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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने ब्रिटेन के पूर्व न्यायाधीश बर्नार्ड रिक्स को अपना मध्यस्थ नामित किया

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने ब्रिटेन के पूर्व न्यायाधीश बर्नार्ड रिक्स को केजी-डी 6 की लागत वसूली के विवाद के मामले में अपना मध्यस्थ नामित किया.

Dec 17, 2014 10:44 IST
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने भारत सरकार के साथ केजी-डी 6 की लागत वसूली के विवाद के मामले में ब्रिटेन के पूर्व न्यायाधीश बर्नार्ड रिक्स (Bernard Rix) को अपना मध्यस्थ 11 दिसंबर 2014 को नामित किया. न्यायाधीश बर्नार्ड रिक्स ने भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसपी भरुचा का स्थान लिया. न्यायमूर्ति एसपी भरुचा ने इस मामले से अपने को अलग कर लिया था.

बर्नार्ड रिक्स तीन सदस्यीय पंचाट समिति के साथ बैठेंगे. इस समिति के प्रमुख ऑस्ट्रेलिया उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माइकल किर्बी हैं, जिनकी नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तटस्थ पंच के रुप में की गई है.
 
भारत सरकार की ओर से मध्यस्थ भारत  के पूर्व प्रधान न्यायाधीश वीएन खरे हैं.

 भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसपी भरुचा द्वारा दिसंबर 2014 के पहले सप्ताह में मामला छोड़ने के बाद उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने बर्नार्ड रिक्स के नाम का सुझाव दिया.

सरकार ने एस पी  भरुचा की मध्यस्थता पर आपत्ति व्यक्त की थी क्यूंकि उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ अपने पिछले सभी संबंधों का खुलासा नहीं किया था और सरकार ने यह कह कर उनकी  मध्यस्थता का विरोध किया था कि उनकी उपस्थिति मामले की स्वतंत्रता और निष्पक्षता में संदेह पैदा कर सकती है.
 
रिक्स ब्रिटेन की अपीलीय अदालत के लार्ड जस्टिस के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. उनके पास वाणिज्यिक व अपीलीय अदालत का 20 साल का अनुभव है.

तीन सदस्यीय पंचाट समिति के कार्य
यह समिति इस बात का निर्णय करेगी कि क्या कृष्णा गोदावरी थोले की अपतटीय केजी-डी6 गैस परियोजना में सरकार द्वारा निर्धारित  उत्पादन के लक्ष्य से कम उत्पादन रहने के कारण कंपनी को परियोजना के विकास पर 2.3 अरब डालर के खर्च की उत्पादन से निकासी करने की अनुमति नहीं देना सही है.

 

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