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रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 जुलाई 2010 को अल्पावधि ऋण देने की दर यानी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जिससे यह 5.75 प्रतिशत हो गई. साथ ही अल्पावधि ऋण लेने की दर यानी रिवर्स रेपो रेट को भी 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत कर दिया. 

Oct 15, 2010 12:22 IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 जुलाई 2010 को अल्पावधि ऋण देने की दर यानी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जिससे यह 5.75 प्रतिशत हो गई. साथ ही अल्पावधि ऋण लेने की दर यानी रिवर्स रेपो रेट को भी 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत कर दिया. जबकि नकद आरक्षी अनुपात (CRR – Cash Reserve Ratio) और बैंक दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया जो 6 प्रतिशत है. रिजर्व बैंक ने वर्ष 2010-11 में आर्थिक विकास दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया. इससे पहले रिजर्व बैंक ने 8 प्रतिशत विकास दर का अनुमान लगाया था.


रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष 2010-11 के अंत में मुद्रास्फीति की पूर्व अनुमानित दर 5.5 प्रतिशत की बजाय 6 प्रतिशत रहने का भी अनुमान लगाया. रिजर्व बैंक ने मध्य तिमाही समीक्षा की नई व्यवस्था शुरू करने का भी निर्णय लिया. ऐसी पहली समीक्षा 16 सितम्बर 2010 को की जानी है.


जनवरी 2010 में अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा करने के रिजर्व बैंक के निर्णय के बाद से चौथी बार बैंक ने इन दरों में बढ़ोतरी की है. पहली वृद्धि 19 मार्च, दूसरी 20 अप्रैल और तीसरी 2 जुलाई को की गई थी.



      तिथि                                         रेपो रेट 
                                 रिवर्स रेपो रेट
27 जुलाई 2010                5.5 प्रतिशत से 5.75 प्रतिशत            4.0 प्रतिशत से 4.5 प्रतिशत
2 जुलाई 2010                  5.25 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत            3.75 प्रतिशत से 4.0 प्रतिशत
20 अप्रैल 2010                 5.0 प्रतिशत से 5.25 प्रतिशत            3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत
19 मार्च 2010                  4.75 प्रतिशत से 5.0 प्रतिशत             3.25 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत