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मध्यप्रदेश का वार्षिक बजट 2012-13 वित्तमंत्री राघवजी द्वारा राज्य विधानसभा में पेश

India Current Affairs 2012.  मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री राघवजी ने राज्य के विधानसभा में वित्तवर्ष 2012-13 का वार्षिक बजट 28 फरवरी 2012 को प्रस्तुत...

Mar 1, 2012 11:33 IST
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मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री राघवजी ने राज्य के विधानसभा में वित्तवर्ष 2012-13 का वार्षिक बजट 28 फरवरी 2012 को प्रस्तुत किया. यह उनके द्वारा पेश किया जाने वाला नौवां वार्षिक बजट है. इसी के साथ मध्यप्रदेश लगातार आठवें वर्ष राजस्व अधिशेष बजट प्रस्तुत करने वाला राज्य बन गया. मध्यप्रदेश के वित्तवर्ष 2012-13 के वार्षिक बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया. बजट के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित है.

• वित्तवर्ष 2012-13 के बजट में कुल प्राप्तियां 80000.24 करोड़ रुपए और कुल व्यय 80030.98 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया. 
• वित्तवर्ष 2012-13 में राजकोषीय घाटा 10017 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.98 प्रतिशत होगा, यह राजकोषीय घाटे की केंद्र द्वारा तय सीमा के भीतर है.
• वित्तवर्ष 2012-13 की अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 69913करोड़ रुपए है, जिनमें राज्य के स्वयं के कर की राशि 28311 करोड़ रुपए केन्द्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 21604 करोड़ रुपए, करेत्तर राजस्व 7326 करोड़ एवं केंद्र से प्राप्त अनुदान 12670 करोड़ रुपए शामिल है.
• वित्तवर्ष 2012-13 में वित्तवर्ष 2011-12 के राज्य के स्वयं के कर राजस्व के बजट अनुमानों से 22.47%की वृद्धि अनुमानित है.
• वित्तवर्ष 2012-13 में राजस्व व्यय 63543करोड़ रुपए अनुमानित है जो वर्ष 2011-12के बजट अनुमान से 53923  करोड़ रुपए से 9620.01 करोड़ रुपए अधिक है.
• वित्तवर्ष 2011-12 के बजट आयोजन व्यय 25578 के विरुद्ध वित्तवर्ष 2012-13 में कुल आयोजना व्यय 31743 करोड़ रुपए प्रावधानित है. जो वर्ष 2011-12 से 24.10 प्रतिशत अधिक है.
• आदिवासी उपयोजनाके अंतर्गत वर्ष 2012-13 के बजट अनुमान 4878 करोड़ रुपए से बढ़कर 6109 करोड़ रुपए प्रावधानित है. जो वर्ष 2011-12 से 25.23 प्रतिशत अधिक है. 
• अनुसूचितजाति उपयोजना के अंतर्गत वर्ष 2012-13 के बजट अनुमान 3353 करोड़ रुपए से बढ़कर 4241 करोड़ रुपए प्रावधानित है. जो वर्ष 2011-12 से 26.45 प्रतिशत अधिक है.
• सकल राज्य घरेलू उत्पाद से राजकोषीय घाटे का अनुपात 2.98 प्रतिशत.
• सकल राज्य घरेलू उत्पाद से राजस्व आधिक्य का अनुपात 1.89 प्रतिशत.
• ब्याज भुगतान का राजस्व प्राप्तियों से प्रतिशत 8.98.
• बजट में ड्रिप सिंचाई में काम आने वाले पाइप और प्लास्टिक से सामानों, सभी प्रकार के सीएफएल, एलईडी, बल्ब और ट्यूब, पीसीसी पोल्स, वयस्कों के डायपर, सेनटरी नैपकिन, फोटोग्राफी पेपर एलयुमिनियम सर्कल्स एवं सीट पर मूल्य वर्धित कर दर को 13 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया.
• मध्यप्रदेश सरकार ने बजट में पेट्रोल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) 28.75 प्रतिशत से घटाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया. इससे यहां पेट्रोल का दाम डेढ़ रुपए लीटर तक कम होगा.
• किसानों के हित में अलग से कृषि कैबिनेट का गठन.
• कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए इस बार बजट में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के लिए कृषि बजट का पृथक उल्लेख किया गया है.
• कृषि के साथ सरकार ने उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, मछलीपालन, सहकारिता, जल संसाधन, नर्मदा घाटी, ऊर्जा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास जैसे विभागों को जोड़ा है.
• बिजली क्षेत्र के लिए 7710 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो वित्तवर्ष 2011-12 की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक है.
• वित्तवर्ष 2012-13 के बजट में सड़कों के लिए 53 प्रतिशत अधिक 4694 करोड़ रुपए, पेयजल पर 1449 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य पर 36 प्रतिशत अधिक 3596 करोड़ रुपए, शिक्षा पर 18 प्रतिशत अधिक 12119 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
• सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के लिए भी इस बजट में राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के  महंगाई भत्ते को केन्द्र के समान कर दी. 
• सिंचाई के लिए 2910 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो विगत वर्ष से 25 प्रतिशत अधिक है.
• गेंहू पर सौ रुपए और धान पर 50 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस, एक प्रतिशत पर किसानों को अल्पकालीन ऋण, मत्स्य पालन के लिए 27 करोड़ रुपए, मछुआरों के लिए सहायता तथा स्प्रिंकलर जैसी वस्तुएं सस्ती करने का प्रावधान किया गया है.
• अनुसूचित जाति तथा जनजाति के कृषकों को पांच हार्सपावर तक के पंप को मुफ्त बिजली देने के प्रावधान किया गया.
• स्वास्थ्य सेवाओं पर उन्होंने 36 प्रतिशत और शिक्षा पर 18 प्रतिशत बजट बढ़ाकर इन क्षेत्रों के महत्व को ही पुन: स्वीकार किया.
• गेहूं एवं मक्का पर अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय बोरलाग इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशिया की सहायता से जबलपुर में अंतरराष्ट्रीय संस्थान की स्थापना.
• इस बार पुलिसकर्मियों को 10 हजार आवास बनाने और कानून व्यवस्था के लिए 421 करोड़ रुपए का बजट बढ़ाकर प्रदेश की शांति व्यवस्था पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
• प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 48 प्रतिशत बजट बढ़ाकर 650 करोड़ रुपए किया गया.
• प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों के संकट को भी पहचानकर उनके लिए 4650 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है.
• पुलिस विभाग में 6255 नई भर्तियों से बेरोजगारों में आशा जगाने के साथ कुछ और योजनाएं भी शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों के लिए लागू करने का प्रयत्न बजट में किया गया है.