला नोबेल पुरस्कार था.
  • 1986 में राष्ट्रीय परिषद विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार (एनसीएसटीसी) ने केंद्र सरकार से 28 फ़रवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित करने का सुझाव दिया था. एनसीएसटीसी का यह प्रस्ताव सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया और 1986 में ही 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित कर दिया गया.
  • पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फ़रवरी 1987 को मनाया गया.

रमन प्रभाव क्या है?

 

  • रमन प्रभाव या रमन बिखरने एक घटना है, जब किसी प्रकाश किरण से एक धूल कण टकराता है. जिसमें किसी प्रकाश किरण को जब अणुओं से हटाया जाता है तो प्रकाश की तरंग दैर्ध्य में परिवर्तन हो जाता है.
  • रमन प्रभाव के अनुसार प्रकाश की प्रकृति और स्वभाव में तब परिवर्तन होता है, जब वह किसी पारदर्शी माध्यम से निकलता है. यह माध्यम ठोस, द्रव और गैसीय, कुछ भी हो सकता है.
  • फोटोन की ऊर्जा या प्रकाश की प्रकृति में होने वाले अतिसूक्ष्म परिवर्तनों से माध्यम की आंतरिक अणु संरचना का पता लगाया जा सकता है. रमन प्रभाव रासायनिक यौगिकों की आंतरिक संरचना समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है.
  • इस बिखरे हुए प्रकाश की तरंग दैर्ध्य अधिकांश अपरिवर्तित है, लेकिन तरंग दैर्ध्य घटना उस प्रकाश से अलग है. इसकी उपस्थिति रमन प्रभाव का परिणाम है.
  • इंडियन एसोशिएसन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस कोलकाता की प्रयोगशाला में काम करते हुए  सीवी रमन द्वारा इसकी खोज की गयी थी.
  • शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 10 नवंबर को दुनिया भर में मनाया जाता है.
  • यूनेस्को द्वारा 2001 में इस दिन को मान्यता दी गयी. इसका उद्देश्य जनता के बीच विज्ञान का व्यापक प्रसार करना है. जिससे मनुष्य के आम जन जीवन में विज्ञान की उपयोगिता बढ़ सके और मानव के दैनिक जीवन में यह प्रासंगिक बन सके और संबंधित मुद्दों पर प्रयोग किया जा सके.