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लेंस मुक्त एक चिप वाला माइक्रोस्कोप विकसित किया गया

शोधकर्ताओं ने लेंस मुक्त एकचिप वाला माइक्रोस्कोप विकसित किया है जिसका प्रयोग पैथलॉजी नमूनों की जांच हेतु किया जा सकता है.

Dec 20, 2014 15:47 IST

शोधकर्ताओं ने लेंस मुक्त एकचिप वाला माइक्रोस्कोप विकसित किया है जिसका प्रयोग पैथलॉजी नमूनों के व्यापक क्षेत्र कंप्यूटेशनल इमेजिंग में किया जा सकता है. यह अध्ययन 17 दिसंबर 2014 को साइंस ट्रांस्लेशनल मेडिसीन नाम के जरनल में प्रकाशित हुआ था.

यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं बायो इंजीनियरिंग के प्रोफेसर आयडोगन ओजकन वाली शोधकर्ताओं के दल ने किया था.

लेंस मुक्त एक चिप वाला माइक्रोस्कोप कम लागत वाला और कैंसर की उपस्थिति का पता लगाने के लिए ऊतक, रक्त और अन्य जैव चिकित्सा नमूनों की आम परीक्षाओं को करने वाला अधिक पोर्टेबल तकनीक साबित हो सकता है.

यह तरीका सूदूर इलाकों और जहां बड़ी संख्या में नमूनों की जांच जल्द करने की जरूरत हो, वहां, के लिए लाभकारी हो सकता है.
 
लेंस मुक्त एक चिप वाला माइक्रोस्कोप
• लेंस मुक्त एक–चिप वाला माइक्रोस्कोप का प्रयोग बीमारी का अध्ययन करने के लिए हाइ–थ्रूपुट 3D ऊतक छवि बनाने में किया जा सकता है.
• यह उपकरण स्लाइड पर रखे और उपकरण में डाले गए ऊतक या खून के नमूने की जांच के लिए एक लेजर या प्रकाश– उत्सर्जक डायोड का प्रयोग करता है.
• माइक्रोचिप का संवेदक सरणी (सेंसर ऐरे) नमूना द्वारा बनाई गई छवि को कैप्चर एवं रिकॉर्ड करती है.
• माइक्रोस्कोप द्वारा उत्पादित व्यापक क्षेत्र लेंस मुक्त छवियों में नैदानिक मूल्यांकन के लिए पर्याप्त छवि रेजलूशन होता है.

अध्ययन प्रक्रिया
टीम ने उपकरण का परीक्षण पापानीकोलाउ स्मीयरों, मानव स्तन खंड जिसने गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का संकेत दिया, कैंसर स्तन कोशिकाओं से युक्त ऊतक नमूनों और सिकल सेल एनीमिया युक्त रक्त के नमूनों पर किया.

लेंस मुक्त उपकरण ने ऐसी छवियां प्रस्तुत कि जो परंपरागत ब्राइट– फिल्ड ऑपटिकल माइक्रोस्कोप द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली छवियों की तुलना में कई हजार गुणा बड़ी थीं.

पृष्ठभूमि
पैथोलोजी नमूनों में माइक्रोस्केल सुविधाओं की ऑप्टिकल परीक्षा रोग का निदान करने के लिए प्रमुख मानकों में से एक है. हालांकि, परंपरागत लाइट माइक्रोस्कोप का प्रयोग उसकी उच्च लागत, लेंस आधारित ऑप्टिक्स की स्थूलता, देखने का छोटा क्षेत्र (एफओवी) और पार्श्व स्कैनिंग एवं 3D फोकस समायोजन की जरूरतों की वजह से आंशिक रूप से सिमित हो गया है.