Search

विश्वविद्यालय और कॉलेज कैंपस में नहीं बिकेगा जंक फूड: यूजीसी

यूजीसी ने विभिन्न विवि और कॉलेजों को इस संदर्भ में निर्देश जारी किया है. यह पत्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक निर्देश के बाद जारी किया गया है. मंत्रालय ने यूजीसी को उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था.

Aug 24, 2018 15:51 IST

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 21 अगस्त 2018 को सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने परिसरों में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है.

यूजीसी ने विभिन्न विश्वविद्यालय और कॉलेजों को इस संदर्भ में निर्देश जारी किया है. यह पत्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक निर्देश के बाद जारी किया गया है. मंत्रालय ने यूजीसी को उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था.

                         उद्देश्य:

यूजीसी ने कहा की कॉलेजों में जंक फूड को प्रतिबंधित करना नए मानदंड स्थापित करेगा, छात्रों के जीवन को बेहतर बनाएगा, सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा और उनमें मोटापे को कम करेगा. यह छात्रों को रोगों से बचाएगा.

 

विश्वविद्यालय और कॉलेजों के परिसर में जंक फूड की बिक्री पर प्रतिबंध नवंबर 2016 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक निर्देश के बाद लगाया गया था. अब यूजीसी ने संस्थानों को इसे सख्ती से लागू करने के लिए पुन: निर्देश जारी किया है.

यूजीसी के अनुसार कॉलेज परिसर में जंक फूड पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि इससे युवाओं में मोटापे का खतरा बढ़ रहा है.

           विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी):

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) केन्द्रीय सरकार का एक उपक्रम है. यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को अनुदान प्रदान करता है. यही आयोग विश्वविद्यालयों को मान्यता भी देता है. इसका मुख्यालय नयी दिल्ली में है और इसके छः क्षेत्रीय कार्यालय पुणे, भोपाल, कोलकाता, हैदराबाद, गुवाहाटी एवं बंगलुरु में हैं.

 

सीबीएसई द्वारा उठाया गया कदम:

इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इसी तरह का एक कदम उठाया था, जिसने सभी संबद्ध स्कूलों को अपने कैंटीन की मेन्यू से जंक फूड हटाने का निर्देश दिया था. स्कूलों को छात्रों के लंच बॉक्स की जांच करने, पोषक भोजन के बारे में जागरूकता पैदा करने और छात्रों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने को भी कहा गया था.

महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा स्कूलों में वसा, नमक और चीनी की अधिकता वाले भोजन के उपभोग पर एक रिपोर्ट देने के बाद यह परिपत्र जारी किया गया.

यह भी पढ़ें: सरकार ने यूजीसी को समाप्त करके नया आयोग बनाने हेतु प्रस्ताव पेश किया